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शंभू टोल को चलाने का किया प्रयास तो बोर्डर पर तनावपूर्ण हुई स्थिति
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शंभू बार्डर पर वीरवार सुबह स्थिति तनावपूर्ण हो गई। टोल कर्मियों ने एनएचएआई के निर्देशानुसार सुबह 11 बजे जैसे ही टोल चालू करने का प्रयास किया। इसकी किसानों को भनक लग गई। टोल चालू करने की सूचना मिलते ही सैकड़ों किसानों ने शंभू टोल प्लाजा की ओर कूच कर दिया। किसानों को इकट्ठा होता देख आनन-फानन में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने मौके पर पहुंच कर किसानों को हालात को समझाने की कोशिश की, परंतु पुलिस इसमें पूरी तरह से नाकाम साबित रही। काफी समझाने के बाद भी किसान टोल से हटने को राजी नहीं हुए। इतना ही नहीं किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक किसानों का धरना यूं ही जारी रहेगा।
हमारा धरना शांतिपूर्वक चल रहा है, धरने की वजह से किसी को कोई परेशानी नहीं है। न ही हमारी वजह से रास्ता रुक रहा है। ऐसे में सरकार अगर जबरदस्ती हमें यहां से उठाएगी तो यह सरकार के लिए अच्छा नहीं होगा।
- कुलतार सिंह, किसान
शंभू बार्डर पर हम लोग पिछले करीब एक महीने से शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। इस दौरान न तो किसी वाहन को नुकसान पहुंचाया गया है और न ही आस पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को हमसे कोई परेशानी हैं।
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- गुरप्रीत सिंह।
जो वीएम सिंह अपने आप को आंदोलन से दूर रखने की बात कह रहा है। वह वास्तव में सरकार का ही नुमाइंदा है। जिसने कथित किसान संगठन का नाम दिया हुआ है। उसके जाने से किसान आंदोलन कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। वहीं शंभू बार्डर पर जो आज हुआ उससे भी सरकार की नीयत का पता चल गया है।
- गुलाब सिंह, उप प्रधान, भाकियू।
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हमारा धरना शांतिपूर्वक चल रहा है, धरने की वजह से किसी को कोई परेशानी नहीं है। न ही हमारी वजह से रास्ता रुक रहा है। ऐसे में सरकार अगर जबरदस्ती हमें यहां से उठाएगी तो यह सरकार के लिए अच्छा नहीं होगा।
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- कुलतार सिंह, किसान
शंभू बार्डर पर हम लोग पिछले करीब एक महीने से शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। इस दौरान न तो किसी वाहन को नुकसान पहुंचाया गया है और न ही आस पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को हमसे कोई परेशानी हैं।
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- गुरप्रीत सिंह।
जो वीएम सिंह अपने आप को आंदोलन से दूर रखने की बात कह रहा है। वह वास्तव में सरकार का ही नुमाइंदा है। जिसने कथित किसान संगठन का नाम दिया हुआ है। उसके जाने से किसान आंदोलन कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। वहीं शंभू बार्डर पर जो आज हुआ उससे भी सरकार की नीयत का पता चल गया है।
- गुलाब सिंह, उप प्रधान, भाकियू।