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महर्षि बाल्मीकि के बारे में समझाने पर बवाल, हाथ जोड़कर मांगी प्रिंसिपल ने माफी
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बच्चों को प्रेरणा देने के लिए प्रार्थना सभा में महर्षि वाल्मीकि के इतिहास का जिक्र करना प्रिंसिपल को महंगा पड़ गया। बच्चों ने घर जाकर अपने परिजनों को इस संबंध में आधी अधूरी बात बताई तो भड़के परिजन सोहन लाल डीएवी स्कूल के बाहर इकट्ठे हो गए और प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी के अलावा उनके पुतले तक का दहन कर डाला। वाल्मीकि समुदाय के लोग प्रिंसिपल कार्यालय तक पहुंच गए और प्रिंसिपल से मंदिर में चलकर माफी मांगने की जिद पर अड़ गए। प्रिंसिपल नीलम मलिक ने पहले लिखित रूप से अपने कार्यालय में समाज के मौजिज लोगों के सामने माफी मांगी। इसके बाद कार्यालय में पहुंचे मौजिज लोगों ने स्कूल के गेट पर जाकर माफी मांगने की जिद की। प्रिंसिपल ने फिर गेट के बाहर जाकर भी सार्वजनिक रूप से मांफी मांगी तब जाकर मामला शांत हुआ। करीब दो घंटे तक लोगों ने यहां बवाल काटा। इस दौरान अपने बच्चों को स्कूल से घर लेने पहुंचे अभिभावक चिंतित नजर आए। उन्हें करीब एक घंटा गेट के बाहर ही प्रतीक्षा करनी पड़ी।
डीएसपी और पूर्व मेयर ने संभाली कमान
स्थिति बिगड़ते देख लोगों को समझाने और मामले को शांत करवाने डीएसपी सुलतान सिंह, एसएचओ सिटी थाना व पूर्व मेयर रमेशमल व महिला थाना प्रभारी सुनीता ढाका मौके पर पहुंचीं। उन्होंने भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ माफी की जिद पर अड़ी रही। मौजिज लोगों के बीच-बचाव के चलते स्थिति शांत हो गई।
यह है पूरा मामला
दरअसल महर्षि वाल्मीकि जयंती पर स्कूल प्रिंसिपल ने बच्चों को प्रार्थना सभा में बताया कि जैसी संगत होती है वैसा ही स्वभाव होता है। उन्होंने इस संदर्भ में महर्षि वाल्मीकि से जुड़ा इतिहास बताते हुए वह किस तरह कहां से किस पदवी को प्राप्त हुए उनसे प्रेरणा लेने को कहा। लेकिन बच्चों ने अपने घर जाकर अभिभावकों को पूरी बात नहीं बताई जिसमें प्रिंसिपल ने महर्षि को भगवान और त्रिकालदर्शी भी बताया था।
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प्रिंसिपल बोलीं-साहित्य से हटाए जाए शब्द
प्रिंसिपल कार्यालय में लिखित माफीनामे को पढ़ते हुए नीलम मलिक ने कहा कि मैंने बच्चों को जो बताया यदि उससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं माफी मांगती हूं और प्रदेश सरकार से भी मांग करती हूं कि उनके बारे में जो लिखा है जिससे समाज को आपत्ति है उसे किताबों और इंटरनेट से हटाया जाए।
अभिभावक बोले-बच्चों को क्या जवाब दें
प्रिंसिपल कार्यालय में पहुंचे गुस्साए अभिभावकों ने कहा कि मैडम आप ही बताएं कि हम अपने बच्चों को क्या जवाब दें। वह जब घर आकर हमारे गुरु के बारे में ऐसी बात पूछते हैं।
भीड़ ने युवक को पीटा: स्कूल गेट के बाहर खड़े एक युवक ने जब प्रिंसिपल का बचाव किया तो भीड़ उत्तेजित हो गई और मौके पर पुलिस के सामने ही उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने ही उसका बीच-बचाव करवाकर वहां से चलता किया।
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डीएसपी और पूर्व मेयर ने संभाली कमान
स्थिति बिगड़ते देख लोगों को समझाने और मामले को शांत करवाने डीएसपी सुलतान सिंह, एसएचओ सिटी थाना व पूर्व मेयर रमेशमल व महिला थाना प्रभारी सुनीता ढाका मौके पर पहुंचीं। उन्होंने भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ माफी की जिद पर अड़ी रही। मौजिज लोगों के बीच-बचाव के चलते स्थिति शांत हो गई।
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यह है पूरा मामला
दरअसल महर्षि वाल्मीकि जयंती पर स्कूल प्रिंसिपल ने बच्चों को प्रार्थना सभा में बताया कि जैसी संगत होती है वैसा ही स्वभाव होता है। उन्होंने इस संदर्भ में महर्षि वाल्मीकि से जुड़ा इतिहास बताते हुए वह किस तरह कहां से किस पदवी को प्राप्त हुए उनसे प्रेरणा लेने को कहा। लेकिन बच्चों ने अपने घर जाकर अभिभावकों को पूरी बात नहीं बताई जिसमें प्रिंसिपल ने महर्षि को भगवान और त्रिकालदर्शी भी बताया था।
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प्रिंसिपल बोलीं-साहित्य से हटाए जाए शब्द
प्रिंसिपल कार्यालय में लिखित माफीनामे को पढ़ते हुए नीलम मलिक ने कहा कि मैंने बच्चों को जो बताया यदि उससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं माफी मांगती हूं और प्रदेश सरकार से भी मांग करती हूं कि उनके बारे में जो लिखा है जिससे समाज को आपत्ति है उसे किताबों और इंटरनेट से हटाया जाए।
अभिभावक बोले-बच्चों को क्या जवाब दें
प्रिंसिपल कार्यालय में पहुंचे गुस्साए अभिभावकों ने कहा कि मैडम आप ही बताएं कि हम अपने बच्चों को क्या जवाब दें। वह जब घर आकर हमारे गुरु के बारे में ऐसी बात पूछते हैं।
भीड़ ने युवक को पीटा: स्कूल गेट के बाहर खड़े एक युवक ने जब प्रिंसिपल का बचाव किया तो भीड़ उत्तेजित हो गई और मौके पर पुलिस के सामने ही उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने ही उसका बीच-बचाव करवाकर वहां से चलता किया।