{"_id":"5e581cf78ebc3ef3a7641a9c","slug":"railway-ambala-news-knl23625834","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी: सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद अब वीआरएस लेकर अपने बच्चों को नौकरी पर लगवा सकेंगे रेलवे कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबरी: सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद अब वीआरएस लेकर अपने बच्चों को नौकरी पर लगवा सकेंगे रेलवे कर्मी
विज्ञापन
रेलवे के लारजेस स्कीम शुरू होने की खुशी में एक दूसरे को बधाई देते यूआरकेयू पदाधिकारी।
- फोटो : Ambala
अंबाला। रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत के साथ खुशबरी है। अब रेलवे कर्मचारियों के बच्चे लारजेस स्कीम के तहत रेलवे में नौकरी कर पाएंगे। उत्तर रेलवे कर्मचारी द्वारा रेलवे कर्मचारी हित में किए गए केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले (5 मार्च 2019) के बाद रेलवे ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इस फैसले से रेलवे में कार्यरत और इस स्कीम का लाभ लेने की बाट जोह रहे लगभग 3000 कर्मचारियों को फायदा होगा। जैसे ही 26 फरवरी की शाम इस बारे में रेलवे ने नोटिफिकेशन जारी किया वैसे ही कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। वीरवार को कर्मचारियों ने इस एक दूजे को गले लगाकर बधाई देते हुए मुंह मीठा करवाया।
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी यादराम ने बताया कि रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए 2017 में लारजेस स्कीम को बंद कर दिया था। रेलवे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। कोर्ट ने लाखों कर्मचारियों की आवाज को सुना और तुरंत प्रभाव से पहले आदेशों को निरस्त करते हुए नए आदेश पारित किए ताकि रेलवे कर्मचारी अपने बेरोजगार बच्चों का भविष्य संवार कर उन्हें भी नौकरी करने का सुअवसर प्रदान कर सकें।
मेडिकल फिट कर्मचारियों को होगा फायदा
रेलवे बोर्ड ने 26 फरवरी शाम को आदेश निकाल कर जानकारी दी कि लारजेस स्कीम को दोबारा शुरू किया जा रहा है। इसमें 24 अक्तूबर 2017 से पहले के उन कर्मचारियों के बच्चों को फायदा मिलेगा जिन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उनका मेडिकल भी हो गया है और इसमें वह फिट पाए गए हैं, इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं।
विज्ञापन
क्या है लारजेस स्कीम
रेलवे ने ऐसे कर्मचारी जोकि किसी कारणवश काम नहीं कर पा रहे, उनके लिए मेडिकल आधार पर लारजेस स्कीम की शुरूआत की गई थी। इस स्कीम के तहत सेफ्टी कर्मचारी अपनी नौकरी के 10 साल बाद वीआरएस लेकर अपनी जगह अपने बच्चे को लगवा सकते हैं।
पांच डिवीजन के हजारों कर्मचारियों को होगा फायदा
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी यादराम ने बताया कि उक्त आदेश दिल्ली, मुरादाबाद, अंबाला,लखनऊ व फिरोजपुर मंडल के हजारों कर्मचारियों को होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मंडल में लगभग 450-500 कर्मचारी हैं जो आदेशों का इंतजार कर रहे थे। इस योजना के तहत प्वाइंट्स मैन, शंटमैन, लीवरमैन, गेटमैन, ट्रैफिक पोटर, ट्रॉली मैन, कीमैन, हेल्पर/खलासी, सीएंडडब्ल्यू फीटर, डीजल शेड एम्पलाय, ट्रेन लाइटिंग एम्पलाय, एसी फीटर, क्रेन जमादार व खलासी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
पर्सनल विभाग ने जारी किए आदेश
उत्तर रेलवे जीएम पर्सनल अधिकारी रमन कुमार शर्मा ने उक्त आदेशों को जारी करते हुए सभी पांचों मंडल अध्यक्षों को पत्र भेजा है कि तुरंत प्रभाव से उक्त प्रक्रिया के तहत कार्रवाई अमल में लाएं और इसकी जानकारी विभाग तक पहुंचाएं।
विज्ञापन
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी यादराम ने बताया कि रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए 2017 में लारजेस स्कीम को बंद कर दिया था। रेलवे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। कोर्ट ने लाखों कर्मचारियों की आवाज को सुना और तुरंत प्रभाव से पहले आदेशों को निरस्त करते हुए नए आदेश पारित किए ताकि रेलवे कर्मचारी अपने बेरोजगार बच्चों का भविष्य संवार कर उन्हें भी नौकरी करने का सुअवसर प्रदान कर सकें।
विज्ञापन
मेडिकल फिट कर्मचारियों को होगा फायदा
रेलवे बोर्ड ने 26 फरवरी शाम को आदेश निकाल कर जानकारी दी कि लारजेस स्कीम को दोबारा शुरू किया जा रहा है। इसमें 24 अक्तूबर 2017 से पहले के उन कर्मचारियों के बच्चों को फायदा मिलेगा जिन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उनका मेडिकल भी हो गया है और इसमें वह फिट पाए गए हैं, इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं।
विज्ञापन
क्या है लारजेस स्कीम
रेलवे ने ऐसे कर्मचारी जोकि किसी कारणवश काम नहीं कर पा रहे, उनके लिए मेडिकल आधार पर लारजेस स्कीम की शुरूआत की गई थी। इस स्कीम के तहत सेफ्टी कर्मचारी अपनी नौकरी के 10 साल बाद वीआरएस लेकर अपनी जगह अपने बच्चे को लगवा सकते हैं।
पांच डिवीजन के हजारों कर्मचारियों को होगा फायदा
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी यादराम ने बताया कि उक्त आदेश दिल्ली, मुरादाबाद, अंबाला,लखनऊ व फिरोजपुर मंडल के हजारों कर्मचारियों को होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मंडल में लगभग 450-500 कर्मचारी हैं जो आदेशों का इंतजार कर रहे थे। इस योजना के तहत प्वाइंट्स मैन, शंटमैन, लीवरमैन, गेटमैन, ट्रैफिक पोटर, ट्रॉली मैन, कीमैन, हेल्पर/खलासी, सीएंडडब्ल्यू फीटर, डीजल शेड एम्पलाय, ट्रेन लाइटिंग एम्पलाय, एसी फीटर, क्रेन जमादार व खलासी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
पर्सनल विभाग ने जारी किए आदेश
उत्तर रेलवे जीएम पर्सनल अधिकारी रमन कुमार शर्मा ने उक्त आदेशों को जारी करते हुए सभी पांचों मंडल अध्यक्षों को पत्र भेजा है कि तुरंत प्रभाव से उक्त प्रक्रिया के तहत कार्रवाई अमल में लाएं और इसकी जानकारी विभाग तक पहुंचाएं।