फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Shortage of MPHW in health deptt

स्वास्थ्य विभाग में एमपीएचडब्ल्यू का टोटा

Sat, 09 Nov 2013 04:25 PM IST
अंबाला
अंबाला Updated Sat, 09 Nov 2013 04:25 PM IST
विज्ञापन
अंबाला। स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी मल्टी पर्पर्ज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडब्ल्यू) का जिला अंबाला में जबरदस्त टोटा है।
विज्ञापन


 दर्जन भर कर्मचारियों के जिम्मे पूरा जिला है। पिछले कुछ साल से यह स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि सीजनल बीमारियों के दौरान जनता को अपनी देखभाल खुद करनी पड़ती है, जबकि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ सलाह मशविरे तक सीमित है।

जिले में करीब नब्बे एमपीएचडब्ल्यू वर्करों की जरूरत है, जबकि काम करने वालों का संख्या दर्जन भर ही है। इन में से अधिकतर ठेके पर रखे गए हैं।

सूत्रों के अनुसार कुछ वर्करों का ठेका जल्द ही समाप्त होने वाला है। जिसके बाद स्थिति और खराब हो सकती है। यही कारण है कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।
विज्ञापन



एमपीएचडब्ल्यू वर्करों के जिम्मे वाटर सैंपलिंग, लैब वर्क, चिकित्सक के साथ ड्यूटी, सीजनल बीमारियों के दौरान मलेरिया अथवा डेंगू की स्लाइडें तैयार करना, टीबी के मरीजों तक दवाएं पहुंचाना और उनकी चेकिंग का काम है। इसके अलावा भी अन्य रूटीन के कार्य उन्हें करने होते हैं। वर्करों की कमी के कारण यह सभी सेवाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मरीज निजी क्लीनिकों पर निर्भर

यदि कहीं पर बीमारी फैलती है तो ऐसे में एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जाती है। ये कर्मचारी उस क्षेत्र में जाकर चिकित्सकों के साथ आवश्यकता के अनुसार सैंपलिंग करते हैं और ब्लड और दूसरी जरूरी चीजों के सैंपल लेते हैं। इसके बाद सैंपल चैक करने में भी ये कर्मचारी मदद करते हैं।


डेंगू और मलेरिया जैसी सीजनल बीमारियों के दौरान वर्करों की ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन इनकी संख्या सीमित होने के कारण लोग निजी क्लीनिकों और अस्पतालों पर निर्भर हैं। यही कारण है कि सिविल अस्पताल तक मरीज पहुंचते ही नहीं हैं।

सिर्फ 60 प्रतिशत भरे जाएंगे पद
स्वास्थ्य विभाग ने इन कर्मचारियों की तैनाती को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखित में भेजा है। जिला में करीब 90 एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की जरूरत है।

विभाग के अनुसार इन में से भी करीब 60 प्रतिशत कर्मचारियों की ही तैनाती होगी। वह भी नियमित होंगे या फिर ठेके पर, इसके बारे में कुछ पता नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed