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Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   sports policy is for sportsman, not for politicians : viz

खेल नीति खिलाड़ियों के लिए है, राजनीतिज्ञों के नहीं : विज

Sun, 01 Nov 2015 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Sun, 01 Nov 2015 12:37 AM IST
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 स्वास्थ्य और खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि खेल नीति खिलाड़ियों के लिए है, राजनीतिज्ञों के नहीं। शनिवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में पत्रकारों बातचीत के दौरान कही। विपक्ष के नेता अभय चौटाला द्वारा नई खेल नीति पर की गई टिप्पणी से संबंधित सवाल उन्होंने कहा कि नई खेल नीति खिलाड़ियों के हितों के लिए बनाई गई है और इसे हरियाणा के साथ-साथ देश के सभी खिलाड़ियों ने सराहा है। 

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विज ने कहा कि खेल के नाम पर राजनीति करने से खिलाड़ियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन का मामला दो राजनैतिक घरानों के अहम की लड़ाई का शिकार होकर रह गया है और दोनों दल अस्तित्व के लिए कोर्ट में लड़ रहे हैं। पूर्व की एसोसिएशनों को भंग करके खिलाड़ियों के हित में नई ओलंपिक एसोसिएशन का चुनाव कराना चाहिए ताकि सभी खेल प्रतिस्पर्धाएं सुचारू रूप से चलाई जा सकें। 

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पूर्व सीएम को प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा वर्तमान सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल के सम्बन्ध में जारी किए गए प्रश्न पत्र पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जवाब का समर्थन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को ऐसे प्रश्न पूछने का कोई हक नहीं है। प्रश्न पत्र वह लोग तैयार करते हैं, जिन्होंने खुद परीक्षा पास की हो। पूर्व मुख्यमंत्री व उनकी पार्टी न केवल चुनाव हारी है बल्कि विपक्ष का नेता बनने की स्थिति में भी नही है और प्रदेश में उनका दल तीसरे स्थान पर है। कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा में विधायक दल का नेता तक नही बनाया और वह इस तरह के प्रश्न पूछकर लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा सहित उनके दूसरे मंत्री और विधायकों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और नैतिक आधार पर उन्हें इस तरह का कोई प्रश्न पूछने का हक नहीं है।

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डॉक्टरों का वेतन शीघ्र बढ़ेगा 

हरियाणा में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों का वेतन बढ़ाने के लिए शीघ्र ही फैसला लिया जाएगा। निजी क्षेत्र के अस्पतालों में अधिक वेतन के कारण सरकारी चिकित्सकों को अधिक समय तक सेवा में बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है। इसके अलावा शीघ्र ही एक हजार नए चिकित्सकों की भर्ती भी की जाएगी ताकि प्रदेश के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सके। पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए भी 2800 से अधिक कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा  सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार के टेस्टों के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए भी 64 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध करवाया गया है।

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