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हाउस की तीसरी बैठक में पास नहीं हुआ कोई एजेंडा
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अंबाला सिटी। अरुण हत्याकांड मामले में आरोपी वार्ड नंबर 14 की पार्षद रूबी सौदा की गिरफ्तारी की मांग से शुरू हुई हाउस की बैठक उसी मांग पर खत्म हो गई। करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम में एक भी एजेंडे पर चर्चा नहीं हुई। लगातार तीसरी बार बिना कोई एजेंडा पास किए बैठक स्थगित कर दी गई। वहीं बैठक शुरू होने से पहले पहुंचे जनचेतना पार्टी के पार्षदों ने मोमबत्ती जलाते हुए अरुण को इंसाफ दिलाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने सरकार के दबाव में गिरफ्तारी न करने का आरोप लगाया।
बैठक में पहुंची पार्षद रूबी सौदा को सदन से बाहर करने की मांग को लेकर बहस शुरू हो गई। जनचेतना पार्टी के पार्षदों ने पार्षद रूबी के खिलाफ जारी वारंट दिखाया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। वारंट को तुरंत ही मेयर शक्तिरानी शर्मा ने वहां मौजूद एएसपी पूजा डाबला को देते हुए पत्र का जवाब मांगा। करीब आधे घंटे बाद भी एएसपी की तरह से कोई जवाब नहीं आया तो बैठक को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया।
मंडलायुक्त की ओर से भी नहीं आया कोई जवाब
पार्षद रूबी सौदा पिछली तीन बैठकों में अनुपस्थित रही थी। इस कारण जनचेतना पार्टी और कांग्रेस पार्षदों ने उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसको लेकर पिछले दिनों ही मंडलायुक्त ने पार्षद रूबी सौदा का पक्ष जाना था, लेकिन उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं दिया गया था। ऐसे में जनचेतना पार्टी के पार्षदों ने मंडलायुक्त का फैसला आने तक पार्षद रूबी सौदा को बैठक में भाग न लेने देने की मांग की। वहीं मेयर ने भी फैसला आने का इंतजार करने की बात कही।
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पार्षद विजय चौधरी ने लगाया तानाशाही करने का आरोप
बैठक में किसी विषय को लेकर चर्चा न होने और अपनी बात न रखने का आरोप लगाते हुए पार्षद विजय चौधरी ने मेयर पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बैठक में पार्षद विषयों पर चर्चा करने के लिए आते हैं, लेकिन यहां उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। जब वह एक बार खड़े हुए तो उन्हें बिठा दिया गया और विकास से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। केवल एक पार्षद की वजह से जनता के कार्यों को दरकिनार किया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है।
पार्षद मिथुन वर्मा ने निजी टिप्पणी का किया विरोध
बैठक के दौरान पार्षद मिथुन वर्मा ने भाजपा पार्षदों की ओर से उन पर की गई टिप्पणी का विरोध किया। भाजपा पार्षद ने कहा था कि वह वकालत छोड़ कर बैठक में जज बन गए हैं। इसी बात को लेकर बैठक में काफी देर तक बहस हुई। बाद में मेयर की ओर से इस विषय पर चेतावनी दी गई। उसके बाद मामला शांत हुआ। ऐसा ही एक वाक्य तब हुआ जब भाजपा पार्षद के पति ने बैठक के बीच में कोई बात बोल दी। इसको लेकर भी पार्षद मिथुन वर्मा ने एतराज जताया और मेयर ने चेतावनी देते हुए मामला शांत करवाया।
बैठक में एएसपी को गिरफ्तारी वारंट देते हुए जवाब मांगा था। वहीं मंडलायुक्त की ओर से भी कोई निर्णय नहीं आया था। इसी कारण पार्षद रूबी सौदा को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ और बैठक स्थगित की गई।
- शक्तिरानी शर्मा, मेयर, नगर निगम।
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बैठक में पहुंची पार्षद रूबी सौदा को सदन से बाहर करने की मांग को लेकर बहस शुरू हो गई। जनचेतना पार्टी के पार्षदों ने पार्षद रूबी के खिलाफ जारी वारंट दिखाया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। वारंट को तुरंत ही मेयर शक्तिरानी शर्मा ने वहां मौजूद एएसपी पूजा डाबला को देते हुए पत्र का जवाब मांगा। करीब आधे घंटे बाद भी एएसपी की तरह से कोई जवाब नहीं आया तो बैठक को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया।
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मंडलायुक्त की ओर से भी नहीं आया कोई जवाब
पार्षद रूबी सौदा पिछली तीन बैठकों में अनुपस्थित रही थी। इस कारण जनचेतना पार्टी और कांग्रेस पार्षदों ने उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। इसको लेकर पिछले दिनों ही मंडलायुक्त ने पार्षद रूबी सौदा का पक्ष जाना था, लेकिन उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं दिया गया था। ऐसे में जनचेतना पार्टी के पार्षदों ने मंडलायुक्त का फैसला आने तक पार्षद रूबी सौदा को बैठक में भाग न लेने देने की मांग की। वहीं मेयर ने भी फैसला आने का इंतजार करने की बात कही।
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पार्षद विजय चौधरी ने लगाया तानाशाही करने का आरोप
बैठक में किसी विषय को लेकर चर्चा न होने और अपनी बात न रखने का आरोप लगाते हुए पार्षद विजय चौधरी ने मेयर पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बैठक में पार्षद विषयों पर चर्चा करने के लिए आते हैं, लेकिन यहां उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। जब वह एक बार खड़े हुए तो उन्हें बिठा दिया गया और विकास से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। केवल एक पार्षद की वजह से जनता के कार्यों को दरकिनार किया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है।
पार्षद मिथुन वर्मा ने निजी टिप्पणी का किया विरोध
बैठक के दौरान पार्षद मिथुन वर्मा ने भाजपा पार्षदों की ओर से उन पर की गई टिप्पणी का विरोध किया। भाजपा पार्षद ने कहा था कि वह वकालत छोड़ कर बैठक में जज बन गए हैं। इसी बात को लेकर बैठक में काफी देर तक बहस हुई। बाद में मेयर की ओर से इस विषय पर चेतावनी दी गई। उसके बाद मामला शांत हुआ। ऐसा ही एक वाक्य तब हुआ जब भाजपा पार्षद के पति ने बैठक के बीच में कोई बात बोल दी। इसको लेकर भी पार्षद मिथुन वर्मा ने एतराज जताया और मेयर ने चेतावनी देते हुए मामला शांत करवाया।
बैठक में एएसपी को गिरफ्तारी वारंट देते हुए जवाब मांगा था। वहीं मंडलायुक्त की ओर से भी कोई निर्णय नहीं आया था। इसी कारण पार्षद रूबी सौदा को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ और बैठक स्थगित की गई।
- शक्तिरानी शर्मा, मेयर, नगर निगम।