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भूप्पी से पल-पल की जानकारी साझा करता था राकेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Apr 2021 02:10 AM IST
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rakesh sharing every information to bhuppy
सीआईए-वन की ओर से रेकी के आरोप में पकड़े गए पंचकूला, सेक्टर-17, इंदिरा कॉलोनी के राकेश कुमार ने पुलिस रिमांड में खुलासा किया है कि वह भूप्पी राणा के दुश्मनों पर पैनी नजर रखता था। विरोधी गुटों की तमाम गतिविधियों के अलावा उसने कोर्ट में पेशी पर आने वाले लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के मनीष व मनप्रीत उर्फ मन्नी पर भी नजर रखी कि वे कब, किस वाहन में आते हैं। उनके साथ कौन आता है। उसने ये जानकारी कुरुक्षेत्र जेल में बंद भूप्पी राणा को फोन के जरिए ही मुुहैया कराई। जानकारी मिलने के बाद भूप्पी ने रोमानिया से बंबीहा गैंग का संचालन कर रहे सहयोगी गैंग के लक्की (खुड्डा लाहौरा) से जानकारी साझा की।
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शार्प शूटर चस्का और मान को सौंपा था हत्या का जिम्मा
लक्की ने योजना बनाकर जैतों मंडी के शार्प शूटर नीरज चस्का और मान को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी थी। गलत जानकारी और गाड़ी के मिलते जुलते नंबरों के चलते बंबीहा गैंग ने चंडीगढ़ के मौली जांगरा के राहुल उर्फ अन्ना और प्रदीप उर्फ पंजा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस दौरान कार चालक गौरव और अश्विनी को को भी गोली लगी थी।
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प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तमाम कागजी कार्रवाई पूरी
- मामले में भूप्पी का रोल सामने आते ही सीआईए-वन ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है। कोर्ट में इस बारे याचिका भी दायर कर ली गई। पूरी उम्मीद है कि उसे आज प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ के बाद ही मामले के अनसुलझे पहलुओं से पर्दा हट पाएगा।
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यह हुई थी घटना
- दरअसल, बंबीहा गैंग ने मीत बाउंसर की मौत का बदला लेने के लिए मनीष व मनप्रीत उर्फ मन्नी की हत्या करनी थी लेकिन उन्होंने अंजाने में अपनों को ही मार डाला। पहले फेसबुक पोस्ट पर हत्या की जिम्मेदारी ली लेकिन राहुल व प्रदीप की मौत का पता चलते ही पोस्ट डिलीट कर दी थी। उसके बाद दोनों को हर हाल में मारने की चेतावनी दी थी। शूटरों को वेरना कार के नंबर उपलब्ध कराए थे लेकिन मनीष दूसरी गाड़ी में आने के कारण बच गया।

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तफ्तीश में सामने आया है कि राकेश कुुमार भूप्पी के लिए रेकी करता था। वहीं कोर्ट में आने वाले विरोधी गुट के सदस्यों की पेशी, गाड़ी के नंबर व अन्य जानकारी जुटाकर भूप्पी को उपलब्ध कराता था। इसी आधार पर पूरे हत्याकांड की साजिश रची गई जोकि अंजाने में फेल हो गई। भूप्पी को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
- संदीप कुमार, इंचार्ज सीआईए-वन।
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