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Ambala News: संपत्ति कर के शिविर स्थगित, निगम ने बताए तकनीकी कारण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Apr 2024 02:04 AM IST
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Property tax camps postponed, corporation explained technical reasons
अंबाला सिटी। नगर निकाय कार्यालय की ओर से संपत्ति के डाटा को दुरुस्त करने के लिए लगाए शिविरों को रद्द कर दिया है। शिविर रद्द करने के पीछे नगर निगम ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है। जबकि नगर परिषद के अधिकारी कार्यालय में कर्मचारियों की कमी का हवाला दे रहे हैं। इस मामले में इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग से एक शिकायत भी की थी।
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इसके बाद एकाएक शिविरों को अलग-अलग कारण बताकर बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि अधिकारियों की फजीहत हुई तो शिविर का फैसला वापस लिया गया । दरअसल निगम की ओर से शनिवार और रविवार को शिविर लगाया जाना था, मगर शिविर को 5 अप्रैल को अचानक स्थगित कर दिया गया। इसके लिए नगर निगम संयुक्त आयुक्त ने निर्देश जारी किए हैं। बीते दिनों नगर निगम ने शिविर लगाने के लिए पांच टीमों का गठन किया था और वार्ड के अनुसार इन टीमों को बांटा गया था। यह शिविर नगर निगम कार्यालय में ही लगने वाला था।
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20 फीसद ही लक्ष्य हुआ पूरा
शहरवासियों के संपत्ति के डाटा को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने अभी तक 20 फीसदी लक्ष्य ही पूरा किया है। अप्रैल महीने के आखिर तक 35 फीसदी लक्ष्य पूरा करना था। शहर में एक लाख 22 हजार संपत्ति आईडी हैं। इन संपत्ति में से अभी तक करीब 24 हजार संपत्ति की गलतियां ही दुरुस्त हो पाई हैं।
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शिविर के स्थगित करने के लिए भेजा पत्र
नगर निगम संयुक्त आयुक्त की ओर से पांच अप्रैल को पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि छह और सा अप्रैल को संपत्ति कर डाटा दुरुस्ती शिविर लगाया जाना था, मगर तकनीकी कारणों से यह शिविर आगामी तिथि के लिए निर्धारित किया गया है। जल्द ही आगामी तिथि निर्धारित कर सूचित किया जाएगा।
नगर परिषद ने रिहायशी क्षेत्र में लगाए थे शिविर
वहीं नगर परिषद क्षेत्र में प्रॉपर्टी आईडी में सुधार को लेकर रिहायशी क्षेत्रों में लगाए गए शिविर बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। जबकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जो कर्मचारी कार्यालय में तैनात थे, उन्हें ही शिविरों में लगा दिया था। इस कारण कार्यालय के काम प्रभावित हो रहे थे। वहीं दूसरी तरफ इनेलो प्रवक्ता ओंकार सिंह ने नगर परिषद अंबाला छावनी के अधिकारी द्वारा चुनाव आचार संहिता लगी होने के दौरान जनता को प्रभावित करने के लिए प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने के लिए शिविर लगा दिए थे। इसकी शिकायत राज्य चुनाव आयोग व चुनाव तहसीलदार अंबाला से की थी।
किसी का नाम तो किसी का वर्गगज तक गलत



दरअसल, पहले एक कंपनी ने शहर में संपत्ति के डाटा को लेकर सर्वे किया था। इस सर्वे में ज्यादातर लोगों की संपत्ति का डाटा गलत लिख दिया गया। संपत्ति आईडी में किसी व्यक्ति का नाम गलत है तो किसी का मोबाइल नंबर। यह नहीं लोगों के मकान व प्लाट का वर्गगज, मालिक का नाम, पता गलत लिखने जैसी गलतियां भी की गई है। इस डाटा को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम पहले अपने कार्यालय और वार्डों में भी शिविर लगा चुका है।
वर्जन

रिहायशी क्षेत्रों में लगाए प्रॉपर्टी आईडी सुधार के शिविर बंद कर दिए गए हैं। कर्मचारियों की कमी की वजह से ऐसा किया गया है। यह शिविर सरकार के निर्देशानुसार ही लगाए गए थे। अब कार्यालय में ही पूर्व की भांति प्रॅापर्टी आईडी के सुधार का कार्य जारी रहेगा। लोग यहां आकर त्रुटि दुरुस्त करवा सकते हैं।


जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।

फोटो- 37
वर्जन
इस समय देश व प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लगी है। जब भी देश, प्रदेश या किसी स्थान पर अचार संहिता लगी होती है तो उस स्थान पर किसी भी अधिकारी या नेता की ओर से ऐसे कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता, जिससे जनता को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
-ओंकार सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, इनेलो
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