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Ambala News: 10 मीटर एयर पिस्टल में सरबजोत ने जीता कांस्य पदक, पेरिस ओलंपिक में जगह पक्की
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मुलाना। धीन गांव के रहने वाले स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज सरबजोत सिंह ने कोरिया में आयोजित 15वीं एशियन चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। साथ ही पेरिस ओलंपिक में अपना स्थान पक्का कर लिया। सरबजोत ने फाइनल में 221.1 का स्कोर किया। जिससे भारत को पहला ओलंपिक कोटा मिला। सरबजोत की इस उपलब्धि पर परिजनों में खुशी का माहौल है। सरबजोत के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
सरबजोत सिंह पिछले सात सालों से निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। 2016 से वह अभिषेक राणा कोचिंग एकेडमी में कोचिंग ले रहा है। सरबजोत 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग की विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीत चुका है। आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में दो स्वर्ण, आईएसएसएफ जूनियर कप में एक और एशियन चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके अलावा वह आईएसएसएफ जूनियर कप में दो रजत पदक जीत चुका हैं। एशियाई खेल 2023 में उसने टीम प्रतियोगिता में स्वर्ण व रजत पदक भारत की झोली में डाला था।
बेटे के नाम से जानते हैं लोग
सरबजोत के पिता किसान जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह बहुत मेहनती है। पिस्टल शूटिंग में उसने दिन-रात मेहनत की है। आज मुझे सरबजोत के नाम से जानते हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। वहीं बेटे ने देश के लिए मेडल लाकर मेरा सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
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सरबजोत सिंह पिछले सात सालों से निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। 2016 से वह अभिषेक राणा कोचिंग एकेडमी में कोचिंग ले रहा है। सरबजोत 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग की विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीत चुका है। आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में दो स्वर्ण, आईएसएसएफ जूनियर कप में एक और एशियन चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके अलावा वह आईएसएसएफ जूनियर कप में दो रजत पदक जीत चुका हैं। एशियाई खेल 2023 में उसने टीम प्रतियोगिता में स्वर्ण व रजत पदक भारत की झोली में डाला था।
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बेटे के नाम से जानते हैं लोग
सरबजोत के पिता किसान जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह बहुत मेहनती है। पिस्टल शूटिंग में उसने दिन-रात मेहनत की है। आज मुझे सरबजोत के नाम से जानते हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। वहीं बेटे ने देश के लिए मेडल लाकर मेरा सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
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