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पावर सप्लाई ठेकेदारों के विवाद में 80 से ज्यादा कर्मियों पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
Updated Sat, 17 Dec 2016 12:34 AM IST
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- फोटो : Reuters
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पिछले कई महीनों से हाईकोर्ट में चल रही अंबाला के दो मैन पावर सप्लाई ठेकेदारों के मामले की गाज 80 से ज्यादा कच्चे कर्मचारियों पर गिर गई है। इसी मामले में दोनों का विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया था और अंतत: इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से ठेका रद किए जाने के आदेश के बाद एमसीए ने संबंधित ठेकेदार के अंतर्गत रखे गए सभी करीबन 80 कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है।
ये सभी कच्चे कर्मचारी विभिन्न शाखाओं में क्लर्क, सेवादार, फील्ड वर्कर, कंप्यूटर आपरेटर, डाटा आपरेटर समेत अन्य पदो पर कार्यरत थे और बरसों से पक्के कर्मचारियों की बाट जोह रहे म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) का काम चला रहे थे।
ठेकेदारों के विवाद का भुगतना खामियाजा
दरअसल, एमसीए अफसरों ने भले ही कच्चे कर्मचारियों को फिलहाल बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लेकिन ये खामियाजा उन दो ठेकेदारों की खींचतान का नतीजा है, जिनमें पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा है। उल्लेखनीय है कि एक ठेकेदार ने इस बार एमसीए में मैन पॉवर सप्लाई करने का ठेका लिया था। ठेका जारी होने के बाद कच्चे कर्मचारियों का काम भी शुरू हो गया था और पिछले कुछ महीनों से कर्मचारी काम भी कर रहे थे। लेकिन एक अन्य मैन पॉवर सप्लाई ठेकेदार ने आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में केस डाल दिया कि संबंधित ठेका नियमों को ताक पर रखकर किसी खास प्रभावशाली ढंग से किया गया है। इसी विवाद के चलते पहले तो कई महीनों तक कच्चे कर्मचारियों का वेतन रुका रहा। अभी भी सितंबर 2016 से इन कच्चे कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन कर्मचारियों की ही छुट्टी हो गई है।
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कच्चे कर्मचारियों में रोष, फिर बेहाल होगी जनता
कच्चे कर्मचारियों में फिलहाल जबरदस्त रोष की स्थिति बनी हुई है। उनका रोजगार एक झटके में खत्म हो गया है। इसी को लेकर कच्चे कर्मचारियों ने एमसीए कमिश्नर से मांग की है कि उन्हें इस बार किसी ठेकेदार के माध्यम से न रखा जाए। एमसीए खुद उन्हें तदर्थ आधार पर रख ले तो बेहतर होगा। कच्चे कर्मचारियों ने कहा कि वे काफी महीनों से एमसीए में काम कर रहे हैं और काफी हद तक हर सीट के काम को भी समझ चुके हैं। लेकिन वे लोग अब ठेकेदारों के बीच नहीं फंसना चाहते, इसलिए एमसीए खुद सीधे उन्हें कांट्रेक्ट पर या पक्के कर्मचारियों के रूप में रख ले। उन्होंने ये भी मांग की है कि उनका ठेेकेदार के पास फंसा सितंबर 2016 से अब तक का वेतन भी दिलवाया जाए।
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एमसीए को बहुत ज्यादा खेद है कि इन कच्चे कर्मचारियों को हटाना पड़ा है। हाईकोर्ट ने संबंधित ठेका रद करने को कहा है, इसलिए इन कर्मचारियों को हटाया है। जनता का काम प्रभावित नहीं होगा। क्योंकि एमसीए ने साथ-साथ नए ठेके के लिए भी टेंडर जारी कर दिया है। जल्द ही इसका विकल्प खोज लिया जाएगा।
-सत्येंद्र दूहन, एमसीए कमिश्नर
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फोटो नंबर :: 28 से 30
अवैध कब्जों पर चली जेसीबी, कोर्ट के आदेश पर एक दुकान सील
- एमसीए की टीम ने गांव बोह, लालकुर्ती में अतिक्रमण हटवाए
- सदर बाजार कैंट की एक दुकान को कोर्ट के आदेश पर किया सील
अंबाला कैंट। म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) की टीम ने शुक्रवार जहां अवैध कब्जों पर जेसीबी चला दी, वहीं कोर्ट के आदेश पर एक दुकान को भी सील कर दिया। इस दौरान कार्रवाई में लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में टीम ने अपनी कार्रवाई को पूरा किया। साथ ही अधिकारियों ने चेतावनी भी दी कि यदि दोबारा कब्जे किए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सीएम विंडो पर आई शिकायतों के आधार पर की गई। एमसीए कमिश्नर सतिंदर दुहन ने कहा कि अवैध अतिक्रमण को लेकर निगम अपनी कार्रवाई को जारी रखेगा। कैंट व सिटी में जहां पर भी अवैध अतिक्रमण की शिकायत मिली, कार्रवाई होगी।
खेत से निकलवाया रास्ता
गांव बोह में एमसीए की टीम ने आवाजाही के लिए बने रास्ते को खुलवाया। सीएम विंडो पर शिकायत दी गई थी कि कुछ लोगों ने खेतीबाड़ी शुरू कर रास्ता बंद कर दिया है। इसी शिकायत पर टीम ने जगह की पैमाइश की। इसके बाद इस रास्ते को खुलवाया और पोल आदि लगाकर चिह्नित भी किया।
कोर्ट के आदेश पर दुकान की सील
शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर एमसीए की टीम ने एक दुकान को सील कर दिया। इस दौरान पहुंची एमसीए की टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो दुकानदार ने हल्का विरोध किया और बहसबाजी शुरू कर दी। अधिकारियों ने भी इस दौरान दुकानदार को दुकान से सामान आदि हटाने के लिए आधे घंटे का समय दिया। इसी दौरान एमसीए की टीम ने अपनी कार्रवाई की और दुकान को सील कर दिया।
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एक दूसरे के खिलाफ शिकायत, निगम ने की कार्रवाई
लालकुर्ती में दो पड़ोसियों ने एक दूसरे के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत दी। इस पर नगर निगम की टीम शुक्रवार को कार्रवाई करने पहुंच गई। कार्रवाई के लिए जेसीबी अतिक्रमण हटाने के लिए गली में नहीं पहुंच पाई, जबकि कर्मचारियों ने हथौड़ों की मदद से यह अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद जेसीबी की मदद से भी कार्रवाई की गई।
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पक्की सराय से हटाया अतिक्रमण
कैंट के ही पक्की सराय में एक व्यक्ति के खिलाफ गली के बीच में ही शौचालय बनाने की शिकायत सीएम विंडो पर दी थी। इसी शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए एमसीए की टीम पहुंचे और जेसीबी की मदद से अवैध शौचालय को तोड़ दिया। इस दौरान अतिक्रमण करने वाले अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन टीम ने इस अवैध अतिक्रमण को हटा दिया।
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कार्रवाई रोकी, रजिस्ट्री दिखाने के निर्देश
एमसीए की टीम कैंट की हाउसिंग बोर्ड कालोनी स्थित एक मकान पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची। इस दौरान अधिकारियों के सामने मकान में रहने वालों ने अपना पक्ष रखा। इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि वे अपने मकान की रजिस्ट्री दिखा दें। रजिस्ट्री के आधार पर ही तय किया जाएगा कि अतिक्रमण किया गया है या नहीं। यदि अतिक्रमण हुआ, तो इस पर कार्रवाई होगी।
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ये सभी कच्चे कर्मचारी विभिन्न शाखाओं में क्लर्क, सेवादार, फील्ड वर्कर, कंप्यूटर आपरेटर, डाटा आपरेटर समेत अन्य पदो पर कार्यरत थे और बरसों से पक्के कर्मचारियों की बाट जोह रहे म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) का काम चला रहे थे।
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ठेकेदारों के विवाद का भुगतना खामियाजा
दरअसल, एमसीए अफसरों ने भले ही कच्चे कर्मचारियों को फिलहाल बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लेकिन ये खामियाजा उन दो ठेकेदारों की खींचतान का नतीजा है, जिनमें पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा है। उल्लेखनीय है कि एक ठेकेदार ने इस बार एमसीए में मैन पॉवर सप्लाई करने का ठेका लिया था। ठेका जारी होने के बाद कच्चे कर्मचारियों का काम भी शुरू हो गया था और पिछले कुछ महीनों से कर्मचारी काम भी कर रहे थे। लेकिन एक अन्य मैन पॉवर सप्लाई ठेकेदार ने आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में केस डाल दिया कि संबंधित ठेका नियमों को ताक पर रखकर किसी खास प्रभावशाली ढंग से किया गया है। इसी विवाद के चलते पहले तो कई महीनों तक कच्चे कर्मचारियों का वेतन रुका रहा। अभी भी सितंबर 2016 से इन कच्चे कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन कर्मचारियों की ही छुट्टी हो गई है।
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कच्चे कर्मचारियों में रोष, फिर बेहाल होगी जनता
कच्चे कर्मचारियों में फिलहाल जबरदस्त रोष की स्थिति बनी हुई है। उनका रोजगार एक झटके में खत्म हो गया है। इसी को लेकर कच्चे कर्मचारियों ने एमसीए कमिश्नर से मांग की है कि उन्हें इस बार किसी ठेकेदार के माध्यम से न रखा जाए। एमसीए खुद उन्हें तदर्थ आधार पर रख ले तो बेहतर होगा। कच्चे कर्मचारियों ने कहा कि वे काफी महीनों से एमसीए में काम कर रहे हैं और काफी हद तक हर सीट के काम को भी समझ चुके हैं। लेकिन वे लोग अब ठेकेदारों के बीच नहीं फंसना चाहते, इसलिए एमसीए खुद सीधे उन्हें कांट्रेक्ट पर या पक्के कर्मचारियों के रूप में रख ले। उन्होंने ये भी मांग की है कि उनका ठेेकेदार के पास फंसा सितंबर 2016 से अब तक का वेतन भी दिलवाया जाए।
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एमसीए को बहुत ज्यादा खेद है कि इन कच्चे कर्मचारियों को हटाना पड़ा है। हाईकोर्ट ने संबंधित ठेका रद करने को कहा है, इसलिए इन कर्मचारियों को हटाया है। जनता का काम प्रभावित नहीं होगा। क्योंकि एमसीए ने साथ-साथ नए ठेके के लिए भी टेंडर जारी कर दिया है। जल्द ही इसका विकल्प खोज लिया जाएगा।
-सत्येंद्र दूहन, एमसीए कमिश्नर
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फोटो नंबर :: 28 से 30
अवैध कब्जों पर चली जेसीबी, कोर्ट के आदेश पर एक दुकान सील
- एमसीए की टीम ने गांव बोह, लालकुर्ती में अतिक्रमण हटवाए
- सदर बाजार कैंट की एक दुकान को कोर्ट के आदेश पर किया सील
अंबाला कैंट। म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) की टीम ने शुक्रवार जहां अवैध कब्जों पर जेसीबी चला दी, वहीं कोर्ट के आदेश पर एक दुकान को भी सील कर दिया। इस दौरान कार्रवाई में लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में टीम ने अपनी कार्रवाई को पूरा किया। साथ ही अधिकारियों ने चेतावनी भी दी कि यदि दोबारा कब्जे किए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सीएम विंडो पर आई शिकायतों के आधार पर की गई। एमसीए कमिश्नर सतिंदर दुहन ने कहा कि अवैध अतिक्रमण को लेकर निगम अपनी कार्रवाई को जारी रखेगा। कैंट व सिटी में जहां पर भी अवैध अतिक्रमण की शिकायत मिली, कार्रवाई होगी।
खेत से निकलवाया रास्ता
गांव बोह में एमसीए की टीम ने आवाजाही के लिए बने रास्ते को खुलवाया। सीएम विंडो पर शिकायत दी गई थी कि कुछ लोगों ने खेतीबाड़ी शुरू कर रास्ता बंद कर दिया है। इसी शिकायत पर टीम ने जगह की पैमाइश की। इसके बाद इस रास्ते को खुलवाया और पोल आदि लगाकर चिह्नित भी किया।
कोर्ट के आदेश पर दुकान की सील
शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर एमसीए की टीम ने एक दुकान को सील कर दिया। इस दौरान पहुंची एमसीए की टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो दुकानदार ने हल्का विरोध किया और बहसबाजी शुरू कर दी। अधिकारियों ने भी इस दौरान दुकानदार को दुकान से सामान आदि हटाने के लिए आधे घंटे का समय दिया। इसी दौरान एमसीए की टीम ने अपनी कार्रवाई की और दुकान को सील कर दिया।
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एक दूसरे के खिलाफ शिकायत, निगम ने की कार्रवाई
लालकुर्ती में दो पड़ोसियों ने एक दूसरे के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत दी। इस पर नगर निगम की टीम शुक्रवार को कार्रवाई करने पहुंच गई। कार्रवाई के लिए जेसीबी अतिक्रमण हटाने के लिए गली में नहीं पहुंच पाई, जबकि कर्मचारियों ने हथौड़ों की मदद से यह अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद जेसीबी की मदद से भी कार्रवाई की गई।
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पक्की सराय से हटाया अतिक्रमण
कैंट के ही पक्की सराय में एक व्यक्ति के खिलाफ गली के बीच में ही शौचालय बनाने की शिकायत सीएम विंडो पर दी थी। इसी शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए एमसीए की टीम पहुंचे और जेसीबी की मदद से अवैध शौचालय को तोड़ दिया। इस दौरान अतिक्रमण करने वाले अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन टीम ने इस अवैध अतिक्रमण को हटा दिया।
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कार्रवाई रोकी, रजिस्ट्री दिखाने के निर्देश
एमसीए की टीम कैंट की हाउसिंग बोर्ड कालोनी स्थित एक मकान पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची। इस दौरान अधिकारियों के सामने मकान में रहने वालों ने अपना पक्ष रखा। इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि वे अपने मकान की रजिस्ट्री दिखा दें। रजिस्ट्री के आधार पर ही तय किया जाएगा कि अतिक्रमण किया गया है या नहीं। यदि अतिक्रमण हुआ, तो इस पर कार्रवाई होगी।