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8.4 किलो चूरापोस्त के साथ तस्कर गिरफ्तार
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जीआरपी ने बुधवार रात एक नशा तस्कर को 8 किलो 400 ग्राम चूरापोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पंजाब के मोरिंडा निवासी 69 वर्षीय अजीत सिंह के रूप में हुई। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह पंजाब से ट्रक की चैसी लेकर कोलकाता के हुबली गया था, वहां से सस्ते दाम पर चूरापोस्त लेकर आया था। उसने बताया कि वह पहले भी 2-3 बार चूरापोस्त लेकर ट्रेन के माध्यम से पंजाब जा चुका है। बरामद हुए चूरापोस्त की कीमत करीब 45 हजार रुपये है।
नशा तस्कर के खुलासे के बाद जीआरपी ने स्टेशन पर चौकसी काफी बढ़ा दी है। इसका कारण यह है कि चालक पंजाब की कंपनियों में बने ट्रैक्टर व ट्रक की चैसी लेकर कोलकाता, मडगांव व मध्यप्रदेश सहित दूसरे राज्यों से नशा तस्करी के खेल को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। यह खुलासा जीआरपी की प्राथमिक जांच व आरोपियों के कबूलनामे से सामने आया है। अब जीआरपी ने भी चालक बनकर ऐसे नशा तस्करों की धरपकड़ के लिए एसपी रेलवे संगीता कालिया के मार्गदर्शन में स्पेशल टीम का गठन किया है। पिछले एक हफ्ते में स्पेशल टीम ने लगभग सवा तीन लाख रुपये का चूरापोस्त व गांजा बरामद किया है।
13 अक्तूबर को भी पकड़ा गया था चालक
जीआरपी ने 13 अक्तूबर को भी दो आरोपियों को सवा लाख रुपये मूल्य के 25 किलो चूरा पोस्त के साथ स्टेशन पर पकड़ा था, जो मध्यप्रदेश से चूरापोस्त खरीदकर ट्रेन से अंबाला पहुंचे थे। यहां से उन्हें सड़क मार्ग से पंजाब जाना था। दोनों आरोपियों की पहचान मोहाली निवासी हरमिंदर सिंह व रुपनगर निवासी अरूण कुमार के तौर पर हुई थी। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी हरमिंदर ने बताया था कि वह रूपनगर की एक फैक्ट्री से ट्रक की चैसी लेकर मडगांव गया था। वापसी में उसने मध्यप्रदेश से चूरापोस्त खरीद था, जोकि पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर देना था।
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17 अक्तूबर को पकड़ा था गांजा
जीआरपी ने 17 अक्तूबर को भी एक नशा तस्कर को पकड़ा था। आरोपी के कब्जे से 80 हजार रुपये का 8 किलो 370 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। आरोपी की पहचान बिहार निवासी निरंजन सिंह के तौर पर हुई थी। आरोपी लुधियाना की एक फैक्ट्री में काम करता था। पैसों की कमी के कारण ही उसने बिहार से गांजा तस्करी का काम शुरू किया था।
पांच गुना दाम पर बिकता चूरापोस्त
पकड़े गए नशा तस्करों ने यह खुलासा किया है कि दूसरे राज्यों से एक हजार से पंद्रह सौ रुपये प्रति किलो चूरापेस्त मिलता है, जबकि पंजाब में यही नशा पांच से छह हजार रुपये प्रति किलो में बिकता है। बिहार और मध्यप्रदेश के नेशनल हाईवे किनारे ही चूरापोस्त व गांजा बेचने का का कार्य किया जा रहा है। ट्रैक्टर व ट्रक की चैसी लेकर दूसरे राज्यों को गए चालक बीच रास्ते ही चूरापोस्त व गांजा खरीदकर रख लेते हैं। संबंधित राज्य में डिलीवरी के बाद वह ट्रेन से नशे का सामान लेकर अपने ठिकाने की तरफ रवाना होते हैं।
नशा तस्करों पर विशेष ध्यान
त्योहारों पर ट्रेनों के माध्यम से नशा तस्करी का खेल शुरू हो जाता है। इसलिए रेलवे एसपी के मार्गदर्शन में स्पेशल टीम का गठन किया गया है, जो नशा तस्करों पर शिकंजा कसने में माहिर है। पिछले एक हफ्ते में स्पेशल टीम ने लगभग सवा तीन लाख रुपये का चूरापोस्त व गांजा बरामद किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि पंजाब की तरफ से दूसरे राज्यों में जाने वाले चालक इस खेल को अंजाम दे रहे हैं।
-विलायती राम, प्रभारी जीआरपी थाना।
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नशा तस्कर के खुलासे के बाद जीआरपी ने स्टेशन पर चौकसी काफी बढ़ा दी है। इसका कारण यह है कि चालक पंजाब की कंपनियों में बने ट्रैक्टर व ट्रक की चैसी लेकर कोलकाता, मडगांव व मध्यप्रदेश सहित दूसरे राज्यों से नशा तस्करी के खेल को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। यह खुलासा जीआरपी की प्राथमिक जांच व आरोपियों के कबूलनामे से सामने आया है। अब जीआरपी ने भी चालक बनकर ऐसे नशा तस्करों की धरपकड़ के लिए एसपी रेलवे संगीता कालिया के मार्गदर्शन में स्पेशल टीम का गठन किया है। पिछले एक हफ्ते में स्पेशल टीम ने लगभग सवा तीन लाख रुपये का चूरापोस्त व गांजा बरामद किया है।
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13 अक्तूबर को भी पकड़ा गया था चालक
जीआरपी ने 13 अक्तूबर को भी दो आरोपियों को सवा लाख रुपये मूल्य के 25 किलो चूरा पोस्त के साथ स्टेशन पर पकड़ा था, जो मध्यप्रदेश से चूरापोस्त खरीदकर ट्रेन से अंबाला पहुंचे थे। यहां से उन्हें सड़क मार्ग से पंजाब जाना था। दोनों आरोपियों की पहचान मोहाली निवासी हरमिंदर सिंह व रुपनगर निवासी अरूण कुमार के तौर पर हुई थी। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी हरमिंदर ने बताया था कि वह रूपनगर की एक फैक्ट्री से ट्रक की चैसी लेकर मडगांव गया था। वापसी में उसने मध्यप्रदेश से चूरापोस्त खरीद था, जोकि पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर देना था।
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17 अक्तूबर को पकड़ा था गांजा
जीआरपी ने 17 अक्तूबर को भी एक नशा तस्कर को पकड़ा था। आरोपी के कब्जे से 80 हजार रुपये का 8 किलो 370 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। आरोपी की पहचान बिहार निवासी निरंजन सिंह के तौर पर हुई थी। आरोपी लुधियाना की एक फैक्ट्री में काम करता था। पैसों की कमी के कारण ही उसने बिहार से गांजा तस्करी का काम शुरू किया था।
पांच गुना दाम पर बिकता चूरापोस्त
पकड़े गए नशा तस्करों ने यह खुलासा किया है कि दूसरे राज्यों से एक हजार से पंद्रह सौ रुपये प्रति किलो चूरापेस्त मिलता है, जबकि पंजाब में यही नशा पांच से छह हजार रुपये प्रति किलो में बिकता है। बिहार और मध्यप्रदेश के नेशनल हाईवे किनारे ही चूरापोस्त व गांजा बेचने का का कार्य किया जा रहा है। ट्रैक्टर व ट्रक की चैसी लेकर दूसरे राज्यों को गए चालक बीच रास्ते ही चूरापोस्त व गांजा खरीदकर रख लेते हैं। संबंधित राज्य में डिलीवरी के बाद वह ट्रेन से नशे का सामान लेकर अपने ठिकाने की तरफ रवाना होते हैं।
नशा तस्करों पर विशेष ध्यान
त्योहारों पर ट्रेनों के माध्यम से नशा तस्करी का खेल शुरू हो जाता है। इसलिए रेलवे एसपी के मार्गदर्शन में स्पेशल टीम का गठन किया गया है, जो नशा तस्करों पर शिकंजा कसने में माहिर है। पिछले एक हफ्ते में स्पेशल टीम ने लगभग सवा तीन लाख रुपये का चूरापोस्त व गांजा बरामद किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि पंजाब की तरफ से दूसरे राज्यों में जाने वाले चालक इस खेल को अंजाम दे रहे हैं।
-विलायती राम, प्रभारी जीआरपी थाना।