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Ambala News: आरोपियों के ठिकानों पर दबिश, गहनों और सीसीटीवी की तलाश
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अंबाला सिटी। कमल विहार कॉलोनी में रहने वाले दंपती की हत्या के मामले में पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार आरोपियों ने दंपती के घर से चोरी किए गहनों को पंजाब में छिपाया है, उनकी बरामदगी के लिए भी छापेमारी शुरू हो गई है, वहीं कैमरों की बरामदगी की कार्रवाई भी शुरू हो गई है जो घटना से पहले आरोपियों ने छिपा दिए थे, जिससे कि वे पकड़ में न आ सकें।
मुख्य आरोपी शालीमार कॉलोनी निवासी दिवेश शर्मा के मोहल्ले में भी चर्चा का विषय बना है कि इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा कांड करने की क्या वजह रही। लोग इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि मुख्य आरोपी के पिता पंडिताई का काम करते हैं। परिवार में किसी को भी इस घटना के बारे में अभी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा जिम में आने वाले दो लड़कों के साथ मिलकर इस कदर बेरहमी से एक दंपती की हत्या कर सकता है।
यह था पूरा मामला
28 अगस्त को एक सोची-समझी साजिश और रंजिश के तहत देवेश ने पहले अपने दो दोस्तों को पैसे का लालच दिया और फिर हत्या के बाद लूट के इरादे से वारदात को अंजाम दिया। फाइनेंस कारोबारी संजय के घर की आरोपी देवेश ने पहले भी किराये का कमरा देखने के बहाने रेकी की थी और घटना वाले दिन वो एडवांस देने का बहाना बनाकर दोस्तों के साथ घर में दाखिल हुआ था। इस दौरान देवेश ने पहले संजय का गला घोटा और फिर चाकू से हमला करके उसका गला रेत दिया। जबकि दो दोस्तों मन्नी और सुनील ने पारुल पर पीछे से हमला किया और प्रेस की तार से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने घर में रखे जेवर और नगदी चोरी की। पुलिस ने सुनील को वृंदावन के गोवर्धन और मन्नी को नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया। वहीं देवेश को पुलिस ने शक के आधार पर पहले ही पकड़ लिया था।
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प्राप्त जानकारी अनुसार आरोपियों ने दंपती के घर से चोरी किए गहनों को पंजाब में छिपाया है, उनकी बरामदगी के लिए भी छापेमारी शुरू हो गई है, वहीं कैमरों की बरामदगी की कार्रवाई भी शुरू हो गई है जो घटना से पहले आरोपियों ने छिपा दिए थे, जिससे कि वे पकड़ में न आ सकें।
मुख्य आरोपी शालीमार कॉलोनी निवासी दिवेश शर्मा के मोहल्ले में भी चर्चा का विषय बना है कि इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा कांड करने की क्या वजह रही। लोग इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि मुख्य आरोपी के पिता पंडिताई का काम करते हैं। परिवार में किसी को भी इस घटना के बारे में अभी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा जिम में आने वाले दो लड़कों के साथ मिलकर इस कदर बेरहमी से एक दंपती की हत्या कर सकता है।
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यह था पूरा मामला
28 अगस्त को एक सोची-समझी साजिश और रंजिश के तहत देवेश ने पहले अपने दो दोस्तों को पैसे का लालच दिया और फिर हत्या के बाद लूट के इरादे से वारदात को अंजाम दिया। फाइनेंस कारोबारी संजय के घर की आरोपी देवेश ने पहले भी किराये का कमरा देखने के बहाने रेकी की थी और घटना वाले दिन वो एडवांस देने का बहाना बनाकर दोस्तों के साथ घर में दाखिल हुआ था। इस दौरान देवेश ने पहले संजय का गला घोटा और फिर चाकू से हमला करके उसका गला रेत दिया। जबकि दो दोस्तों मन्नी और सुनील ने पारुल पर पीछे से हमला किया और प्रेस की तार से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने घर में रखे जेवर और नगदी चोरी की। पुलिस ने सुनील को वृंदावन के गोवर्धन और मन्नी को नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया। वहीं देवेश को पुलिस ने शक के आधार पर पहले ही पकड़ लिया था।
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