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आउटसोर्सिंग कर्मियों को मिलेगा निगम रेट
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संबंधित अधिकारियों की बैठक लेते हुए उपायुक्त।
- फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। अब विभिन्न कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को डीसी रेट की बजाय निगम रेट दिया जाएगा। इसके लिए उनका विवरण और उनका पूरा ब्योरा कौशल विकास रोजगार निगम पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उपायुक्त विक्रम सिंह ने पंचायत भवन शहर में विभिन्न विभागों के एचओडी और डीडीओ के साथ आयोजित बैठक में जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी उनके कार्यालय में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत डीसी रेट या कांट्रेक्ट पर कार्यरत कर्मचारियों का पूरा विवरण पोर्टल पर अपडेट करें। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल पर अपडेट होने के बाद कर्मचारियों को डीसी रेट की बजाए निगम रेट मिलेगा।
डीसी ने कहा कि इस कार्य में अगर किसी प्रकार की कोई तकनीकी दिक्कत है तो वह मुख्यालय से या डीआईओ से संपर्क कर सकते हैं। डीसी रेट की अवधि अप्रैल से मार्च तक रहती है, इसलिए आउटसोर्सिंग कर्मचारी का डेटा पोर्टल पर जल्द अपलोड करें। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग पॉलिसी के लगे कर्मचारी के अनुभव प्रमाणपत्र से संबंधित कार्रवाई डीडीओ द्वारा सात दिन में पूरी की जानी आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जो पोस्ट नई बनाई जानी है वह भी तैयार करें।
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जिनकी नहीं बनी आईडी वह बनवाएं
उपायुक्त ने कहा कि जिन डीडीओ की अभी तक लॉगिन आईडी नहीं बनी है वे भी अपनी आईडी बनाकर कार्य को शीघ्रता से करें। उन्होंने सीएम विंडो और मुख्यमंत्री सोशल मीडिया ग्रीवेन्स ट्रैकर (एसएमजीटी) पर आने वाली शिकायतों का भी त्वरित निवारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला व उपमंडल स्तर पर विजिलेंस कमेटियां बनाई गई हैं। जिला स्तर पर विजिलेंस कमेटी के चेयरमैन एडीसी और उपमंडल स्तर पर विजिलेंस कमेटी के चेयरमैन एसडीएम हैं। यह विजिलेंस कमेटियां भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी, सरकारी फंड के दुरुपयोग व गबन, कर्मचारियों-अधिकारियों के आचरण संबंधी जांच और औचक निरीक्षण आदि करेंगी।
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उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी उनके कार्यालय में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत डीसी रेट या कांट्रेक्ट पर कार्यरत कर्मचारियों का पूरा विवरण पोर्टल पर अपडेट करें। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल पर अपडेट होने के बाद कर्मचारियों को डीसी रेट की बजाए निगम रेट मिलेगा।
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डीसी ने कहा कि इस कार्य में अगर किसी प्रकार की कोई तकनीकी दिक्कत है तो वह मुख्यालय से या डीआईओ से संपर्क कर सकते हैं। डीसी रेट की अवधि अप्रैल से मार्च तक रहती है, इसलिए आउटसोर्सिंग कर्मचारी का डेटा पोर्टल पर जल्द अपलोड करें। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग पॉलिसी के लगे कर्मचारी के अनुभव प्रमाणपत्र से संबंधित कार्रवाई डीडीओ द्वारा सात दिन में पूरी की जानी आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जो पोस्ट नई बनाई जानी है वह भी तैयार करें।
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जिनकी नहीं बनी आईडी वह बनवाएं
उपायुक्त ने कहा कि जिन डीडीओ की अभी तक लॉगिन आईडी नहीं बनी है वे भी अपनी आईडी बनाकर कार्य को शीघ्रता से करें। उन्होंने सीएम विंडो और मुख्यमंत्री सोशल मीडिया ग्रीवेन्स ट्रैकर (एसएमजीटी) पर आने वाली शिकायतों का भी त्वरित निवारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला व उपमंडल स्तर पर विजिलेंस कमेटियां बनाई गई हैं। जिला स्तर पर विजिलेंस कमेटी के चेयरमैन एडीसी और उपमंडल स्तर पर विजिलेंस कमेटी के चेयरमैन एसडीएम हैं। यह विजिलेंस कमेटियां भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी, सरकारी फंड के दुरुपयोग व गबन, कर्मचारियों-अधिकारियों के आचरण संबंधी जांच और औचक निरीक्षण आदि करेंगी।