{"_id":"6787f8862a6f2b186f00f679","slug":"shortage-of-facilities-in-shahzadpurs-phc-and-sub-center-ambala-news-c-36-1-ame1006-136019-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: शहजादपुर के पीएचसी और उपकेंद्र में सुविधाओं का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: शहजादपुर के पीएचसी और उपकेंद्र में सुविधाओं का टोटा
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहजादपुर। संवाद
शहजादपुर (अंबाला)। शहजादपुर में चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों और फार्मासिस्ट की कमी के कारण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में तैनात चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर ही काम चला रहे हैं। शहजादपुर सीएचसी में चार चिकित्सकों की कमी है।
इसके अलावा पांच केंद्र ऐसे हैं जिनमें कोई चिकित्सक नहीं है। वहीं मरीजों के लिए एक्स रे ओर अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं भी नहीं है। निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जबकि इस क्षेत्र में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। ऐसे में घायलों को सिटी के नागरिक अस्पताल में ही रेफर किया जाता है। सीएचसी के पास एक ही एंबुलेंस है। जिसके लिए दो चालक और तीन ईएमटी तैनात किए हैं।
रोजाना आते हैं 90 से 100 मरीज
सीएचसी शहजादपुर में रोजाना करीब 100 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में 215 गर्भवती पंजीकृत हैं। जिन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों की बजाय सीएचसी में ही आना पड़ता है। गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी अस्पताल से अनुबंध किया गया है। जहां पर अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। यहां पर पुरानी एक्स रे मशीन होने के कारण एक्स रे करने में भी परेशानी होती है। अंबली को सीएचसी तो बना दिया गया है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों के अभाव में शुरू नहीं किया है। इसलिए वहां के मरीजों का भी बार शहजादपुर पर रहता है।
विज्ञापन
एक लाख से अधिक जनसंख्या का बोझ
शहजादपुर सीएचसी के तहत 32 सब सेंटर और छह पीएचसी आती हैं। इन पर एक लाख से अधिक आबादी का बोझ है। इनमें से अधिकतर पीएचसी पर दंत चिकित्सकों को सीएचओ बनाया गया था, लेकिन निदेशालय की ओर से आयुष्मान भारत के कार्य को पूरा करने के लिए कई दंत चिकित्सकों को डयूटी पर लगाया गया है। इसलिए पीएचसी बिना चिकित्सकों के ही चल रही हैं।
स्टाफ नर्स ही दे रहीं दवाएं
शहजादपुर सीएचसी में तो फार्मासिस्ट तैनात है, लेकिन इसके तहत आने वाली पीएचसी पर दवा देने के लिए सप्ताह में दो से तीन दिन ही फार्मासिस्ट डयूटी दे पाता है। ऐसे में प्रबंधन स्टाफ नर्स के सहारे ही मरीजों को दवा दी जाती है।
हमारा प्रयास रहता है कि व्यवस्था दुरूस्त बनी रहे। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर चिकित्सकों का अभाव है। कुछ चिकित्सक नारायणगढ़ अस्पताल को भी दिए गए हैं। तो वहीं कई दंत चिकित्सक आयुष्मान भारत में डयूटी दे रहे हैं। सीएचसी पर भी चार चिकित्सकों की कमी है। उम्मीद है कि मार्च माह तक जिले को चिकित्सक मिल जाएं। नई एक्स रे मशीन के लिए भी लिखा गया है। जल्द ही उसे खरीद लिया जाएगा।
-डॉ. गुरप्रीत सिंह, एसएमओ, सीएचसी शहजादपुर, अंबाला।
विज्ञापन
इसके अलावा पांच केंद्र ऐसे हैं जिनमें कोई चिकित्सक नहीं है। वहीं मरीजों के लिए एक्स रे ओर अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं भी नहीं है। निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जबकि इस क्षेत्र में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। ऐसे में घायलों को सिटी के नागरिक अस्पताल में ही रेफर किया जाता है। सीएचसी के पास एक ही एंबुलेंस है। जिसके लिए दो चालक और तीन ईएमटी तैनात किए हैं।
विज्ञापन
रोजाना आते हैं 90 से 100 मरीज
सीएचसी शहजादपुर में रोजाना करीब 100 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में 215 गर्भवती पंजीकृत हैं। जिन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों की बजाय सीएचसी में ही आना पड़ता है। गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी अस्पताल से अनुबंध किया गया है। जहां पर अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। यहां पर पुरानी एक्स रे मशीन होने के कारण एक्स रे करने में भी परेशानी होती है। अंबली को सीएचसी तो बना दिया गया है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों के अभाव में शुरू नहीं किया है। इसलिए वहां के मरीजों का भी बार शहजादपुर पर रहता है।
विज्ञापन
एक लाख से अधिक जनसंख्या का बोझ
शहजादपुर सीएचसी के तहत 32 सब सेंटर और छह पीएचसी आती हैं। इन पर एक लाख से अधिक आबादी का बोझ है। इनमें से अधिकतर पीएचसी पर दंत चिकित्सकों को सीएचओ बनाया गया था, लेकिन निदेशालय की ओर से आयुष्मान भारत के कार्य को पूरा करने के लिए कई दंत चिकित्सकों को डयूटी पर लगाया गया है। इसलिए पीएचसी बिना चिकित्सकों के ही चल रही हैं।
स्टाफ नर्स ही दे रहीं दवाएं
शहजादपुर सीएचसी में तो फार्मासिस्ट तैनात है, लेकिन इसके तहत आने वाली पीएचसी पर दवा देने के लिए सप्ताह में दो से तीन दिन ही फार्मासिस्ट डयूटी दे पाता है। ऐसे में प्रबंधन स्टाफ नर्स के सहारे ही मरीजों को दवा दी जाती है।
हमारा प्रयास रहता है कि व्यवस्था दुरूस्त बनी रहे। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर चिकित्सकों का अभाव है। कुछ चिकित्सक नारायणगढ़ अस्पताल को भी दिए गए हैं। तो वहीं कई दंत चिकित्सक आयुष्मान भारत में डयूटी दे रहे हैं। सीएचसी पर भी चार चिकित्सकों की कमी है। उम्मीद है कि मार्च माह तक जिले को चिकित्सक मिल जाएं। नई एक्स रे मशीन के लिए भी लिखा गया है। जल्द ही उसे खरीद लिया जाएगा।
-डॉ. गुरप्रीत सिंह, एसएमओ, सीएचसी शहजादपुर, अंबाला।