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पुलिस पहरे के बीच सैंट्रल जेल की दीवार से गिराया पैकेट, खोलने पर छह मोबाइल बरामद
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अंबाला। सेंट्रल जेल अंबाला में कैदी व बंदियों के पास से मोबाइल फोन मिलने बंद नहीं हो रहे हैं। बुधवार एक बार फिर जेल अधीक्षक की शिकायत पर छह मोबाइल बरामद होने की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ। हैरानी की बात यह है कि यह मोबाइल कैदियों व बंदियों तक पहुंचने के लिए सेंट्रल जेल में बुर्ज नंबर-2 के पास बाहर से फेंके गए थे। यह वही दीवार है जिसके साथ लगती मुख्य रोड पर करीब डेढ़ माह से पुलिस का पहरा है। इसी तरह की वारदातों को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस ने इस मुख्य रोड को आम नागरिकों के लिए बंद कर दिया था। केवल सेक्टर वासी व संबंधित अधिकारियों को ही जाने दिया जाता है वो भी पूरी चेकिंग के साथ। कैसे मोबाइल फोन भीतर आ गए है यह जांच का विषय बन गया है। उधर, जेल अधीक्षक ने भी बलदेव नगर पुलिस में मामला दर्ज करवाने के साथ-साथ जेल के साथ वाली मार्ग के संबंध में जांच के लिए कहा कि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। बता दें कि बुधवार को बुर्ज नंबर 3 पर तैनात वार्डर जसबंत सिंह ने ड्योढ़ी में सूचना दी कि बुर्ज नंबर 2 के पास बाहर से कुछ फेंका गया है। इसकी सूचना चक्कर हेड वार्डर विक्रम को दी, जिसके बाद बुर्ज नंबर 2 के आसपास जांच की गई।
सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं कैदी व बंदी
सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने का सिलसिला सालों से चलता आ रहा है। लाख प्रयासों के बावजूद भी जेल प्रशासन किसी तरह की रोक नहीं लगा पा रहा। कैदी व बंदी भी बदलते समय के साथ हाईटेक हो गए हैं। कॉल करने के अलावा वह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते हैं। व्हाट्सएप के साथ-साथ वीडियो कॉलिंग का भी सहारा लेते हैं। बता दें कि एक साल में करीब 55 मोबाइल जेल से बरामद हो चुके हैं।
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सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं कैदी व बंदी
सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने का सिलसिला सालों से चलता आ रहा है। लाख प्रयासों के बावजूद भी जेल प्रशासन किसी तरह की रोक नहीं लगा पा रहा। कैदी व बंदी भी बदलते समय के साथ हाईटेक हो गए हैं। कॉल करने के अलावा वह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते हैं। व्हाट्सएप के साथ-साथ वीडियो कॉलिंग का भी सहारा लेते हैं। बता दें कि एक साल में करीब 55 मोबाइल जेल से बरामद हो चुके हैं।
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