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विस का घेराव करने जा रही आंगनबाड़ी वर्कर्स को पुलिस ने रोका
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से अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में विधानसभा का घेराव करने जा रहीं करीब 200 आंगनबाड़ी वर्कर्स को पुलिस ने बराड़ा-शाहाबाद रोड पर स्थित अधोया चौक पर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी महिला मानव शृृंखला बनाकर रोड पर बैठ गई और रोड जाम कर दिया। लगभग दो घंटे सड़क पर यातायात बाधित रहा। इस दौरान सड़कों पर वाहनों की कतारें लग गई। वहीं रोडवेज की बसों ने इस जाम से बचने अन्य रूटों का सहारा लिया।
वीरवार को सुबह लगभग साढ़े नौ बजे बाबैन से आई आंगनबाड़ी वर्कर्स वाया बराड़ा से पंचकूला जाने के लिए निकली तो पुलिस ने उनको अधोया चौक पर रोक लिया, जिस पर आंगनबाड़ी वर्कर्स भड़क गई और मानव शृंखला बनाकर चौक को जाम कर दिया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उनको वहां से उठाया। इसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सका। इस दौरान मौके पर पुलिस बल सहित बराड़ा तहसीलदार अंशुल व नायब तहसीलदार दलबीर सिंह मौजूद रहे।
बाबैन से बराड़ा के रास्ते पंचकूला पहुंचने के बारे में जानकारी देते हुए आंगनबाड़ी वर्कर्स जिला प्रधान संतोष ने बताया कि उन्होंने इस रूट को पंचकूला जाने के लिए चुना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें अधोया में ही रोक दिया। इसके बाद भी आंगनबाड़ी वर्कर्स ने हार नहीं मानी। इन्होंने पंचकूला जाने के लिए दूसरे रास्ते को पकड़ा।
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पंचकूला में सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को विधानसभा पहुंचना था।
बता दें कि आंगनबाड़ी कर्मी सरकार द्वारा मार्च 2018 में स्वीकृत मांगों समेत 10 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर्स को 1500 एवं हेल्पर्स को 750 रुपए प्रति माह देने की घोषणा को लागू करवाने के लिए आंदोलनरत हैं। इस कड़ी में यह विधानसभा कूच आयोजित किया जा रहा है, आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना था कि सरकार ने वादा खिलाफी करते हुए अभी तक इसे लागू नहीं किया है।
संगठन नेताओं ने कहा कि सरकार मांगों को लागू करने की बजाए दमन के रास्ते पर उतारू है। वीरवार को विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली रैली को रोकने के लिए अलग हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। सरकार का यह रुख बेहद निंदनीय है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सीटू के जिला कुरूक्षेत्र के प्रधान भीम सिंह सैनी व सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओम प्रकाश ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार दमनकारी हथकंडों से बाज आ जाए। नहीं तो सरकार को इसकी कीमत अदा करनी पड़ेगी। सीटू नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्कर्स डरने वाली नहीं हैं और आंदोलन जीत के साथ ही वापसी होगा।
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वीरवार को सुबह लगभग साढ़े नौ बजे बाबैन से आई आंगनबाड़ी वर्कर्स वाया बराड़ा से पंचकूला जाने के लिए निकली तो पुलिस ने उनको अधोया चौक पर रोक लिया, जिस पर आंगनबाड़ी वर्कर्स भड़क गई और मानव शृंखला बनाकर चौक को जाम कर दिया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उनको वहां से उठाया। इसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सका। इस दौरान मौके पर पुलिस बल सहित बराड़ा तहसीलदार अंशुल व नायब तहसीलदार दलबीर सिंह मौजूद रहे।
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बाबैन से बराड़ा के रास्ते पंचकूला पहुंचने के बारे में जानकारी देते हुए आंगनबाड़ी वर्कर्स जिला प्रधान संतोष ने बताया कि उन्होंने इस रूट को पंचकूला जाने के लिए चुना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें अधोया में ही रोक दिया। इसके बाद भी आंगनबाड़ी वर्कर्स ने हार नहीं मानी। इन्होंने पंचकूला जाने के लिए दूसरे रास्ते को पकड़ा।
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पंचकूला में सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को विधानसभा पहुंचना था।
बता दें कि आंगनबाड़ी कर्मी सरकार द्वारा मार्च 2018 में स्वीकृत मांगों समेत 10 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर्स को 1500 एवं हेल्पर्स को 750 रुपए प्रति माह देने की घोषणा को लागू करवाने के लिए आंदोलनरत हैं। इस कड़ी में यह विधानसभा कूच आयोजित किया जा रहा है, आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना था कि सरकार ने वादा खिलाफी करते हुए अभी तक इसे लागू नहीं किया है।
संगठन नेताओं ने कहा कि सरकार मांगों को लागू करने की बजाए दमन के रास्ते पर उतारू है। वीरवार को विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली रैली को रोकने के लिए अलग हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। सरकार का यह रुख बेहद निंदनीय है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सीटू के जिला कुरूक्षेत्र के प्रधान भीम सिंह सैनी व सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओम प्रकाश ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार दमनकारी हथकंडों से बाज आ जाए। नहीं तो सरकार को इसकी कीमत अदा करनी पड़ेगी। सीटू नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्कर्स डरने वाली नहीं हैं और आंदोलन जीत के साथ ही वापसी होगा।