13 महीने बाद खुलेगा शंभू बॉर्डर: पुलिस-किसानों में कई बार हुई झड़प, आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की टाइमलाइन
हरियाणा-पंजाब खनौरी बॉर्डर पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा पत्थरों से बनी बैरिकेडिंग हटाने का कार्य तेजी से जारी है। बीती रात से ही सुरक्षा बल इस काम में जुटे हुए हैं।
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हरियाणा-पंजाब को जोड़ने वाला शंभू बॉर्डर 13 माह बाद खुलने जा रहा है। सुबह सात बजे से हरियाणा प्रशासन की तरफ से जेसीबी और हाईड्रा मशीनों के माध्यम से बॉर्डर को खोलने के लिए कवायदें शुरू कर दी गई हैं। इन 13 महीनों के दौरान किसानाें की हरियाणा पुलिस प्रशासन के साथ कई बार झड़प हुईं। इस दौरान कई किसान तो कुछ पुलिस कर्मी घायल भी हुए।
पिछले साल फरवरी में किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा प्रशासन की तरफ से सीमेंट के बेरिकडिंग लगाए गए थे। यह बेरिकेडिंग इतने मजबूत हैं कि इन्हें हटाने में पूरा एक दिन लग सकता है। संभवत: अंबाला लुधियाना राजमार्ग शुक्रवार को सुचारू हो सकता है। मगर इसको लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यह रहे 13 महीने के किसानों आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम
- 8 फरवरी, 2024: दिल्ली चलो के आह्वान के मद्देनजर केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच पहली बैठक हुई। अंबाला और अन्य जिलों में निषेधाज्ञा जारी की गई।
- 10-12 फरवरी: हरियाणा-पंजाब सीमा पर शंभू और खनौरी में किसान एकत्र होने लगे; हरियाणा में सीमाएं बंद, प्रतिबंध लगाए गए।
- 12 फरवरी: दोनों पक्षों के बीच दूसरी बैठक भी बेनतीजा रही; किसानों ने अपना मार्च जारी रखने का फैसला किया।
- 13 फरवरी: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के बैनर तले किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग को पार करने का पहला प्रयास किया; किसानों और पुलिस के बीच झड़प में कई लोग घायल हो गए।
- 14 फरवरी: किसान यूनियनों ने हरियाणा पुलिस की कई-परत वाली बैरिकेडिंग को पार करने का दूसरा प्रयास किया।
- 15 फरवरी: केंद्र सरकार ने तीसरे दौर की वार्ता के लिए किसान नेताओं को आमंत्रित किया फिर से कोई सफलता नहीं मिली।
- 18 फरवरी: दोनों पक्षों के बीच एक और दौर की बैठक बेनतीजा रही।
- 21 फरवरी: किसानों को पुलिस ने फिर से रोका, जब वे विरोध मार्च पर निकले; भटिंडा के 21 वर्षीय किसान शुभकरण सिंह की खनौरी सीमा पर गोली लगने से मौत।
- 26 नवंबर: किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने किसानों की मांगों के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया।
- 5 दिसंबर: किसानों द्वारा 101 लोगों के समूह में पैदल मार्च करने के निर्णय के बाद निषेधाज्ञा फिर से लागू की गई।
- 6 दिसंबर: पंजाब के किसानों ने मार्च रोक दिया, आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद शंभू लौट गए।
- 8 दिसंबर: 101 किसानों या मरजीवडे (जो अपनी जान देने के लिए तैयार हैं) के समूह को पुलिस ने फिर से अपने दूसरे प्रयास में पीछे धकेल दिया।
- 14 दिसंबर: पहलवान और ओलंपियन बजरंग पुनिया, डल्लेवाल और किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए शंभू सीमा पर विरोध स्थल पर पहुंचे।
- 19 जनवरी, 2025: डल्लेवाल ने लगभग दो महीने की भूख हड़ताल के बाद चिकित्सा सहायता के लिए सहमति व्यक्त की, क्योंकि केंद्र सरकार ने 14 फरवरी को इस साल पहली बैठक के लिए किसानों को आमंत्रित किया।
- 14 फरवरी: 2025 में पहली दौर की बैठक हुई किसानों के विरोध प्रदर्शन की पहली वर्षगांठ मनाने के एक दिन बाद, वार्ता बेनतीजा रही।
- 23 फरवरी: दूसरे दौर की वार्ता हुई, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसे भी अनसुलझा घोषित कर दिया गया।
- 19 मार्च: चंडीगढ़ में तीसरे दौर की वार्ता हुई, लेकिन इसे 4 मई तक के लिए टाल दिया गया; मोहाली में प्रवेश करते ही पुलिस ने दर्जनों किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया।
खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग हटाने का काम जारी, पुलिस अलर्ट
हरियाणा-पंजाब खनौरी बॉर्डर पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा पत्थरों से बनी बैरिकेडिंग हटाने का कार्य तेजी से जारी है। बीती रात से ही सुरक्षा बल इस काम में जुटे हुए हैं।
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लगभग एक साल पहले किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए यह बैरिकेडिंग लगाई गई थी, जिससे रास्ता पूरी तरह से बंद था। इस वजह से पंजाब जाने वाले वाहनों को 15 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था।
आज शाम तक रास्ता खुलने की उम्मीद
प्रशासन का प्रयास है कि शाम तक रास्ता पूरी तरह से खोल दिया जाए, ताकि यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सके। हालांकि, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस हाई अलर्ट पर है।
- नरवाना से खनौरी की ओर आवागमन पर रोक
- बॉर्डर के पास इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद
- हरियाणा पुलिस ने नाकों पर कड़ी निगरानी शुरू की
फिलहाल, किसान संगठनों की ओर से कोई नई रणनीति घोषित नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि बॉर्डर खाली होने के बाद वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी जाएगी।