{"_id":"5dbb910c8ebc3e01416b4f8b","slug":"pollution-ambala-news-knl101629142","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली के 5 दिन बाद भी जिले की आबोहवा खराब, एक्यूआई ने बजाई खतरे की घंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली के 5 दिन बाद भी जिले की आबोहवा खराब, एक्यूआई ने बजाई खतरे की घंटी
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दिवाली के 5 दिन बाद भी जिले की आबोहवा खराब है। हालांकि इसमें एक दिन बाद आंशिक सुधार हुआ था पर बुधवार को फिर प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो गई। बुधवार को शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 356 पर रहा। वीरवार को इसमें और भी वृद्घि हुई और यह 367 पर पहुंच गया।
दिवाली के दिन था सबसे खराब स्तर
दिवाली के दिन 28 अक्टूबर को शहर में प्रदूषण का स्तर सबसे खराब था। पटाखों के धुएं की वजह से उस दिन प्रदूषण का स्तर 385 एक्यूआई था। यह सबसे खराब स्तर की श्रेणी में था। हालांकि एक दिन यानि 29 को इसमें थोड़ी गिरावट के साथ यह स्तर 353 पर पहुंच गया था। मगर 30 को फिर यह 356 पर पहुंच गया। यानि पटाखों के धुएं के साथ पराली व कूड़े में लगाई जा रही आग की वजह से शहर में प्रदूषण अभी भी उच्च स्तर पर बना है।
पिछले एक सप्ताह का वायु गुणवत्ता सूचकांक
25 अक्टूबर- 225
26 अक्टूबर- 300
27 अक्टूबर- 347
28 अक्टूबर- 386
29 अक्टूबर- 353
30 अक्टूबर- 356
31 अक्टूबर- 367
25 को 225 एक्यूआई था प्रदूषण
शहर में प्रदूषण का स्तर 25 को 225 एक्यूआई था। इसके बाद अगले दिन यानि 26 को यह स्तर 300 पर पहुंच गया। फिर 27 को प्रदूषण का स्तर 300 क्रॉस कर 347 पर पहुंच गया। प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से शहर की आबोहवा पूरी तरह से खराब हो चुकी है। ऐसे में अब यहां सांस लेना भी दूभर हो जाएगा।
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पराली व कूड़े के धुएं से बढ़ रही है दिक्कत
प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के लिए पटाखों के साथ पराली व कूड़े का धुआं भी सीधेतौर पर जिम्मेदार है। रोक के बावजूद किसान लगातार खेतों में पड़ी पराली में आग लगा रहे हैं। इसकी वजह से दिन में भी हवा में धुएं का गुबार बन रहा है। पराली के साथ कूड़े में लगाई जा रही आग के कारण भी दिक्कत हो रही है। हैरत की बात है कि कृषि व निगम अधिकारी इस समस्या पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। बुधवार को अंबाला सिटी नगर निगम ऑफिस के बाहर कूड़े में दिनभर आग लगी रही लेकिन किसी अधिकारी ने उसे बुझाने की कसरत तक नहीं की।
ये है एक्यूआई के मानक
0-50 अच्छी,
51-100 संतोषजनक
101-200 औसत
201-300 खराब,
301-400 बेहद खराब
401-500 गंभीर
500 से ज्यादा खतरनाक
चार किसानों के खिलाफ करवा चुके हैं केस : नागपाल
उप कृषि निदेशक गिरिश नागपाल ने बताया कि वे पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठा रहे हैं। अभी तक चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाए जा चुुके हैं। किसानों को लगातार पराली में आग न लगाने की चेतावनी दी जा रही है। इसका असर भी किसानों पर दिखाई दे रहा है। नागपाल ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को समझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
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दिवाली के दिन था सबसे खराब स्तर
दिवाली के दिन 28 अक्टूबर को शहर में प्रदूषण का स्तर सबसे खराब था। पटाखों के धुएं की वजह से उस दिन प्रदूषण का स्तर 385 एक्यूआई था। यह सबसे खराब स्तर की श्रेणी में था। हालांकि एक दिन यानि 29 को इसमें थोड़ी गिरावट के साथ यह स्तर 353 पर पहुंच गया था। मगर 30 को फिर यह 356 पर पहुंच गया। यानि पटाखों के धुएं के साथ पराली व कूड़े में लगाई जा रही आग की वजह से शहर में प्रदूषण अभी भी उच्च स्तर पर बना है।
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पिछले एक सप्ताह का वायु गुणवत्ता सूचकांक
25 अक्टूबर- 225
26 अक्टूबर- 300
27 अक्टूबर- 347
28 अक्टूबर- 386
29 अक्टूबर- 353
30 अक्टूबर- 356
31 अक्टूबर- 367
25 को 225 एक्यूआई था प्रदूषण
शहर में प्रदूषण का स्तर 25 को 225 एक्यूआई था। इसके बाद अगले दिन यानि 26 को यह स्तर 300 पर पहुंच गया। फिर 27 को प्रदूषण का स्तर 300 क्रॉस कर 347 पर पहुंच गया। प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से शहर की आबोहवा पूरी तरह से खराब हो चुकी है। ऐसे में अब यहां सांस लेना भी दूभर हो जाएगा।
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पराली व कूड़े के धुएं से बढ़ रही है दिक्कत
प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के लिए पटाखों के साथ पराली व कूड़े का धुआं भी सीधेतौर पर जिम्मेदार है। रोक के बावजूद किसान लगातार खेतों में पड़ी पराली में आग लगा रहे हैं। इसकी वजह से दिन में भी हवा में धुएं का गुबार बन रहा है। पराली के साथ कूड़े में लगाई जा रही आग के कारण भी दिक्कत हो रही है। हैरत की बात है कि कृषि व निगम अधिकारी इस समस्या पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। बुधवार को अंबाला सिटी नगर निगम ऑफिस के बाहर कूड़े में दिनभर आग लगी रही लेकिन किसी अधिकारी ने उसे बुझाने की कसरत तक नहीं की।
ये है एक्यूआई के मानक
0-50 अच्छी,
51-100 संतोषजनक
101-200 औसत
201-300 खराब,
301-400 बेहद खराब
401-500 गंभीर
500 से ज्यादा खतरनाक
चार किसानों के खिलाफ करवा चुके हैं केस : नागपाल
उप कृषि निदेशक गिरिश नागपाल ने बताया कि वे पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठा रहे हैं। अभी तक चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाए जा चुुके हैं। किसानों को लगातार पराली में आग न लगाने की चेतावनी दी जा रही है। इसका असर भी किसानों पर दिखाई दे रहा है। नागपाल ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को समझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।