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Ambala News: आरडीएसओ ने शुरु की बीटीपीएन वैगन डिरेलमेंट की जांच
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अंबाला। अंबाला-चंडीगढ़ रेल खंड पर लालड़ू स्टेशन के पास हुई डिरेलमेंट मामले की जांच रेल मंत्रालय के अधीन अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) करेगा। इसकी टीम मंगलवार को अंबाला पहुंच गई और टीम ने तुरंत प्रभाव से जांच भी आरंभ कर दी है ताकि डीजल टैंकर की खामियों को दूर किया जा सके और फिर दोबारा इस प्रकार की दुर्घटना न हो।
वहीं प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस बीटीपीएन वैगन में डीजल ले जाया जा रहा था, उसकी एक मुख्य प्लेट घिस गई थी और इस कारण बीटीपीएन वैगन भार नहीं झेल पाया और वैगन को पीछे करते समय अचानक झटके से एक पहिया नीचे उतर गया। इस कारण आगे और पीछे चल रहे पांच बीटीपीएन वैगन भी बेपटरी हो गए। यह खामी सीएंडडब्लयू विभाग की तरफ निकाली गई है क्योंकि उनके अधीन ही टैंकर की देख-रेख और रख-रखाव का जिम्मा होता है। यह खुलासा विभागीय स्तर पर तैनात की गई जांच कमेटी की रिपोर्ट से हुआ है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला जे-ग्रेड के अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहेगा।
जबकि आरडीएसओ के विशेषज्ञों ने भी इस मामले को लेकर गंभीरता से पैमाइश आदि शुरु कर दी है। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पास स्थित बीसीएन यार्ड में उन सभी पांच टैंकरों को लाया गया है जोकि हादसे के समय पटरी से उतर गए थे ताकि सभी की समुचित ढंग से जांच हो सके और तकनीकी खामी की जानकारी मिल सके।
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यह था मामला
मामला तीन अप्रैल का है। अंबाला से चंडीगढ़ जा रही बीटीपीएन वैगन मालगाड़ी लालडू रेलवे स्टेशन के पास बेपटरी हो गई थी। मालगाड़ी को पीछे करते हुए यह हादसा हुआ था। इस कारण अंबाला कैंट की तरफ से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली आधा दर्जन ट्रेनें बीच रास्ते फंस गई। इसमें लखनऊ व पश्चिम एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें शामिल थीं। दोपहर लगभग दो बजे लालडू स्टेशन पर प्रवेश करते समय डीजल से भरे पांच बीटीपीएन वैगन पटरी से उतर गए। इससे अंबाला-चंडीगढ़ अप लाइन प्रभावित हो गई थी। हालांकि तीन घंटे बाद ट्रेनों का संचालन शुरु कर दिया गया था। जबकि रात दो बजे तक डिरेल हुए वैगन को मौके से हटा दिया गया था।
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वहीं प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस बीटीपीएन वैगन में डीजल ले जाया जा रहा था, उसकी एक मुख्य प्लेट घिस गई थी और इस कारण बीटीपीएन वैगन भार नहीं झेल पाया और वैगन को पीछे करते समय अचानक झटके से एक पहिया नीचे उतर गया। इस कारण आगे और पीछे चल रहे पांच बीटीपीएन वैगन भी बेपटरी हो गए। यह खामी सीएंडडब्लयू विभाग की तरफ निकाली गई है क्योंकि उनके अधीन ही टैंकर की देख-रेख और रख-रखाव का जिम्मा होता है। यह खुलासा विभागीय स्तर पर तैनात की गई जांच कमेटी की रिपोर्ट से हुआ है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला जे-ग्रेड के अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहेगा।
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जबकि आरडीएसओ के विशेषज्ञों ने भी इस मामले को लेकर गंभीरता से पैमाइश आदि शुरु कर दी है। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पास स्थित बीसीएन यार्ड में उन सभी पांच टैंकरों को लाया गया है जोकि हादसे के समय पटरी से उतर गए थे ताकि सभी की समुचित ढंग से जांच हो सके और तकनीकी खामी की जानकारी मिल सके।
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यह था मामला
मामला तीन अप्रैल का है। अंबाला से चंडीगढ़ जा रही बीटीपीएन वैगन मालगाड़ी लालडू रेलवे स्टेशन के पास बेपटरी हो गई थी। मालगाड़ी को पीछे करते हुए यह हादसा हुआ था। इस कारण अंबाला कैंट की तरफ से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली आधा दर्जन ट्रेनें बीच रास्ते फंस गई। इसमें लखनऊ व पश्चिम एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें शामिल थीं। दोपहर लगभग दो बजे लालडू स्टेशन पर प्रवेश करते समय डीजल से भरे पांच बीटीपीएन वैगन पटरी से उतर गए। इससे अंबाला-चंडीगढ़ अप लाइन प्रभावित हो गई थी। हालांकि तीन घंटे बाद ट्रेनों का संचालन शुरु कर दिया गया था। जबकि रात दो बजे तक डिरेल हुए वैगन को मौके से हटा दिया गया था।