{"_id":"6108589d8ebc3e83f86447bc","slug":"oxygen-plant-will-be-set-up-in-railway-hospital-ambala-news-knl78654125","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे के अस्पताल में स्थापित होगा ऑक्सीजन प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे के अस्पताल में स्थापित होगा ऑक्सीजन प्लांट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर रेलवे का अंबाला रेल मंडल ऑक्सीजन प्लांट लगने के बाद ऑक्सीजन के मामले में इसी माह से आत्मनिर्भर हो जाएगा। रेलवे अस्पताल में प्लांट स्थापित होने के बाद मरीज के बेड तक बिना किसी रुकावट के ऑक्सीजन पहुंचेगी। बटन दबाते ही बेड के साथ लगे ऑक्सीजन के पाइप कार्य करना शुरू कर देंगे। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक जून माह में उत्तर रेलवे को भेजे गए प्रपोजल पर जुलाई माह में मुहर लग गई थी और मंडल के रेलवे अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। हेडक्वार्टर से हरी झंडी मिलते ही मंडल के अधिकारियों ने पीएसए टाइप ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापना के लिए पटियाला की एक कंपनी को ऑर्डर भी दे दिया है। ऑक्सीजन प्लांट अगस्त माह के दूसरे व तीसरे सप्ताह में कार्य शुरू कर देगा।
जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी कम हो गई है। जिससे ट्रेनों में यात्रियों का आवागमन भी शुरू हो गया है। 90 जोड़ी से अधिक रेलगाड़ियों का रोजाना संचालन हो रहा है, वहीं यात्रियों की संख्या भी 20 हजार पहुंच गई है। वहीं मंडल ने कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बचाव की कवायद शुरू कर दी है।
----------------------------------------
40 लाख की लागत से लगेगा प्लांट
लगभग 40 लाख रुपये की लागत से रेलवे अस्पताल में स्थापित होने वाले ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 250 लीटर प्रति मिनट होगी। प्लांट का सीधा कनेक्शन मरीजों के वार्ड से होगा। प्लांट के लगने से के बाद मरीजों की सेवा ओर भी बेहतर ढंग से हो पाएगी। मौजूदा व्यवस्था में अभी आक्सीजन सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन
----------------------------------------------
14 हजार कर्मचारियों व परिजनों को राहत
मंडल में लगभग 14 हजार कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों के परिजन भी रेलवे अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं। प्लांट लगने के बाद किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी के कारण जान नहीं गंवानी पड़ेगी। अगर स्थानीय प्रशासन को भी ऑक्सीजन की जरुरत होगी तो रेलवे उनकी मदद के लिए भी हमेशा तत्पर रहेगा।
---------------------------
रेलवे अस्पताल में इसी माह ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित हो जाएगा। पटियाला की एक कंपनी को ठेका दिया गया है। प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संयंत्र के लगने से रेलवे अस्पताल ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा और रेलवे कर्मचारियों व परिजनों को भी काफी राहत मिलेगी।
गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक अंबाला
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी कम हो गई है। जिससे ट्रेनों में यात्रियों का आवागमन भी शुरू हो गया है। 90 जोड़ी से अधिक रेलगाड़ियों का रोजाना संचालन हो रहा है, वहीं यात्रियों की संख्या भी 20 हजार पहुंच गई है। वहीं मंडल ने कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बचाव की कवायद शुरू कर दी है।
विज्ञापन
----------------------------------------
40 लाख की लागत से लगेगा प्लांट
लगभग 40 लाख रुपये की लागत से रेलवे अस्पताल में स्थापित होने वाले ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 250 लीटर प्रति मिनट होगी। प्लांट का सीधा कनेक्शन मरीजों के वार्ड से होगा। प्लांट के लगने से के बाद मरीजों की सेवा ओर भी बेहतर ढंग से हो पाएगी। मौजूदा व्यवस्था में अभी आक्सीजन सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन
----------------------------------------------
14 हजार कर्मचारियों व परिजनों को राहत
मंडल में लगभग 14 हजार कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों के परिजन भी रेलवे अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं। प्लांट लगने के बाद किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी के कारण जान नहीं गंवानी पड़ेगी। अगर स्थानीय प्रशासन को भी ऑक्सीजन की जरुरत होगी तो रेलवे उनकी मदद के लिए भी हमेशा तत्पर रहेगा।
---------------------------
रेलवे अस्पताल में इसी माह ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित हो जाएगा। पटियाला की एक कंपनी को ठेका दिया गया है। प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संयंत्र के लगने से रेलवे अस्पताल ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा और रेलवे कर्मचारियों व परिजनों को भी काफी राहत मिलेगी।
गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक अंबाला