फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Prisoner helpful in digital hospital

कैदी बना अस्पताल को डिजिटल करने में मददगार

Thu, 02 Jul 2015 01:25 AM IST
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 02 Jul 2015 01:25 AM IST
विज्ञापन
केंद्रीय कारागार में बंदी सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहित की पहल ने जेल के अस्पताल को प्रदेश में पहली पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन


सिटी सेंट्रल जेल के मरीज कैदियों का डाटा ऑनलाइन कर दिया गया है। उक्त कैदी और जेल प्रशासन के आपसी सहयोग से यह संभव हो पाया है। मरीजों का डाटा कंप्यूटराइज्ड हो चुका है।

इस योजना को मूर्त रूप देने में जेल अधीक्षक एआर बिश्रोई, अस्पताल के चिकित्सक डा. मनमीत सिंह व उक्त साफ्टवेयर इंजीनियर ने आपसी सहयोग किया। इस सुविधा का जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने निरीक्षण किया और जेल प्रशासन व चिकित्सक द्वारा की गई इस पहल की सराहना की।
विज्ञापन



यह मिलेगी सुविधा
जेल अधीक्षक एआर बिश्नोई और डा. मनमीत सिंह ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर में जेल मे स्थित सभी मरीज कैदियों और बंदियों की बीमारी का ब्यौरा, दी जा रही दवाई, डिस्पेंसरी के स्टॉक का ब्यौरा, मरीजों को ईलाज के लिए अस्पताल ले जाने की समय अवधि सहित सभी आवश्यक जानकारियां फीड की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चरणबद्ध तरीके से इस सॉफ्टवेयर में मरीजों से सम्बन्धित अन्य जानकारियां भी अपलोड की जाउंगी। इससे जहां फर्जी बीमारी का सहारा लेकर दवाईयां लेने वाले कैदियों और बंदियों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है वहीं डिस्पेंसरी के स्टाफ पर भी निरंतर नजर रहने से दवाइयों के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा।

कैदियों का रिकार्ड भी कंप्यूटराइज्ड
जेल में आने वाले प्रत्येक कैदी का रिकार्ड कम्पयूटराईज किया जा रहा है। इसके अलावा रिकार्ड के साथ कैदी की फोटो और बायोमीट्रिक मशीन से कैदियों और बंदियों के फिंगरप्ऱिट भी कंप्यूटर में फीड किये जा रहे हैं।

 इस साफ्टवेयर में यह जानकारी भी दर्ज की जाएगी कि किन कैदियों और बंदियों के पास वकील की सुविधा नहीं हैं, ताकि उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से वकील उपलब्ध करवाया जा सके।

प्रोडक्शन वारंट होगा पेपरलैस
इस सॉफ्टवेयर के दूसरे चरण में विभिन्न न्यायालयों से कैदियों और बंदियों के लिए आने वाले वारंट को भी ऑनलाइन सुविधा से जोड़ा जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया को पेपरलैस कर दिया जायेगा।


इस पूरी प्रक्रिया को शुरु करने में गुड़गांव निवासी कैदी रोहित के सॉफ्टवेयर ज्ञान का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधा पूरे प्रदेश में केवल अंबाला केंद्रीय कारागार में ही उपलब्ध करवाई गई है और इस तरह से कंप्यूटराइज्ड रिकार्ड से युक्त यह प्रदेश की सबसे पहली जेल बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed