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Ambala News: छीनाझपटी के केस में तीन राज्यों की दौड़, नतीजा शून्य
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अंबाला। ट्रेन में छीना-झपटी की वारदात को सुलझाने के बजाय एफआईआर दर्ज करने पर ही तीन राज्यों की जीआरपी आपस में उलझ गई है। जबकि पीड़िता का कहना है कि घटना अंबाला सिटी रेलवे स्टेशन से निकलने के कुछ देर बाद पंजाब क्षेत्र में हुई और इसकी तहकीकात अंबाला जीआरपी भी कर चुकी है।
बावजूद इसके पंजाब जीआरपी इस मामले में गंभीर नजर नहीं आ रही। इस कारण पिछले एक साल से पीड़िता की शिकायत कभी पंजाब, कभी हरियाणा तो कभी दिल्ली भेजी जा रही है। प्राप्त जानकारी अनुसार छीनाझपटी के मामले के लिए अंबाला जीआरपी ने राजपुरा जीआरपी से भी कई बार बात की। उन्हें पीड़िता की शिकायत का हवाला दिया, लेकिन राजपुरा जीआरपी ने शिकायत और तथ्यों को देखे बिना ही इस मामले को दिल्ली जीआरपी को भेज दिया। वहां एक माह तक घूमती रही और फिर इस शिकायत को दिल्ली से अंबाला जीआरपी के पास भेज दिया। अब दोबारा से इस शिकायत को पीड़िता के बयान के साथ राजपुरा जीआरपी को भेजा है।
यह है पूरा मामला
मामला आठ मई 2023 का है। बलारडु गांव थाना ज्वालामुखी कांगड़ा निवासी दीपिका शर्मा की तरफ से 13 मई को शिकायत अंबाला सिटी की जीआरपी चौकी में तत्कालीन प्रभारी कुलदीप सिंह को दी थी। इसमें पीड़िता ने बताया कि था कि वो आठ मई को ट्रेन नंबर 14553 हिमाचल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच संख्या एस-1 में दिल्ली से परिवार सहित अंब अंदौरा जा रही थी। अंबाला सिटी से ट्रेन के चलने के लगभग 15 से 20 मिनट बाद कोच में आए एक व्यक्ति ने उसका पर्स झपट लिया और मौके से भाग गया।
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बेटी की शादी के थे गहने और नकदी
महिला ने बताया कि उसकी बेटी की शादी थी इसलिए वो गहनों और नकदी सहित अन्य सामान लेकर ट्रेन से गांव जा रहे थे। लेकिन बीच रास्ते हुई छीना-झपटी ने उनके सपनों पर ग्रहण लगा दिया। इस दौरान पर्स में सोने के गहने और नकदी रखी थी जोकि लगभग तीन से चार लाख रुपये के थे।
जीआरपी की जांच रिपोर्ट
महिला की शिकायत मिलने के बाद अंबाला जीआरपी ने जब तथ्यों को मिलान किया तो घटना क्षेत्र राजपुरा निकला। इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार की गई। रिपोर्ट में बताया कि शिकायत की जांच के बाद जांच के बाद सामने आया कि राजपुरा की तरफ चौकी का अधिकार क्षेत्र मात्र चार किलोमीटर का है। इस दौरान ट्रेन के सिटी स्टेशन पर 3:40 बजे रुकने और 3:42 बजे चलने का समय भी दर्ज किया गया। वहीं राजपुरा स्टेशन पर ट्रेन के रुकने का समय सुबह 4:03 बजे और 4:05 बजे पाया गया। इसलिए तथ्यों के आधार पर यह मामला अंबाला सिटी क्षेत्र में न होकर राजपुरा जीआरपी के क्षेत्र में होना पाया गया है।
वर्जन
अधिकतर शिकायतों में सामने आया कि घटना दूसरे क्षेत्र में होती है। यात्री को जानकारी नहीं होती, लेकिन बिना जांच किए जीरो एफआईआर को अंबाला भेज दिया जाता है। यह मामला भी ऐसा ही है, लेकिन पंजाब जीआरपी इसे स्वीकार नहीं कर रही। इसलिए शिकायत को घुमाया जा रहा है। पहले पंजाब ने इसे दिल्ली भेज दिया और दिल्ली से फिर अंबाला भेज दिया है। एक बार फिर जांच रिपोर्ट का हवाला देकर महिला की शिकायत को जीआरपी राजपुरा को भेजा गया है।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी अंबाला।
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बावजूद इसके पंजाब जीआरपी इस मामले में गंभीर नजर नहीं आ रही। इस कारण पिछले एक साल से पीड़िता की शिकायत कभी पंजाब, कभी हरियाणा तो कभी दिल्ली भेजी जा रही है। प्राप्त जानकारी अनुसार छीनाझपटी के मामले के लिए अंबाला जीआरपी ने राजपुरा जीआरपी से भी कई बार बात की। उन्हें पीड़िता की शिकायत का हवाला दिया, लेकिन राजपुरा जीआरपी ने शिकायत और तथ्यों को देखे बिना ही इस मामले को दिल्ली जीआरपी को भेज दिया। वहां एक माह तक घूमती रही और फिर इस शिकायत को दिल्ली से अंबाला जीआरपी के पास भेज दिया। अब दोबारा से इस शिकायत को पीड़िता के बयान के साथ राजपुरा जीआरपी को भेजा है।
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यह है पूरा मामला
मामला आठ मई 2023 का है। बलारडु गांव थाना ज्वालामुखी कांगड़ा निवासी दीपिका शर्मा की तरफ से 13 मई को शिकायत अंबाला सिटी की जीआरपी चौकी में तत्कालीन प्रभारी कुलदीप सिंह को दी थी। इसमें पीड़िता ने बताया कि था कि वो आठ मई को ट्रेन नंबर 14553 हिमाचल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच संख्या एस-1 में दिल्ली से परिवार सहित अंब अंदौरा जा रही थी। अंबाला सिटी से ट्रेन के चलने के लगभग 15 से 20 मिनट बाद कोच में आए एक व्यक्ति ने उसका पर्स झपट लिया और मौके से भाग गया।
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बेटी की शादी के थे गहने और नकदी
महिला ने बताया कि उसकी बेटी की शादी थी इसलिए वो गहनों और नकदी सहित अन्य सामान लेकर ट्रेन से गांव जा रहे थे। लेकिन बीच रास्ते हुई छीना-झपटी ने उनके सपनों पर ग्रहण लगा दिया। इस दौरान पर्स में सोने के गहने और नकदी रखी थी जोकि लगभग तीन से चार लाख रुपये के थे।
जीआरपी की जांच रिपोर्ट
महिला की शिकायत मिलने के बाद अंबाला जीआरपी ने जब तथ्यों को मिलान किया तो घटना क्षेत्र राजपुरा निकला। इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार की गई। रिपोर्ट में बताया कि शिकायत की जांच के बाद जांच के बाद सामने आया कि राजपुरा की तरफ चौकी का अधिकार क्षेत्र मात्र चार किलोमीटर का है। इस दौरान ट्रेन के सिटी स्टेशन पर 3:40 बजे रुकने और 3:42 बजे चलने का समय भी दर्ज किया गया। वहीं राजपुरा स्टेशन पर ट्रेन के रुकने का समय सुबह 4:03 बजे और 4:05 बजे पाया गया। इसलिए तथ्यों के आधार पर यह मामला अंबाला सिटी क्षेत्र में न होकर राजपुरा जीआरपी के क्षेत्र में होना पाया गया है।
वर्जन
अधिकतर शिकायतों में सामने आया कि घटना दूसरे क्षेत्र में होती है। यात्री को जानकारी नहीं होती, लेकिन बिना जांच किए जीरो एफआईआर को अंबाला भेज दिया जाता है। यह मामला भी ऐसा ही है, लेकिन पंजाब जीआरपी इसे स्वीकार नहीं कर रही। इसलिए शिकायत को घुमाया जा रहा है। पहले पंजाब ने इसे दिल्ली भेज दिया और दिल्ली से फिर अंबाला भेज दिया है। एक बार फिर जांच रिपोर्ट का हवाला देकर महिला की शिकायत को जीआरपी राजपुरा को भेजा गया है।
धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी अंबाला।