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Ambala News: आभा योजना के लिए सॉफ्टवेयर तैयार
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अंबाला सिटी। मरीजों की सुविधा के लिए सरकार ने आभा आई डी बनाने का काम शुरू किया था। इसके लिए अब साॅफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। जल्द ही मरीजों का डॉटा भी चढ़ा दिया जाएगा। इसके बाद मरीजों को चंडीगढ़ या अन्य जगहों से करवाई गई जांच की रिपोर्ट लेने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मरीज अपनी रिपोर्ट घर बैठे आभा साॅफ्टवेयर पर ही देख सकेगा। जिला अंबाला में अभी तक छह लाख 20 हजार लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। प्रदेश भर में देखें तो एक करोड़ से अधिक आभा आईडी बन चुकी है। सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक नागरिक की आभा आईडी बनाई जाएगी। फिलहाल आभार के तहत मरीजों का डॉटा नहीं चढ़ाया गया है। जिसके लिए विभाग तैयारियां कर रहा है।
बार कोड स्कैन करते ही खुलेगा पोर्टल
विभाग की ओर से आभा आईडी के लिए एक बार कोड भी बनाया गया है। इसे स्कैन करते हुए पोर्टल खुल जाएगा। इससे लोगों को अपनी आभा आईडी बनाने में आसानी होगी। साथ ही विभाग की ओर से पैनल के 45 निजी अस्पतालों को भी बार कोड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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आभा आईडी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का हिस्सा है, इसके तहत लोगों के उपचार की सारी जानकारी एक डिजिटल आईडी रखी जाएगी। जिससे मरीजों को जगह जगह अपने कागज लेकर चक्कर ना काटने पड़े। मरीज अपनी आभा आईडी से पोर्टल पर लॉगइन करके चिकित्सक को अपनी जांच रिपोर्ट या उपचार के बारे में जानकारी दे सकता है।
वर्जन
विभाग के निर्देशानुसार ही आभा आईडी पर काम किया जा रहा है। आभा के लिए साॅफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। निर्देशों के बाद ही आभा आईडी के लाभार्थियों का डॉटा चढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी डिजिटल आयुष्मान भारत अंबाला
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मरीज अपनी रिपोर्ट घर बैठे आभा साॅफ्टवेयर पर ही देख सकेगा। जिला अंबाला में अभी तक छह लाख 20 हजार लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। प्रदेश भर में देखें तो एक करोड़ से अधिक आभा आईडी बन चुकी है। सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक नागरिक की आभा आईडी बनाई जाएगी। फिलहाल आभार के तहत मरीजों का डॉटा नहीं चढ़ाया गया है। जिसके लिए विभाग तैयारियां कर रहा है।
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बार कोड स्कैन करते ही खुलेगा पोर्टल
विभाग की ओर से आभा आईडी के लिए एक बार कोड भी बनाया गया है। इसे स्कैन करते हुए पोर्टल खुल जाएगा। इससे लोगों को अपनी आभा आईडी बनाने में आसानी होगी। साथ ही विभाग की ओर से पैनल के 45 निजी अस्पतालों को भी बार कोड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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आभा आईडी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का हिस्सा है, इसके तहत लोगों के उपचार की सारी जानकारी एक डिजिटल आईडी रखी जाएगी। जिससे मरीजों को जगह जगह अपने कागज लेकर चक्कर ना काटने पड़े। मरीज अपनी आभा आईडी से पोर्टल पर लॉगइन करके चिकित्सक को अपनी जांच रिपोर्ट या उपचार के बारे में जानकारी दे सकता है।
वर्जन
विभाग के निर्देशानुसार ही आभा आईडी पर काम किया जा रहा है। आभा के लिए साॅफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। निर्देशों के बाद ही आभा आईडी के लाभार्थियों का डॉटा चढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी डिजिटल आयुष्मान भारत अंबाला