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Ambala News: हत्या से सबक नहीं, अस्पताल में फिर टकराव, इंतजाम शून्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2024 06:04 AM IST
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No lesson from murder, clash again in hospital, arrangements zero
अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड
अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक सप्ताह पहले सरेआम व्यक्ति की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने सबक नहीं लिया। अस्पताल में रात के समय आने वाले मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों और स्टाफ की सुरक्षा की बात करें तो चौकीदार और सिक्योरिटी गार्ड होने के बावजूद कोई खुद को सुरक्षित नहीं समझता।
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अभी हत्याकांड मामले से उभरे भी नहीं थे कि रविवार को अस्पताल परिसर की पार्किंग में ही काफी संख्या में युवकों ने एक युवक की पिटाई कर दी। अमर उजाला की टीम ने सोमवार रात 10 बजे अस्पताल में सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लिया तो तमाम दावे खोखले साबित हुए। हत्या से सबक लेने की जगह मुख्य दरवाजे पर ही रोकने या फिर मरीज के इमरजेंसी में भीतर जाने के लिए कोई पूछने के लिए सिक्योरिटी गार्ड नहीं था, जो था वह वह केवल भीतर व्यवस्था बनाने में जुटा था।
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माइनर ओटी में गए तो महेश नगर के टांगरी बांध पर साकेत अस्पताल के नजदी हुई मारपीट के दो गुट माैजूद थे। एक पक्ष दोबारा टकराव न हो इसलिए इमरजेंसी में ही बैठा था तो दूसरा उपचार करा रहा था। देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच माइनर ओटी में ही बहस हो गई। हालांकि बाद में चौकी मुलाजिम ने बीचबचाव कर मामले को शांत करा लिया। अकेला एक मुलाजिम और सिक्योरिटी गार्ड व्यवस्था बना रहे थे। जबकि इस बीच मुलाजिमों और सिक्योरिटी गार्ड की कमी दिखी।
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दौड़ा-दौड़ा कर युवक से की थी मारपीट
रविवार देररात करीब 12 बजे छावनी नागरिक अस्पताल के पार्किंग परिसर में ही दो गुटों में मारपीट हो गई थी। दरअसल, महेश नगर थाना क्षेत्र टांगरी नदी में मारपीट करने के बाद दोनों गुट अस्पताल में उपचार के लिए आए थे। इतने में दोनों के बीच मारपीट हो गई। एक युवक अस्पताल की पार्किंग परिसर में ही बचने के लिए दौड़ा तो काफी संख्या में लोग उसके पीछे दौड़े। बचाव के लिए वह अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट वाले गेट के पास पहुंचा तो दरवाजा बंद होने के कारण युवकों ने उसको पकड़ लिया। साथ ही उसकी जमकर पिटाई कर दी। इतने में अस्पताल की चौकी से निकले मुलाजिम ने बीचबचाव कर युवक को छुड़वाया। हालांकि देररात को ही भारी पुलिस बल पहुंच गया था। थाने में मामला सुलझ गया।
उपचार कराते समय हो जाते हैं आमने-सामने

नागरिक अस्पताल में अक्सर मारपीट होने के बाद दोनों ही पक्ष अस्पताल में पहुंच जाते हैं। बिना किसी रोकटोक के भारी संख्या में मरीज के साथ उनके परिजन व अन्य भी दाखिल हो जाते हैं। उपचार व मेडिकल के दौरान ही दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन जाती है। इस समस्या से निकलने के लिए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए है, जबकि इस बीच मरीजों व अन्य तीमारदारों के साथ डॉक्टरों व स्टाफ को भी खतरा बना रहता है।

हालात सुधारने के लिए उठाने होंगे कदम

-अस्पताल में स्थापित चौकी में मुलाजिमों की संख्या बढ़े, रात को इमरजेंसी के गेट पर हो तैनाती
-सिक्योरिटी गार्ड की संख्या में भी रात के समय हो इजाफा
-इमरजेंसी के मुख्य गेट में से केवल मरीज व उसके दो से तीन परिजन को मिले एंट्री, भीड़ को बाहर रोका जाए
-रात के समय-समय पर गश्त हो या फिर एक पीसीआर रात को होनी चाहिए तैनात
वर्जन

चौकी में मुलाजिमों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। हथियार के साथ मुलाजिम, गारद लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। चुनावों के बाद अस्पताल की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए चौकी में मुलाजिमों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
रजत गुलिया, डीएसपी, अंबाला कैंट।
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