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कोरोना पॉजिटिव भी अब छावनी के नागरिक अस्पताल में करवा सकेंगे डायलिसिस
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अब डायलिसिस के मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बावजूद छावनी के नागरिक अस्पताल में डायलिसिस करवा सकेंगे। बाकायदा विंग में इन मरीजों की सहुलियत के लिए स्पेशल वार्ड तैयार किया गया है। जिसे कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड नाम दिया गया है। इस वार्ड के अंदर दो मशीनें लगाई गई है जो सिर्फ कोरोना संक्रमण से ग्रस्त मरीजों के लिए होगी। ताकि विंग में आने वाले दूसरे मरीज भी इस मशीन से संक्रमित न हो सके। बाकायदा इस कमरे में जो भी टेक्नीशियन मशीन को ऑपरेट करेंगे वो भी अलग होंगे। जो सिर्फ इस कमरे के अंदर मरीज की ही डायलिसिस करेंगे। साथ ही मशीन को हर डायलिसिस मरीज के बाद पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाएगा। मरीज के बिस्तर तक अलग किए जाएंगे। इस दौरान पूरी एहतियात बरती जाएगी। बता दें कि अंबाला जिले के तीनों नागरिक अस्पताल में से केवल छावनी नागरिक अस्पताल में ही डायलिसिस होती है। अब यहीं पर कोरोना पॉजिटिव मरीजों की भी डायलिसिस होगी। सीएमओ के निर्देश जारी होते ही अस्पताल प्रबंधन ने विंग का जायजा लिया और एक कमरा निर्धारित किया।
डायलिसिस के दो मरीज हो चुके हैं कोरोना संक्रमित
दरअसल, डायलिसिस विंग में अंबाला ही नहीं बल्कि आसपास के शहरों से करीब डेढ़ सौ मरीज उपचार के लिए आते हैं। गत दिवस ही दो मरीज कोरोना वायरस की चपेट में भी आ चुके हैं। हालांकि उन्हें समय रहते चंडीगढ़ सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया था, जहां एक महिला मरीज की मौत भी हो गई थी। उन्हें यहां रखना पड़ता है तो उनके डायलिसिस के लिए अस्पताल में कोई प्रबंध नहीं थे। कोरोना मरीज की डायलिसिस के लिए काफी एहतिहात बरतनी पड़ती है। इसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उठाया है।
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डायलिसिस के दो मरीज हो चुके हैं कोरोना संक्रमित
दरअसल, डायलिसिस विंग में अंबाला ही नहीं बल्कि आसपास के शहरों से करीब डेढ़ सौ मरीज उपचार के लिए आते हैं। गत दिवस ही दो मरीज कोरोना वायरस की चपेट में भी आ चुके हैं। हालांकि उन्हें समय रहते चंडीगढ़ सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया था, जहां एक महिला मरीज की मौत भी हो गई थी। उन्हें यहां रखना पड़ता है तो उनके डायलिसिस के लिए अस्पताल में कोई प्रबंध नहीं थे। कोरोना मरीज की डायलिसिस के लिए काफी एहतिहात बरतनी पड़ती है। इसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उठाया है।
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