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आतंकी सूचना पर यार्ड में रोकी सरयू-यमुना एक्सप्रेस, डॉग स्क्वायड की मदद से 30 जवानों ने खंगाली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 02:18 AM IST
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saryu yamun express stopped in the yard on trrorist information
सरयू यमुना एक्सप्रेस में दो संदिग्ध आतंकी सवार हो गए हैं। मंगलवार शाम आरपीएफ कंट्रोल पर आए इस संदेश के बाद हड़कंप मच गया। 2 आतंकवादी/संदिग्ध की तलाश में पंजाब से आई रेलगाड़ी को रेलवे यार्ड में ही रोक लिया गया। इसके बाद डॉग स्क्वायड के साथ आरपीएफ के 30 जवानों ने रेलगाड़ी का चप्पा-चप्पा छान मारा। लेकिन उन्हें जिन संदिग्ध और आतंकियों की तलाश थी वह नहीं मिले। जांच के बाद रेलगाड़ी को छावनी रेलवे स्टेशन पर लाया गया। तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांसे ली।
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दरअसल उत्तर रेलवे का छावनी रेलवे स्टेशन हमेशा से आतंकवादियों और संदिग्ध लोगों के निशाने पर रहा है। स्टेशन को उड़ाने की कई बार धमकी भी मिल चुकी है। वहीं लगभग 10 साल पहले स्टेशन की पार्किंग से आरडीएक्स से भरी एक कार भी मिल चुकी है। इसलिए आरपीएफ, जीआरपी व अन्य खुफिया एजेंसियां स्टेशन की सुरक्षा को लेकर काफी सक्रिय रहती हैं ताकि शरारती व सदिंग्ध लोगों पर शिकंजा कस यात्रियों और रेलगाडिय़ों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके। कंट्रोल पर आए संदिग्धों की धरपकड़ के संदेश ने हड़कंप मचा दिया और आनन-फानन में तैयार फोर्स ने छावनी रेल यार्ड में ट्रेन के आते ही चप्पे-चप्पे की तलाशी ली।
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सुरक्षा के लिए यार्ड में ही रोकी रेल
रेलवे का सिस्टम पूरी तरह चाकचौबंद है। इसलिए इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। सिस्टम के हिसाब से ही प्रत्येक रेलगाड़ी को उसके निर्धारित प्लेटफार्म पर भेजने की प्रक्रिया है। इसलिए रेलगाड़ी को प्लेटफार्म से पहले यार्ड मे रोकने के लिए बाकायदा आरपीएफ की तरफ से लिखित रूप में इजाजत ली गई।
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होम सिग्नल 70 के पास रोकी ट्रेन
आरपीएफ ने सरयू-यमुना एक्सप्रेस की तलाशी लेने के लिए यार्ड को ही उचित समझा ताकि प्लेटफार्म पर ट्रेन के आने के बाद यात्रियों में डर का माहौल पैदा न हो और न ही अफरा-तफरी मचे। इसलिए ट्रेन को अंबाला-लुधियाना रेल यार्ड के होम सिग्नल 70 पर रोका गया ताकि आराम से रेलगाड़ी की जांच हो सके।
फुल प्रूफ सुरक्षा में खंगाली रेलगाड़ी
आंतकवादी/संदिग्ध की धरपकड़ के लिए आरपीएफ की तरफ से फुल प्रूफ प्लान तैयार किया गया था ताकि दोनों संदिग्धों को भागने का मौका न मिले। इसके लिए भी आरपीएफ की तरफ बाकायदा लिखित इजाजत ली गई थी।
5 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंचनी थी ट्रेन
रेलगाड़ी अमृतसर रेलवे स्टेशन से दोपहर लगभग 12 बजे रवाना हुई थी और शाम लगभग 5 बजे रेलगाड़ी को छावनी रेलवे स्टेशन पहुंचना था, लेकिन रेलगाड़ी को 20 मिनट तक जांच के लिए आउटर पर रोके रखा गया।
खन्ना से चल रही थी जांच
दरअसल संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पंजाब के खन्ना रेलवे स्टेशन से ही जांच चल रही थी। बीच रास्ते कई यात्री रेलगाड़ी से उतरे और कई सवार हुए। इसलिए संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छावनी रेलवे स्टेशन का यार्ड निर्धारित किया गया।
पहले भी मिल चुकी है धमकियां
छावनी रेलवे स्टेशन को उड़ाने की कई बार धमकियां मिल चुक थी हैं। 2 बार स्टेशन डायरेक्टर कार्यालय में पत्र भी आ चुका है। यही नहीं आरपीएफ के कंट्रोल पर भी एक बार स्टेशन को उड़ाने का संदेश मिल चुका है। लगभग 10 साल पहले स्टेशन की पार्किंग में खड़ी इंडिका कार से भारी मात्रा में आरडीएक्स भी मिला था जो अंबाला को हिलाने के लिए काफी था।

मामला काफी संवेदनशील है। रेलगाड़ी को यार्ड में जरूर रोका गया था और जांच की गई थी, अभी इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच के बाद जरूर बताया जाएगा।
चौका रघुवीर, वरिष्ठ कमांडर सुरक्षा आयुक्त, अंबाला मंडल।
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