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Ambala News: रेल मदद एप बन रहा यात्रियों का सहारा
Sun, 13 Jul 2025 03:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 13 Jul 2025 03:44 AM IST
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अंबाला। रेल मदद एप यात्रियों का सहारा बन रही है। एप पर छह माह में आरपीएफ के पास आई तीन हजार से अधिक शिकायतों का निपटान किया गया है। एप के माध्यम से आरपीएफ तक पहुंच रही शिकायतों का पांच से दस मिनट के अंतराल में समाधान किया जा रहा है।
इसमें ट्रेन में सफर करने वाली महिला को सुरक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है तो भीड़ के कारण कोच में फंसे कंफर्म टिकट यात्री को सीट तक पहुंचाया जा रहा है। रेलवे द्वारा शुरु किए गए इस एप के काफी कारगर नतीजे सामने आ रहे हैं। इस संबंध में शिकायत करने वाले यात्री से भी पूछा जाता है कि वो आरपीएफ की कार्रवाई से संतुष्ट हैं या नहीं। हालांकि अधिकांश मामलों में तुरंत राहत मिलने पर यात्री आगामी कार्यवाही करने से इंकार कर देते हैं।
10 से 12 शिकायतें : अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की आरपीएफ पोस्ट पर कंट्रोल के माध्यम से रोजाना 10 से 12 शिकायतें पहुंच रही हैं जोकि ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों द्वारा की जाती हैं। इसके लिए आरपीएफ ने विशेष टीम का गठन किया है जोकि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई करती हैं और यात्री की समस्या का समाधान करती है।
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आपसी विवाद : आरपीएफ तक पहुंच रही शिकायतों में कुछ ऐसी भी शिकायतें हैं जोकि यात्रियों के आपसी विवाद से उत्पन्न होती हैं। इनमें सीट पर सामान रखने को लेकर गाली-गलौज या फिर दूसरे की सीट पर कब्जा करके बैठने जैसे दर्जनों शिकायतें आती हैं। जब आरपीएफ कानून का डंडा दिखाती है तो दुर्व्यवहार करने वाला यात्री तुरंत ठंडा हो जाता है। जबकि कुछ मामलों में लड़ाई-झगड़ा करने वाले यात्री को ट्रेन से नीचे उतार लिया जाता है।
रेल मदद एप के मुख्य कार्य : यात्री इस एप के माध्यम से अपनी समस्याओं, जैसे कि सुरक्षा, सफाई, खानपान या ट्रेन की समय सारिणी से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यात्री अपनी शिकायतों की स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं कि उनका समाधान क्या हुआ। एप शिकायतों पर वास्तविक समय में प्रतिक्रिया प्रदान करता है। एप में चिकित्सा, सुरक्षा और दिव्यांगों एवं महिलाओं के लिए विशेष सेवाओं जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह एप 24 घंटे कार्यरत है।
ऐसे करें रेल मदद एप का उपयोग : मोबाइल फोन में रेल मदद एप इंस्टॉल करें। इसमें अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से लॉग इन करें। अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए पीएनआर नंबर दर्ज करें। शिकायत का विवरण दर्ज करें और यदि आवश्यक हो तो फोटो भी अपलोड करें और फिर अपनी शिकायत जमा कर दें। संवाद
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इसमें ट्रेन में सफर करने वाली महिला को सुरक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है तो भीड़ के कारण कोच में फंसे कंफर्म टिकट यात्री को सीट तक पहुंचाया जा रहा है। रेलवे द्वारा शुरु किए गए इस एप के काफी कारगर नतीजे सामने आ रहे हैं। इस संबंध में शिकायत करने वाले यात्री से भी पूछा जाता है कि वो आरपीएफ की कार्रवाई से संतुष्ट हैं या नहीं। हालांकि अधिकांश मामलों में तुरंत राहत मिलने पर यात्री आगामी कार्यवाही करने से इंकार कर देते हैं।
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10 से 12 शिकायतें : अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की आरपीएफ पोस्ट पर कंट्रोल के माध्यम से रोजाना 10 से 12 शिकायतें पहुंच रही हैं जोकि ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों द्वारा की जाती हैं। इसके लिए आरपीएफ ने विशेष टीम का गठन किया है जोकि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई करती हैं और यात्री की समस्या का समाधान करती है।
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आपसी विवाद : आरपीएफ तक पहुंच रही शिकायतों में कुछ ऐसी भी शिकायतें हैं जोकि यात्रियों के आपसी विवाद से उत्पन्न होती हैं। इनमें सीट पर सामान रखने को लेकर गाली-गलौज या फिर दूसरे की सीट पर कब्जा करके बैठने जैसे दर्जनों शिकायतें आती हैं। जब आरपीएफ कानून का डंडा दिखाती है तो दुर्व्यवहार करने वाला यात्री तुरंत ठंडा हो जाता है। जबकि कुछ मामलों में लड़ाई-झगड़ा करने वाले यात्री को ट्रेन से नीचे उतार लिया जाता है।
रेल मदद एप के मुख्य कार्य : यात्री इस एप के माध्यम से अपनी समस्याओं, जैसे कि सुरक्षा, सफाई, खानपान या ट्रेन की समय सारिणी से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यात्री अपनी शिकायतों की स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं कि उनका समाधान क्या हुआ। एप शिकायतों पर वास्तविक समय में प्रतिक्रिया प्रदान करता है। एप में चिकित्सा, सुरक्षा और दिव्यांगों एवं महिलाओं के लिए विशेष सेवाओं जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह एप 24 घंटे कार्यरत है।
ऐसे करें रेल मदद एप का उपयोग : मोबाइल फोन में रेल मदद एप इंस्टॉल करें। इसमें अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से लॉग इन करें। अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए पीएनआर नंबर दर्ज करें। शिकायत का विवरण दर्ज करें और यदि आवश्यक हो तो फोटो भी अपलोड करें और फिर अपनी शिकायत जमा कर दें। संवाद