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नागरिक अस्पताल में रोटेटर कफ टियर की हुई पहली सफल सर्जरी
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जिला नागरिक अस्पताल अंबाला शहर
- फोटो : Ambala
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रोटेटर कफ टियर की समस्या से जूझ रहे मरीजों को अब प्राइवेट अस्पतालों में धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला नागरिक अस्पताल में ही मरीजों को यह इलाज उपलब्ध करवाया जाएगा। डॉ. निशांत सेतिया और उनकी टीम यहीं पर मरीजों को इस समस्या से निजात दिलाएगी।
रोटेटर कफ टियर कंधे की चोट होती है। इसमें कंधे को घुमाने के साथ-साथ उसे मोड़ने तक में दिक्कत आ जाती हैं और सूजन शुरू हो जाती है। रोटेटर कफ मांसपेशियों और टेंडस का समूह है, कंधों के जोड़ों के पास होता है और हमारे हाथों को मोड़ने-घुमाने में मदद करता है। रोटेटर कफ की मोटाई मात्र पांच मिलीमीटर होती है। इसलिए कई बार गिरने-फिसलने या टक्कर जैसी मामूली घटनाओं से भी रोटेटर कफ में दर्द की समस्या हो जाती है। ऐसी ही समस्या से जूझ रही बाबैन कुरुक्षेत्र की 62 वर्षीय महिला जीतो का जिला नागरिक अस्पताल में दूरबीन से सफल ऑपरेशन किया गया। प्राइवेट अस्पताल में इस बीमारी का ऑपरेशन करवाने पर करीब सवा लाख से डेढ़ लाख रुपये तक खर्चा आता है। लेकिन बुजुर्ग महिला को आयुष्मान भारत योजना के तहत यह लाभ नागरिक अस्पताल में मुहैया करवाया गया।
बिना बेहोशी के किया ऑपरेशन
डॉ. निशांत सेतिया ने बताया कि रोटेटर कफ टियर की सर्जरी के लिए व्यक्ति बेहोश करना पड़ता है। लेकिन डॉ. हरिश गोयल (एनिथिया) ने केवल चोट वाले हिस्से को सुन्न करके ही इस जटिल ऑपरेशन को सफलता पूर्वक करवाने में सहयोग किया। इस दौरान डॉ. विनोद कंबोज भी शामिल रहे।
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62 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन किया गया है। डॉ. निशांत सेतिया और उनकी टीम ने दूरबीन से यह ऑपरेशन किया है। अब हड्डी के जटिल से जटिल ऑपरेशन के लिए मरीजों को पीजीआई के धक्के नहीं खाने होंगे।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।
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रोटेटर कफ टियर कंधे की चोट होती है। इसमें कंधे को घुमाने के साथ-साथ उसे मोड़ने तक में दिक्कत आ जाती हैं और सूजन शुरू हो जाती है। रोटेटर कफ मांसपेशियों और टेंडस का समूह है, कंधों के जोड़ों के पास होता है और हमारे हाथों को मोड़ने-घुमाने में मदद करता है। रोटेटर कफ की मोटाई मात्र पांच मिलीमीटर होती है। इसलिए कई बार गिरने-फिसलने या टक्कर जैसी मामूली घटनाओं से भी रोटेटर कफ में दर्द की समस्या हो जाती है। ऐसी ही समस्या से जूझ रही बाबैन कुरुक्षेत्र की 62 वर्षीय महिला जीतो का जिला नागरिक अस्पताल में दूरबीन से सफल ऑपरेशन किया गया। प्राइवेट अस्पताल में इस बीमारी का ऑपरेशन करवाने पर करीब सवा लाख से डेढ़ लाख रुपये तक खर्चा आता है। लेकिन बुजुर्ग महिला को आयुष्मान भारत योजना के तहत यह लाभ नागरिक अस्पताल में मुहैया करवाया गया।
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बिना बेहोशी के किया ऑपरेशन
डॉ. निशांत सेतिया ने बताया कि रोटेटर कफ टियर की सर्जरी के लिए व्यक्ति बेहोश करना पड़ता है। लेकिन डॉ. हरिश गोयल (एनिथिया) ने केवल चोट वाले हिस्से को सुन्न करके ही इस जटिल ऑपरेशन को सफलता पूर्वक करवाने में सहयोग किया। इस दौरान डॉ. विनोद कंबोज भी शामिल रहे।
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62 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन किया गया है। डॉ. निशांत सेतिया और उनकी टीम ने दूरबीन से यह ऑपरेशन किया है। अब हड्डी के जटिल से जटिल ऑपरेशन के लिए मरीजों को पीजीआई के धक्के नहीं खाने होंगे।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।