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रेलवे जल्द ट्रैक पर दौड़ाएगा 10 हजार हॉर्स पावर वाला सुप्रीम इंजन
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रेल मेले के समापन पर प्रदर्शनी में बनाई गई कालका से शिमला जाने वाली छोटी ट्रेन में बैठे जीएम टीपी ?
- फोटो : AMBALA
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अंबाला कैंट। छावनी के एसडी कॉलेज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय रेल मेले के अंतिम दिन हजारों लोगों ने रेल मेले और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान रेल जीएम टीपी सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। मेले में शानदार सेवाएं प्रदान करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को रेलवे की ओर से चेक व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मेला देखने आए लोगों ने रेलवे से जुड़ी हर चीज की बारीकी से जानकारी प्राप्त की। मेले मेें अंबाला ब्रिज विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी और इलेक्ट्रिक इंजन की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
रेल ब्रिज विभाग की प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए राजबीर यादव ने बताया कि पंजाब के पठानकोट में रेल ब्रिज बनाने की कंपनी है। रेल ब्रिज बनाने में एमएस मिल्ड स्टील आयरन का इस्तेमाल किया जाता है। इस समय चिनाव नदी पर सबसे बड़े आर्क ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय रेल मेले में वाराणसी से आए अनिल यादव ने रेल इंजन के बारे में बताया कि पहले डीजल इंजन ही सबसे शक्तिशाली इंजन माना जाता था, लेकिन जैसे-जैसे रेलवे में तकनीक मेें बढ़ोतरी हो रही है तो उसी हिसाब से हमने भी इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण कर इसे ट्रक पर दौड़ाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि डीजल इंजन की क्षमता हार्स पावर 4500 होती थी, लेकिन इलेक्ट्रिक इंजन की क्षमता 6000 है। डीजल इंजन की मरम्मत ज्यादा होती थी। वहीं इलेक्ट्रिक इंजन की मरम्मत भी कम होती है। उन्होंने बताया कि रेल इंजन के ऊपर लगा हुआ इलेक्ट्रिक पोलोग्राफ 3 साल के बाद चेंज करना पड़ता है, क्योंकि वह शाफ्ट होता है। इलेक्ट्रिक वायर हार्ड होती है। इसीलिए उसे बदलने की जरूरत बहुत ही कम पड़ती है।
डीजल व इलेक्ट्रिक को मिलाकर सुप्रीम इंजन बनाने की तैयारी
10 हजार हार्स पॉवर के इंजन बारे जानकारी देते हुए अनिल यादव ने बताया कि वह डीजल इंजन और इलेक्ट्रिक इंजन को मिलाकर एक नए सुप्रीम इंजन को बनाने जा रहे हैं। इसके लिए उसमें एकस्ट्रा तकनीक भी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि वह इंजन जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में जोधपुर, बीकानेर, संबलपुर, केरला, लखनऊ, आदि जगहों से आए कलाकारों को चेक व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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रूट विद्युतिकरण में इस साल हुई बढ़ोतरी
इस वर्ष केंद्रीय रेल विद्युतीकरण इलाहाबाद में सर्वाधिक 5276 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण किया गया। इसमें अंबाला परियोजना ने 744 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण किया जोकि विगत वर्षों में सर्वाधिक है। अंबाला परियोजना ने वर्ष 2018-10 में दिल्ली मंडल के रेवाड़ी, रोहतक, पानीपत, जींद, कुरुक्षेत्र, नरवाना, बीकानेर मंडल के हिसार, बठिंडा, सूरतगढ़ एवं फिरोजपुर मंडल के अमृतसर से बटाला का विद्युतीकरण मुख्य परियोजना निदेशक पुनीत कठपालिया के नेतृत्व में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके लिए समारोह में उनको उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
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रेल ब्रिज विभाग की प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए राजबीर यादव ने बताया कि पंजाब के पठानकोट में रेल ब्रिज बनाने की कंपनी है। रेल ब्रिज बनाने में एमएस मिल्ड स्टील आयरन का इस्तेमाल किया जाता है। इस समय चिनाव नदी पर सबसे बड़े आर्क ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय रेल मेले में वाराणसी से आए अनिल यादव ने रेल इंजन के बारे में बताया कि पहले डीजल इंजन ही सबसे शक्तिशाली इंजन माना जाता था, लेकिन जैसे-जैसे रेलवे में तकनीक मेें बढ़ोतरी हो रही है तो उसी हिसाब से हमने भी इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण कर इसे ट्रक पर दौड़ाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि डीजल इंजन की क्षमता हार्स पावर 4500 होती थी, लेकिन इलेक्ट्रिक इंजन की क्षमता 6000 है। डीजल इंजन की मरम्मत ज्यादा होती थी। वहीं इलेक्ट्रिक इंजन की मरम्मत भी कम होती है। उन्होंने बताया कि रेल इंजन के ऊपर लगा हुआ इलेक्ट्रिक पोलोग्राफ 3 साल के बाद चेंज करना पड़ता है, क्योंकि वह शाफ्ट होता है। इलेक्ट्रिक वायर हार्ड होती है। इसीलिए उसे बदलने की जरूरत बहुत ही कम पड़ती है।
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डीजल व इलेक्ट्रिक को मिलाकर सुप्रीम इंजन बनाने की तैयारी
10 हजार हार्स पॉवर के इंजन बारे जानकारी देते हुए अनिल यादव ने बताया कि वह डीजल इंजन और इलेक्ट्रिक इंजन को मिलाकर एक नए सुप्रीम इंजन को बनाने जा रहे हैं। इसके लिए उसमें एकस्ट्रा तकनीक भी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि वह इंजन जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में जोधपुर, बीकानेर, संबलपुर, केरला, लखनऊ, आदि जगहों से आए कलाकारों को चेक व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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रूट विद्युतिकरण में इस साल हुई बढ़ोतरी
इस वर्ष केंद्रीय रेल विद्युतीकरण इलाहाबाद में सर्वाधिक 5276 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण किया गया। इसमें अंबाला परियोजना ने 744 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण किया जोकि विगत वर्षों में सर्वाधिक है। अंबाला परियोजना ने वर्ष 2018-10 में दिल्ली मंडल के रेवाड़ी, रोहतक, पानीपत, जींद, कुरुक्षेत्र, नरवाना, बीकानेर मंडल के हिसार, बठिंडा, सूरतगढ़ एवं फिरोजपुर मंडल के अमृतसर से बटाला का विद्युतीकरण मुख्य परियोजना निदेशक पुनीत कठपालिया के नेतृत्व में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके लिए समारोह में उनको उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

रेलवे द्वारा तैयार किए जाने वाला सुप्रिम इंजन- फोटो : AMBALA