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Ambala News: वैध कॉलोनियों का दौरा करेगी नप टीम, तैयार होगी रिपोर्ट
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अंबाला। वैध कॉलोनियों में सुविधाओं के विस्तार के लिए जल्द ही नगर परिषद की टीम मौके पर जाकर लेखा-जोखा तैयार करेगी। अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अवैध कॉलोनियों में विकास कार्यों के विस्तार पर चलाए गए अभियान के बाद ये संज्ञान लिया गया है।
अब बाकायदा स्थानीय लोगों से भी मंत्रणा की जाएगी, वहीं संस्थाओं से भी बात की जाएगी, जिससे कि संबंधित क्षेत्र की खामियों की जानकारी मिल सके। इसके लिए सात टीमों की तैनाती के निर्देश नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की ओर से दिए हैं। कार्यालय में भी एक सहायता केंद्र बनाने का फैसला किया है, जिससे कि संबंधित वैध कॉलोनियों के निवासी यहां आकर भी सुविधाओं से संबंधित जानकारी दे सकें। बता दें कि अमर उजाला ने इस अभियान से जुड़े समाचार को 21, 22 और 23 मार्च को प्रकाशित किया था।
सड़कों की समस्या गंंभीर
सात कॉलोनियों में सड़कों की समस्या सबसे गंभीर मुद्दा है। सीवरेज न होने के कारण भी गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती और यह पानी खाली प्लाटों में भरा रहता है। इसे लेकर स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में तो कई सड़कें तालाब का रूप धारण कर लेती हैं।
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बिजली के खंभे भी टेढ़े
कुछ कॉलोनियों में सड़कों पर बिजली के पुराने खंभे लगे हुए हैं। इनकी हालत काफी खस्ता है। जिन्हें अब बदलने की जरूरत है। इन खंभों के कारण स्थानीय लोग भी डर के साए में जी रहे हैं क्योंकि खंभों से नीचे लटकती तारें कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।
धंस गईं सड़कें
कॉलोनियों में कुुछ-कुछ जगह इंटरलॉकिंग टाइल्स की सड़के बनी हुई हैं, लेकिन सड़क का लेवल ठीक न होने के कारण, यह अधिकांश जगह से धंस गई हैं जोकि स्कूल जाने वाले बच्चों व नौकरी पेशा सहित स्थानीय लोगों के लिए भी एक मुसीबत बन चुकी हैं। इन्हें अब नए सिरे से निर्माण की जरूरत है।
वर्जन
जो सात कॉलोनियां वैध हुई हैं। उनमें सुविधाओं के विस्तार प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसका सर्वेक्षण करवाया जाएगा। इसके लिए सातों कॉलोनियों में टीम की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्थानीय लोगों से बात करके विकास कार्याें का लेखा-जोखा तैयार किया जा सके।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
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अब बाकायदा स्थानीय लोगों से भी मंत्रणा की जाएगी, वहीं संस्थाओं से भी बात की जाएगी, जिससे कि संबंधित क्षेत्र की खामियों की जानकारी मिल सके। इसके लिए सात टीमों की तैनाती के निर्देश नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की ओर से दिए हैं। कार्यालय में भी एक सहायता केंद्र बनाने का फैसला किया है, जिससे कि संबंधित वैध कॉलोनियों के निवासी यहां आकर भी सुविधाओं से संबंधित जानकारी दे सकें। बता दें कि अमर उजाला ने इस अभियान से जुड़े समाचार को 21, 22 और 23 मार्च को प्रकाशित किया था।
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सड़कों की समस्या गंंभीर
सात कॉलोनियों में सड़कों की समस्या सबसे गंभीर मुद्दा है। सीवरेज न होने के कारण भी गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती और यह पानी खाली प्लाटों में भरा रहता है। इसे लेकर स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में तो कई सड़कें तालाब का रूप धारण कर लेती हैं।
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बिजली के खंभे भी टेढ़े
कुछ कॉलोनियों में सड़कों पर बिजली के पुराने खंभे लगे हुए हैं। इनकी हालत काफी खस्ता है। जिन्हें अब बदलने की जरूरत है। इन खंभों के कारण स्थानीय लोग भी डर के साए में जी रहे हैं क्योंकि खंभों से नीचे लटकती तारें कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।
धंस गईं सड़कें
कॉलोनियों में कुुछ-कुछ जगह इंटरलॉकिंग टाइल्स की सड़के बनी हुई हैं, लेकिन सड़क का लेवल ठीक न होने के कारण, यह अधिकांश जगह से धंस गई हैं जोकि स्कूल जाने वाले बच्चों व नौकरी पेशा सहित स्थानीय लोगों के लिए भी एक मुसीबत बन चुकी हैं। इन्हें अब नए सिरे से निर्माण की जरूरत है।
वर्जन
जो सात कॉलोनियां वैध हुई हैं। उनमें सुविधाओं के विस्तार प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसका सर्वेक्षण करवाया जाएगा। इसके लिए सातों कॉलोनियों में टीम की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्थानीय लोगों से बात करके विकास कार्याें का लेखा-जोखा तैयार किया जा सके।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।