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बंद रहे स्कूल, अभिभावकों में उबाल
अंबाला ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 08 May 2016 01:04 AM IST
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- फोटो : demopic
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शिक्षा नियमावली 134ए के तहत प्राइवेट स्कूल संचालकों और सरकार के बीच रार और ज्यादा बढ़ गई है। इसी के चलते शनिवार को प्राइवेट स्कूल संचालक हड़ताल पर चले गए। अंबाला में कुल 410 प्राइवेट स्कूलों में से दो सौ ज्यादा ने अपने बंद रखे। इसके अतिरिक्त अन्य प्राइवेट स्कूलों ने आखिरी शनिवार होने की वजह से रूटीन में ही अपने स्कूल बंद रखे। रविवार को भी स्कूल बंद रहेंगे, जबकि हड़ताल के दौरान 9 मई तक स्कूल बंद रखे जाने हैं।
प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शुक्रवार को ही हड़ताल की सूचना देते हुए शनिवार को स्कूल बंद रखने की जानकारी दी थी।
इसके चलते छात्र अपने घरों पर रहे और प्राइवेट स्कूल बंद रहे। स्कूल संचालक अपनी जिद पर अड़े रहे कि वे किसी भी कीमत पर 134ए के तहत निशुल्क शिक्षा नहीं देंगे, जबकि अभिभावक सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि सरकार उनके बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में निर्धारित सभी सीटों पर निशुल्क दाखिला दिलवाए। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग पर भी शिक्षा नियमावली 134-ए के तहत छात्रों की ली गई परीक्षा में भी उन्हें जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाया है। चूंकि अंबाला में परीक्षा का रिजल्ट ही 26 फीसदी रहा। इससे दाखिलों के लिए भटक रहे अभिभावकों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया है।
उनका कहना है कि विभाग ने जानबूझकर छात्रों को फेल किया है, ताकि प्राइवेट स्कूलों में सीटें खाली रहे और प्राइवेट स्कूल संचालक खुश रहें। इसी बाबत अभिभावकों ने गत दिवस खेल मंत्री को भी ज्ञापन सौंपकर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा नियमावली 134-ए के तहत दाखिला दिलवाने की मांग की थी।
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नहीं झुकी सरकार तो तेज होगा आंदोलन
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि यदि तीन दिन में सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस के नेशनल प्रेसिडेंट कुलभूषण की मानें तो आज अगर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की नौबत आई है तो इसकी पूर्ण रूप से सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी बात न सुनकर अभिभावकों और स्कूलों के बीच झगड़ा शुरू करवा दिया है। कुलभूषण शर्मा की मानें तो स्कूल किसी भी प्रकार के पैसे की मांग नहीं कर रहे बल्कि वो यही मांग कर रहे हैं कि पैसे सीधे गरीब बच्चों को ही दिए जाएं। दूसरी तरफ निजी स्कूलों के बंद होने से अभिभावक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार और स्कूलों की लड़ाई में बच्चे पीस रहे हैं। बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार को कड़े निर्णय लेने की जरूरत है।
भाजपा सरकार के मंत्री करें हस्तक्षेप
कुलभूषण शर्मा ने कहा कि बीजेपी नेताओं और मंत्रियों ने भी अपने स्कूल बंद रख हड़ताल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जिन बीजेपी नेताओं और मंत्रियों के स्कूल हैं वे मुख्यमंत्री को समझाएं और मुद्दा हल करवाएं। शर्मा ने शनिवार को सिटी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में बीजेपी नेताओं और मंत्रियों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन बीजेपी नेताओं और मंत्रियों के स्कूल हैं वो हमारे साथ हैं लेकिन सत्ता में होने के चलते वो बोल नहीं रहे।
हुड्डा सरकार ने खड़ी की मुसीबत : विज
वहीं 134-ए के बढ़ते विरोध को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इसका सारा ठीकरा पूर्व की हुड्डा सरकार पर फोड़ दिया है। विज ने कहा कि पूर्व सरकार सारी नीतियां आधी अधूरी बनाकर गई है तो उसमे परेशानी आना तो लाजमी है। लेकिन इसे हल करने के प्रयास जारी हैं।
बराड़ा में बंद रहे स्कूल
बराड़ा। 134 ए केे तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला देने के मामले में कस्बा बराड़ा के सभी प्राइवेट स्कूल विरोध स्वरूप तीन दिन के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। कस्बा बराड़ा के प्राइवेट स्कूल नौ मई तक बंद रहेंगे। प्राइवेट स्कूल एशोशिएसन के प्रधान हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार अगर 134 ए के तहत बच्चे दाखिल करने का दबाव बनाती है तो सभी प्राइवेट स्कूल अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे।
स्कूल संचालकों की बैठक आज
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता सौरभ कपूर ने बताया कि आगे की रणनीति को तैयार करने के लिए रविवार सुबह 11 बजे सिटी सेंट जोसफ स्कूल में स्कूल संचालकों की बैठक होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी निजी स्कूल शामिल होंगे और विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा कि आखिर आंदोलन को आगे कैसे बढ़ाया जाए। सौरभ ने बताया कि बैठक के दौरान प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा स्कूल संचालकों को संबोधित करेंगे। फिलहाल स्कूल संचालकों को 7 मई तक स्कूल बंद करने का आह्वान किया गया है और सरकार ने मांग नहीं मानी तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शुक्रवार को ही हड़ताल की सूचना देते हुए शनिवार को स्कूल बंद रखने की जानकारी दी थी।
इसके चलते छात्र अपने घरों पर रहे और प्राइवेट स्कूल बंद रहे। स्कूल संचालक अपनी जिद पर अड़े रहे कि वे किसी भी कीमत पर 134ए के तहत निशुल्क शिक्षा नहीं देंगे, जबकि अभिभावक सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि सरकार उनके बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में निर्धारित सभी सीटों पर निशुल्क दाखिला दिलवाए। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग पर भी शिक्षा नियमावली 134-ए के तहत छात्रों की ली गई परीक्षा में भी उन्हें जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाया है। चूंकि अंबाला में परीक्षा का रिजल्ट ही 26 फीसदी रहा। इससे दाखिलों के लिए भटक रहे अभिभावकों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया है।
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उनका कहना है कि विभाग ने जानबूझकर छात्रों को फेल किया है, ताकि प्राइवेट स्कूलों में सीटें खाली रहे और प्राइवेट स्कूल संचालक खुश रहें। इसी बाबत अभिभावकों ने गत दिवस खेल मंत्री को भी ज्ञापन सौंपकर अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा नियमावली 134-ए के तहत दाखिला दिलवाने की मांग की थी।
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नहीं झुकी सरकार तो तेज होगा आंदोलन
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि यदि तीन दिन में सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस के नेशनल प्रेसिडेंट कुलभूषण की मानें तो आज अगर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की नौबत आई है तो इसकी पूर्ण रूप से सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी बात न सुनकर अभिभावकों और स्कूलों के बीच झगड़ा शुरू करवा दिया है। कुलभूषण शर्मा की मानें तो स्कूल किसी भी प्रकार के पैसे की मांग नहीं कर रहे बल्कि वो यही मांग कर रहे हैं कि पैसे सीधे गरीब बच्चों को ही दिए जाएं। दूसरी तरफ निजी स्कूलों के बंद होने से अभिभावक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार और स्कूलों की लड़ाई में बच्चे पीस रहे हैं। बच्चों के भविष्य को देखते हुए सरकार को कड़े निर्णय लेने की जरूरत है।
भाजपा सरकार के मंत्री करें हस्तक्षेप
कुलभूषण शर्मा ने कहा कि बीजेपी नेताओं और मंत्रियों ने भी अपने स्कूल बंद रख हड़ताल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जिन बीजेपी नेताओं और मंत्रियों के स्कूल हैं वे मुख्यमंत्री को समझाएं और मुद्दा हल करवाएं। शर्मा ने शनिवार को सिटी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में बीजेपी नेताओं और मंत्रियों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन बीजेपी नेताओं और मंत्रियों के स्कूल हैं वो हमारे साथ हैं लेकिन सत्ता में होने के चलते वो बोल नहीं रहे।
हुड्डा सरकार ने खड़ी की मुसीबत : विज
वहीं 134-ए के बढ़ते विरोध को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इसका सारा ठीकरा पूर्व की हुड्डा सरकार पर फोड़ दिया है। विज ने कहा कि पूर्व सरकार सारी नीतियां आधी अधूरी बनाकर गई है तो उसमे परेशानी आना तो लाजमी है। लेकिन इसे हल करने के प्रयास जारी हैं।
बराड़ा में बंद रहे स्कूल
बराड़ा। 134 ए केे तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला देने के मामले में कस्बा बराड़ा के सभी प्राइवेट स्कूल विरोध स्वरूप तीन दिन के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। कस्बा बराड़ा के प्राइवेट स्कूल नौ मई तक बंद रहेंगे। प्राइवेट स्कूल एशोशिएसन के प्रधान हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार अगर 134 ए के तहत बच्चे दाखिल करने का दबाव बनाती है तो सभी प्राइवेट स्कूल अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे।
स्कूल संचालकों की बैठक आज
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश प्रेस प्रवक्ता सौरभ कपूर ने बताया कि आगे की रणनीति को तैयार करने के लिए रविवार सुबह 11 बजे सिटी सेंट जोसफ स्कूल में स्कूल संचालकों की बैठक होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी निजी स्कूल शामिल होंगे और विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा कि आखिर आंदोलन को आगे कैसे बढ़ाया जाए। सौरभ ने बताया कि बैठक के दौरान प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा स्कूल संचालकों को संबोधित करेंगे। फिलहाल स्कूल संचालकों को 7 मई तक स्कूल बंद करने का आह्वान किया गया है और सरकार ने मांग नहीं मानी तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।