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Ambala News: साहा स्टेडियम बदहाल, अधर में छोड़ा मरम्मत का काम
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साहा के स्टेडियम में टूटे गेट। संवाद
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- बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी और कचरे के लगे ढेर, रखरखाव के नहीं इंतजाम
हिमांशू
साहा। गांव का खेल स्टेडियम प्रशासनिक बेरुखी का शिकार हो गया है। खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से बनाया गया यह स्टेडियम अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कुछ समय पहले स्टेडियम के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया था, लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया गया। इसके चलते खिलाड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे परिसर में जगह-जगह बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं और कचरे के ढेर लगे हैं। स्टेडियम के रखरखाव का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। अव्यवस्था के कारण बुजुर्गों ने भी यहां आकर वॉलीबॉल खेलना बंद कर दिया है।
साहा स्टेडियम में एक इनडोर हॉल भी है, जहां स्थानीय खिलाड़ी बैडमिंटन खेलते थे। देखरेख के अभाव में इस हॉल की स्थिति भी खराब हो चुकी है। प्रशासन की तरफ से यहां कोई सुविधा नहीं है। खिलाड़ियों ने खुद पैसे जमा करके हॉल में लाइट का कनेक्शन करवाया था। जीर्णोद्धार के नाम पर ठेकेदार ने हॉल और परिसर की टाइलें उखाड़ दीं, लेकिन उन्हें दोबारा ठीक नहीं किया। उखड़ी पड़ी टाइलें अब हादसों को न्योता दे रही हैं।
सुधार की मांग
साहा निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि स्टेडियम का काफी बुरा हाल है। नवीनीकरण के नाम पर टाइलें उखाड़ दी गईं, जिन्हें तुरंत ठीक किया जाना चाहिए था। इस लापरवाही के कारण खिलाड़ी धीरे-धीरे स्टेडियम से दूर होते जा रहे हैं।
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खिलाड़ी बोले-
स्टेडियम की बदहाली के कारण हमारी महीनों की मेहनत और खेल का अभ्यास पूरी तरह ठप हो गया है।
- लवप्रीत
प्रशासन ने जीर्णोद्धार के नाम पर बची सुविधाएं भी छीन लीं, उखड़ी टाइलें अब चोट को न्योता दे रही हैं।
गौरव
अगर सरकार ने जल्द ही इस मैदान को ठीक नहीं कराया, तो साहा के युवा खेलों से पूरी तरह दूर हो जाएंगे।
— विशाल
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हिमांशू
साहा। गांव का खेल स्टेडियम प्रशासनिक बेरुखी का शिकार हो गया है। खिलाड़ियों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से बनाया गया यह स्टेडियम अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कुछ समय पहले स्टेडियम के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया था, लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया गया। इसके चलते खिलाड़ियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे परिसर में जगह-जगह बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं और कचरे के ढेर लगे हैं। स्टेडियम के रखरखाव का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। अव्यवस्था के कारण बुजुर्गों ने भी यहां आकर वॉलीबॉल खेलना बंद कर दिया है।
साहा स्टेडियम में एक इनडोर हॉल भी है, जहां स्थानीय खिलाड़ी बैडमिंटन खेलते थे। देखरेख के अभाव में इस हॉल की स्थिति भी खराब हो चुकी है। प्रशासन की तरफ से यहां कोई सुविधा नहीं है। खिलाड़ियों ने खुद पैसे जमा करके हॉल में लाइट का कनेक्शन करवाया था। जीर्णोद्धार के नाम पर ठेकेदार ने हॉल और परिसर की टाइलें उखाड़ दीं, लेकिन उन्हें दोबारा ठीक नहीं किया। उखड़ी पड़ी टाइलें अब हादसों को न्योता दे रही हैं।
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सुधार की मांग
साहा निवासी प्रेम कुमार ने बताया कि स्टेडियम का काफी बुरा हाल है। नवीनीकरण के नाम पर टाइलें उखाड़ दी गईं, जिन्हें तुरंत ठीक किया जाना चाहिए था। इस लापरवाही के कारण खिलाड़ी धीरे-धीरे स्टेडियम से दूर होते जा रहे हैं।
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खिलाड़ी बोले-
स्टेडियम की बदहाली के कारण हमारी महीनों की मेहनत और खेल का अभ्यास पूरी तरह ठप हो गया है।
- लवप्रीत
प्रशासन ने जीर्णोद्धार के नाम पर बची सुविधाएं भी छीन लीं, उखड़ी टाइलें अब चोट को न्योता दे रही हैं।
गौरव
अगर सरकार ने जल्द ही इस मैदान को ठीक नहीं कराया, तो साहा के युवा खेलों से पूरी तरह दूर हो जाएंगे।
— विशाल

साहा के स्टेडियम में टूटे गेट। संवाद