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अब ट्विनसिटी के 200 विकास कार्य भी लटके
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:10 AM IST
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अंबाला में मेयर, सिटी विधायक और म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) की आपसी रार में अंबाला के विकास का बंटाधार हो रहा है। स्थिति यह है कि इस खींचतान में एमसीए सदन में पास हुई कई विकास परियोजनाओं को लटकाया जा रहा है। इसी कड़ी में अब एक और महत्वकांक्षी विकास परियोजना भी लटक गई है। ये विकास परियोजना है सभी बीस वार्डों में दस-दस महत्वपूर्ण विकास कार्य करवाए जाने की। ये विकास परियोजना भी इसी खींचतान की भेंट चढ़ गई है। मेयर ने जहां इसका ठीकरा भी सिटी विधायक असीम गोयल और एमसीए कमिश्नर अजय सिंह तोमर पर फोड़ा है, वहीं उन्होंने अपने समर्थित पार्षदों के साथ एमसीए कमिश्नर और विधायक के खिलाफ खुली जंग का भी ऐलान कर दिया है।
लोगों के लिए महत्वपूर्ण था ये प्रस्ताव
दरअसल, ये प्रस्ताव सभी वार्डों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। इस प्रस्ताव के अंतर्गत मेयर ने अंबाला के सभी बीस वार्डों के पार्षदों से जनता के हित में दस-दस विकास कार्यों की फेहरिस्त तैयार करवाई थी। सभी पार्षदों ने पिछली सदन की बैठक में ये फेहरिस्त सदन में रखी थी। इन दस-दस विकास कार्यों की फेहरिस्त में सभी वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में प्राथमिकता से बनाई जाने वाली गलियों, सड़कों, नालों, नालियों व अन्य विकास कार्यों को शामिल किया था। सभी पार्षदों से ली गई 200 विकास कार्यों की लिस्ट का बकायदा प्रस्ताव तैयार कर उसे पास करवाया गया, लेकिन अब वो प्रस्ताव भी लटका दिया गया है। प्रस्ताव पास होने के बावजूद इस पर अभी तक न तो विकास बजट अलॉट किया गया है, न ही इस प्रस्ताव को आगे सरकार के पास भेजा गया है।
मेयर बोले, कमिश्नर और विधायक नहीं चाहते वार्डों का विकास
एमसीए के मेयर रमेश लाल मल का कहना है कि दरअसल, एमसीए कमिश्नर और सिटी विधायक दोनों ही वार्डों में विकास नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि एमसीए में सबकुछ ठीकठाक चल रहा है, एमसीए के पास अपना बजट भी है, जिसे सदन वार्डों के विकास में खर्च करना चाहता है, इसलिए सभी वार्डों से उन दस-दस विकास कार्यों की फेहरिस्त मंगवाई थी, जो वार्डों प्राथमिकता से करवाए जाने हैं। जब काम सदन में पास हो गए, बजट एमसीए के पास है, तो क्यों एमसीए कमिश्नर सिटी विधायक के कहने पर विकास में अड़ंगा लगा रहे हैं।
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मेयर ने आरोप लगाया कि दरअसल, सिटी विधायक एमसीए फंड से होने वाले विकास कार्यों पर भी अपना तमगा लगाना चाहते हैं, इसलिए वे जानबूझकर एमसीए फंड से पार्षदों के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों में रोड़ा अटका रहे हैं। मेयर के अनुसार इसका जवाब आने वाले समय में जनता ही विधायक को देगी। उनके अनुसार एमसीए कमिश्नर भी सिटी विधायक के हाथों में ही खेल रहे हैं, इसलिए उन्हें व पार्षदों को उनके खिलाफ मोर्चा खोलना पडा।
विधायक बोले, बौखला गए मेयर, मैने नहीं रुकवाए काम
उधर, सिटी विधायक असीम गोयल की माने तो एमसीए के मेयर दरअसल बौखला गए हैं। इसलिए बौखलाहट में वह ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। विधायक के अनुसार उनकी पार्टी ने कभी नकारात्मक राजनीति करना नहीं सिखाया, इसलिए वे अपनी साफ-पाक राजनीति करते हैं। उनका हल्का बहुत बड़ा है और वहां करवाने वाले बहुत काम है, वे अपने हल्के की जनता के विकास कार्यों को करवाने में व्यस्त हैं। इसलिए उन पर मेयर के आरोपों और बौखलाहट में दी गई बयानबाजी का कोई असर नहीं होने वाला।
आज तक नहीं आया 20 करोड़ का बजट
वार्डों में होने वाले इन 200 विकास कार्यों के साथ-साथ वार्डों में ही होने वाले 20 करोड़ के विकास कार्य संबंधी प्रस्ताव का भी कोई अता-पता नहीं है। दरअसल, इससे पहले एक प्रस्ताव और पास किया था, जिसमें सभी बीस वार्डों में 1-1 करोड़ से विकास कार्य करवाए जाने का प्रस्ताव भी सदन में पास किया था। प्रस्ताव पास करके 20 करोड़ के विशेष बजट के लिए हरियाणा सरकार को लिखा गया था। इस प्रस्ताव को भी एक साल बीत चुका है, लेकिन न तो आज तक विशेष फंड आया और न ही वार्डों में एक-एक करोड़ से विकास कार्य हुए।
जनता बोली, राजनीति छोड़कर हमारी सुध लें
सिटी निवासी सोहन लाल, कंवल सिंह, तरूण, राजबीर, सुखदेव सिंह, कैंट निवासी राजीव लांबा, आशीष जौली, राजन व संजीव गुप्ता के अनुसार मेयर, विधायक और अफसर अपनी खींचतान व राजनीति बंद करें और वार्ड के लोगों की सुध लें। लोगों के अनुसार वार्डों में लोग आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, अफसर और विधायक एक बार वार्डों की कालोनियों में आकर देंखे कि लोग किन हालातों में रह रहा है। इसलिए विकास चाहे मेयर के माध्यम से हो या विधायकों के माध्यम से, जनता को विकास कार्यों से मतलब है, इसलिए विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ छोड़कर अफसर और जनप्रतिनिधि विकास करवाने की होड़ में लग जाएं, वरना आने वाले समय में जनता मेयर और विधायक दोनों को जवाब देगी।
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इस मामले में मैं कुछ नहीं कहना चाहता, उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। वे विकास में ही विश्वास रखते हैं। उन्हें इस मामले में कुछ नहीं कहना है।
-अयज सिंह तोमर, कमिश्रर, एमसीए-
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लोगों के लिए महत्वपूर्ण था ये प्रस्ताव
दरअसल, ये प्रस्ताव सभी वार्डों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। इस प्रस्ताव के अंतर्गत मेयर ने अंबाला के सभी बीस वार्डों के पार्षदों से जनता के हित में दस-दस विकास कार्यों की फेहरिस्त तैयार करवाई थी। सभी पार्षदों ने पिछली सदन की बैठक में ये फेहरिस्त सदन में रखी थी। इन दस-दस विकास कार्यों की फेहरिस्त में सभी वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में प्राथमिकता से बनाई जाने वाली गलियों, सड़कों, नालों, नालियों व अन्य विकास कार्यों को शामिल किया था। सभी पार्षदों से ली गई 200 विकास कार्यों की लिस्ट का बकायदा प्रस्ताव तैयार कर उसे पास करवाया गया, लेकिन अब वो प्रस्ताव भी लटका दिया गया है। प्रस्ताव पास होने के बावजूद इस पर अभी तक न तो विकास बजट अलॉट किया गया है, न ही इस प्रस्ताव को आगे सरकार के पास भेजा गया है।
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मेयर बोले, कमिश्नर और विधायक नहीं चाहते वार्डों का विकास
एमसीए के मेयर रमेश लाल मल का कहना है कि दरअसल, एमसीए कमिश्नर और सिटी विधायक दोनों ही वार्डों में विकास नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि एमसीए में सबकुछ ठीकठाक चल रहा है, एमसीए के पास अपना बजट भी है, जिसे सदन वार्डों के विकास में खर्च करना चाहता है, इसलिए सभी वार्डों से उन दस-दस विकास कार्यों की फेहरिस्त मंगवाई थी, जो वार्डों प्राथमिकता से करवाए जाने हैं। जब काम सदन में पास हो गए, बजट एमसीए के पास है, तो क्यों एमसीए कमिश्नर सिटी विधायक के कहने पर विकास में अड़ंगा लगा रहे हैं।
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मेयर ने आरोप लगाया कि दरअसल, सिटी विधायक एमसीए फंड से होने वाले विकास कार्यों पर भी अपना तमगा लगाना चाहते हैं, इसलिए वे जानबूझकर एमसीए फंड से पार्षदों के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों में रोड़ा अटका रहे हैं। मेयर के अनुसार इसका जवाब आने वाले समय में जनता ही विधायक को देगी। उनके अनुसार एमसीए कमिश्नर भी सिटी विधायक के हाथों में ही खेल रहे हैं, इसलिए उन्हें व पार्षदों को उनके खिलाफ मोर्चा खोलना पडा।
विधायक बोले, बौखला गए मेयर, मैने नहीं रुकवाए काम
उधर, सिटी विधायक असीम गोयल की माने तो एमसीए के मेयर दरअसल बौखला गए हैं। इसलिए बौखलाहट में वह ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। विधायक के अनुसार उनकी पार्टी ने कभी नकारात्मक राजनीति करना नहीं सिखाया, इसलिए वे अपनी साफ-पाक राजनीति करते हैं। उनका हल्का बहुत बड़ा है और वहां करवाने वाले बहुत काम है, वे अपने हल्के की जनता के विकास कार्यों को करवाने में व्यस्त हैं। इसलिए उन पर मेयर के आरोपों और बौखलाहट में दी गई बयानबाजी का कोई असर नहीं होने वाला।
आज तक नहीं आया 20 करोड़ का बजट
वार्डों में होने वाले इन 200 विकास कार्यों के साथ-साथ वार्डों में ही होने वाले 20 करोड़ के विकास कार्य संबंधी प्रस्ताव का भी कोई अता-पता नहीं है। दरअसल, इससे पहले एक प्रस्ताव और पास किया था, जिसमें सभी बीस वार्डों में 1-1 करोड़ से विकास कार्य करवाए जाने का प्रस्ताव भी सदन में पास किया था। प्रस्ताव पास करके 20 करोड़ के विशेष बजट के लिए हरियाणा सरकार को लिखा गया था। इस प्रस्ताव को भी एक साल बीत चुका है, लेकिन न तो आज तक विशेष फंड आया और न ही वार्डों में एक-एक करोड़ से विकास कार्य हुए।
जनता बोली, राजनीति छोड़कर हमारी सुध लें
सिटी निवासी सोहन लाल, कंवल सिंह, तरूण, राजबीर, सुखदेव सिंह, कैंट निवासी राजीव लांबा, आशीष जौली, राजन व संजीव गुप्ता के अनुसार मेयर, विधायक और अफसर अपनी खींचतान व राजनीति बंद करें और वार्ड के लोगों की सुध लें। लोगों के अनुसार वार्डों में लोग आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, अफसर और विधायक एक बार वार्डों की कालोनियों में आकर देंखे कि लोग किन हालातों में रह रहा है। इसलिए विकास चाहे मेयर के माध्यम से हो या विधायकों के माध्यम से, जनता को विकास कार्यों से मतलब है, इसलिए विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ छोड़कर अफसर और जनप्रतिनिधि विकास करवाने की होड़ में लग जाएं, वरना आने वाले समय में जनता मेयर और विधायक दोनों को जवाब देगी।
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इस मामले में मैं कुछ नहीं कहना चाहता, उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। वे विकास में ही विश्वास रखते हैं। उन्हें इस मामले में कुछ नहीं कहना है।
-अयज सिंह तोमर, कमिश्रर, एमसीए-