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एसी पैनल से निकला धुआं, थम गए शताब्दी एक्सप्रेस के पहिए
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। नई दिल्ली-कालका शताब्दी एक्सप्रेस द बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। सेंसर की मदद से शताब्दी के पहिए जाम होते ही तुरंत टेक्निकल स्टाफ हरकत में आया और एसी पैनल से निकल रहे धुएं को चेक किया। फाल्ट दुरुस्त करने के बाद लगभग 10 मिनट की देरी से शताब्दी को नई दिल्ली की तरफ रवाना किया गया।
यह घटना 31 मार्च सुबह की है। कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस नंबर 02006 सुबह लगभग 7.30 पर छावनी जंक्शन पहुंची। लगभग 5 मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन जैसे ही नई दिल्ली की तरफ रवाना हुई तो अचानक एक कोच में एसीपी हो गई। स्टेशन और ट्रेन में मौजूद अधिकारी व स्टाफ तुरंत हरकत में आए।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि कोच नंबर सी-7 के एसी पैनल से उठे धुएं के कारण आधुनिक प्रणाली से लैस सेंसर के बजते ही एसीपी यानी चेन पुलिंग हो गई। धुएं के कारण कोच में बैठे यात्रियों को तुरंत अन्य कोच में शिफ्ट किया गया। सूचना मिलते ही ट्रेन में मौजूद टेक्निकल व स्टेशन पर मौजूद सीएंडडब्लयू स्टाफ तुरंत कोच में पहुंचे और कुछ ही देर में उन्होने फॉल्ट दुरुस्त कर दिया। पूरी तसल्ली होने के बाद शताब्दी को गंतव्य की तरफ रवाना किया गया।
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सूत्रों से जानकारी मिली है कि घटना की सूचना मंडल के किसी भी अधिकारी को स्थानीय स्टाफ ने नहीं दी। दिल्ली पहुंचने के बाद मामला मंडल रेल प्रबंधक के संज्ञान में आया और उन्होंने अपने स्तर पर इसकी छानबीन की, वहीं मामले को लेकर स्टेशन निदेशक ने भी कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की क्लास लगाई है। इस मामले में ट्रेन में तैनात दो विभागीय कर्मचारियों से भी पूछताछ की जानकारी मिली है।
मामला संज्ञान में आया था। फ्यूज के कारण ही कोच में धुएं की समस्या आई थी। शताब्दी में ही मौजूद स्टाफ ने तुरंत मौके पर पहुंच समस्या का समाधान कर दिया था। ट्रेन में दिल्ली का स्टाफ था और दिल्ली में ही शताब्दी की मरम्मत का काम किया जाता है। गुरिंदर मोहन सिंह, डीआरएम, अंबाला।
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अंबाला। नई दिल्ली-कालका शताब्दी एक्सप्रेस द बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। सेंसर की मदद से शताब्दी के पहिए जाम होते ही तुरंत टेक्निकल स्टाफ हरकत में आया और एसी पैनल से निकल रहे धुएं को चेक किया। फाल्ट दुरुस्त करने के बाद लगभग 10 मिनट की देरी से शताब्दी को नई दिल्ली की तरफ रवाना किया गया।
यह घटना 31 मार्च सुबह की है। कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस नंबर 02006 सुबह लगभग 7.30 पर छावनी जंक्शन पहुंची। लगभग 5 मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन जैसे ही नई दिल्ली की तरफ रवाना हुई तो अचानक एक कोच में एसीपी हो गई। स्टेशन और ट्रेन में मौजूद अधिकारी व स्टाफ तुरंत हरकत में आए।
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प्राथमिक जांच में सामने आया कि कोच नंबर सी-7 के एसी पैनल से उठे धुएं के कारण आधुनिक प्रणाली से लैस सेंसर के बजते ही एसीपी यानी चेन पुलिंग हो गई। धुएं के कारण कोच में बैठे यात्रियों को तुरंत अन्य कोच में शिफ्ट किया गया। सूचना मिलते ही ट्रेन में मौजूद टेक्निकल व स्टेशन पर मौजूद सीएंडडब्लयू स्टाफ तुरंत कोच में पहुंचे और कुछ ही देर में उन्होने फॉल्ट दुरुस्त कर दिया। पूरी तसल्ली होने के बाद शताब्दी को गंतव्य की तरफ रवाना किया गया।
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सूत्रों से जानकारी मिली है कि घटना की सूचना मंडल के किसी भी अधिकारी को स्थानीय स्टाफ ने नहीं दी। दिल्ली पहुंचने के बाद मामला मंडल रेल प्रबंधक के संज्ञान में आया और उन्होंने अपने स्तर पर इसकी छानबीन की, वहीं मामले को लेकर स्टेशन निदेशक ने भी कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की क्लास लगाई है। इस मामले में ट्रेन में तैनात दो विभागीय कर्मचारियों से भी पूछताछ की जानकारी मिली है।
मामला संज्ञान में आया था। फ्यूज के कारण ही कोच में धुएं की समस्या आई थी। शताब्दी में ही मौजूद स्टाफ ने तुरंत मौके पर पहुंच समस्या का समाधान कर दिया था। ट्रेन में दिल्ली का स्टाफ था और दिल्ली में ही शताब्दी की मरम्मत का काम किया जाता है। गुरिंदर मोहन सिंह, डीआरएम, अंबाला।