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संसद में कानून रद्द होने पर मनेगा जिले में असली जश्न
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प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि कानूनों की वापसी के एलान के बाद से ही शंभू बॉर्डर सहित जिले भर में किसानों ने कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान किसानों ने जगह-जगह लड्डू वितरित किए और ढोल की धुन पर खूब नृत्य किया। वहीं भाकियू पदाधिकारियों ने अभी किसानों को खुशी को बचाकर रखने के लिए कहा है। उनका कहना है कि गुरुपर्व के बाद अब असली खुशी तब मनाई जाएगी, जब संसद में तीनों कृषि कानूनों को संवैधानिक रूप से रद्द कर दिया जाएगा। जब तक सरकार एमएससी पर लिखित में रूप में गांरटी नहीं देती है, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान भाकियू पदाधिकारियों समेत अन्य राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। दूसरी ओर सुबह से रात तक किसानों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
फैसले का स्वागत करें किसान
गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अहम घोषणा का किसानों को स्वागत करना चाहिए। किसानों को अपने धरने तुरंत खत्म कर घरों को लौटना चाहिए। ताकि पिछले करीब 1 साल से चल रहा धरना खत्म हो और जो रास्ते रुके हुए हैं, वह खुल सकें।
- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा।
एक साल तक किया संघर्ष
एक साल तक किसानों ने संघर्ष किया है। उस संघर्ष का फल सभी किसानों को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर मिला है। जब तक सरकार संसद में संवैधानिक रूप से तीनों कानूनों को रद्द नहीं कर देती है, तब तक कोई भी किसान घर वापस तब तक नहीं जाएगा। आज सुबह से सभी किसान खुशी मना रहे हैं।
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- मलकीत सिंह, जिला प्रधान, भाकियू।
कानून रद्द होने पर किसानों को बधाई
किसानों के साथ कांग्रेसियों को भी बधाई। केंद्र सरकार अगर पहले यह निर्णय ले लेती तो करीब 700 बेकसूर किसानों को जान न गंवानी पड़ती। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही कांग्रेस इन कानूनों का विरोध कर रही है। ये तीनों कानून असंवैधानिक हैं। किसान कभी भी भाजपा सरकार को माफ नहीं करेंगे।
- रोहित जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी।
सराहनीय कदम, स्वागत करते हैं
गुरु नानक देव जी के पावन प्रकाश पर्व पर तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐतिहासिक फैसला सरकार ने लिया है, इस सराहनीय कदम का स्वागत करते हैं। किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। इससे किसानों में नए दौर की शुरुआत होगी। किसान नई नीतियों के साथ नई ऊर्जा व हर्षोल्लास के साथ आगे बढ़ेगा।
- हरपाल सिंह कंबोज, जजपा, जिला शहरी अध्यक्ष।
किसानों के साथ भारतवासियों की जीत
संघर्ष की कभी हार नहीं होती। यह किसानों, मजदूरों व तमाम भारतवासियों की जीत है। किसानों ने यह लड़ाई मजबूती व शांतिपूर्ण ढंग से लड़ी है। सरकार को अब किसान के बाकी बचे अन्य मुद्दों पर भी बातचीत करनी चाहिए। साथ ही उसे कृषि को लाभकारी बनाने की योजनाएं बनानी चाहिए।
- निर्मल सिंह, संयोजक, हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट।
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फैसले का स्वागत करें किसान
गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई अहम घोषणा का किसानों को स्वागत करना चाहिए। किसानों को अपने धरने तुरंत खत्म कर घरों को लौटना चाहिए। ताकि पिछले करीब 1 साल से चल रहा धरना खत्म हो और जो रास्ते रुके हुए हैं, वह खुल सकें।
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- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा।
एक साल तक किया संघर्ष
एक साल तक किसानों ने संघर्ष किया है। उस संघर्ष का फल सभी किसानों को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर मिला है। जब तक सरकार संसद में संवैधानिक रूप से तीनों कानूनों को रद्द नहीं कर देती है, तब तक कोई भी किसान घर वापस तब तक नहीं जाएगा। आज सुबह से सभी किसान खुशी मना रहे हैं।
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- मलकीत सिंह, जिला प्रधान, भाकियू।
कानून रद्द होने पर किसानों को बधाई
किसानों के साथ कांग्रेसियों को भी बधाई। केंद्र सरकार अगर पहले यह निर्णय ले लेती तो करीब 700 बेकसूर किसानों को जान न गंवानी पड़ती। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही कांग्रेस इन कानूनों का विरोध कर रही है। ये तीनों कानून असंवैधानिक हैं। किसान कभी भी भाजपा सरकार को माफ नहीं करेंगे।
- रोहित जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी।
सराहनीय कदम, स्वागत करते हैं
गुरु नानक देव जी के पावन प्रकाश पर्व पर तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐतिहासिक फैसला सरकार ने लिया है, इस सराहनीय कदम का स्वागत करते हैं। किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। इससे किसानों में नए दौर की शुरुआत होगी। किसान नई नीतियों के साथ नई ऊर्जा व हर्षोल्लास के साथ आगे बढ़ेगा।
- हरपाल सिंह कंबोज, जजपा, जिला शहरी अध्यक्ष।
किसानों के साथ भारतवासियों की जीत
संघर्ष की कभी हार नहीं होती। यह किसानों, मजदूरों व तमाम भारतवासियों की जीत है। किसानों ने यह लड़ाई मजबूती व शांतिपूर्ण ढंग से लड़ी है। सरकार को अब किसान के बाकी बचे अन्य मुद्दों पर भी बातचीत करनी चाहिए। साथ ही उसे कृषि को लाभकारी बनाने की योजनाएं बनानी चाहिए।
- निर्मल सिंह, संयोजक, हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट।