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मृत्यु का रिकार्ड आशा से ले 15 साल बाद चौकीदार को सौंपी कमान, 300 रुपये बढ़ाया वेतनमान
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15 साल बाद मृत्यु का रिकार्ड फिर से चौकीदार संभालेंगे। प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है। 18 नवंबर से नई नोटिफिकेशन के तहत कार्य भी शुरू कर दिया है। अंबाला में इस नई योजना से सीधे तौर पर 7 हजार चौकीदारों को फायदा होगा। चौकीदारों के अलावा मृत्यु का रिकार्ड मेंटेन करने में अब ग्राम सरंपचों और कॉमन सुविधा केंद्र की भूमिका भी सरकार ने तय कर दी है। साथ ही ये दोनों इस जिम्मेदारी को निभाएं इसके लिए सरकार मानदेय देगी। गांव, मोहल्ले या किसी भी एरिया में मृत्यु होने पर अब चौकीदार रिकार्ड मेंटेन करेगा। साथ ही साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर उसे आनलाइन करवाएगा। डाटा आनलाइन होते ही चौकीदार को प्रति पंजीकरण 300, डाटा अपलोड करने वाले सीएससी संचालक को 50 और संबंधित ग्राम सरपंच को 150 रुपये दिए जाएंगे ताकि सभी की जवाबदेही रहे।
220 वीएलई को दी गई ट्रेनिंग
मृत्यु पंजीकरण आनलाइन करवाने के लिए शनिवार को पंचायत भवन अंबाला शहर में 220 वीएलई ( विलेज लेवल इंटरप्रयोर ) को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। ट्रेनिंग में स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर प्रभोत सिंह और डीपीएम भी मौजूद रहे।
पहले यह थी प्रक्रिया
दरअसल 2004 से पहले चौकीदार ही जन्म-मृत्यु का रिकार्ड रखते थे। चौकीदार को हर 15 दिन बाद संबंधित थाने से इस रजिस्टर को सत्यापित करवाना होता था। 2004 में चौकीदारों से यह काम लेकर एएनएम को दे दिया था। 2009 में यह कार्य एएनएम से आशा को सौंपा था। अभी तक आशा ही मृत्यु का फार्म भरती थी इसके बाद एएनएम उसे सत्यापित करती फिर वह संबंधित अधिकारियों से होते हुए दोबारा आशा के पास आता था और आशा ही उसे पीएचसी स्तर पर मौजूद डाटा एंट्री आपरेटर के जरिए आनलाइन करवाती थी।
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ये होगा फायदा
नई योजना से अब मृत्यु का रिकार्ड बहुत जल्दी आनलाइन दर्ज हो जाएगा। इससे मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने में लगने वाले समय में कमी आएगी। क्योंकि अब सीधे चौकीदार सरपंच से सत्यापित करवाकर उसे कॉमन सर्विस सेंटर से आनलाइन करवाएगा।
जिले में 800 सीएससी
जिले की बात करें तो जिले में 800 सीएससी हैं। लेकिन इनमें से 500 एक्टिव हैं। इन्हीं सीएचसी पर 100 से 500 तक की नागरिक सुविधाएं दी जा रही हैं। बैंकिंग, इंश्योरेंस, रेलवे टिकट, एजुकेशन तक की सुविधा सरकार इन्हीं के माध्यम से दे रही है। हर गांव स्तर पर एक सीएचसी कार्यरत हैं। जहां तक चौकीदारों की बात करें तो जिले में 7 हजार चौकीदार हैं और 408 ग्राम पंचायतें जबकि अन्य अभी तक ट्विन सिटी में 20 वार्ड। इसी तरह बराड़ा और नारायणगढ़ में नगरपालिका के वार्ड हैं।
सभी सीएससी संचालक को रेट लिस्टचस्पा करने के निर्देश
सीएससी पर मिल रही नागरिक सुविधाओं की एवज में सरकार ने निर्धारित रेट तय किए हैं लेकिन ज्यादातर सीएससी संचालक इस रेट लिस्ट की अनुपालना नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब इन पर लगाम कसने के लिए सरकार ने सभी सीएचसी संचालकों को अपने सेंटर के बाहर रेट लिस्ट लगाने के आदेश जारी किए हैं। उन्हें अपने यहां होने वाले हर काम की लिस्ट लगानी होगी। इतना ही नहीं सीएससी संचालक अपने निर्धारित लोकेशन पर ही सीएससी खोलेंगे। यदि दूसरी लोकेशन पर खुली पाई गई तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
चौकीदार अब सीधे सीएससी में सूचना देंगे। सीएससी पर मौजूद वीएलई उसे आनलाइन अपलोड करेगा। इसके बदले में प्रति मृत्यु पंजीकरण चौकीदार को 300, वीएलई को 50 और ग्राम पंचायत को 150 रुपये दिए जाएंगे। हां सभी सीएससी संचालकों को रेट लिस्ट सीएससी के बाहर चस्पा करनी होगी। निर्धारित रेट से ज्यादा कोई भी लेता हुआ पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। 18 नवंबर से यह योजना शुरू कर दी गई है।
विवेक शर्मा, जिला प्रबंधक कॉमन सर्विस सेंटर
सरकार के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। हमें इस बारे में बताया गया था। लेकिन अभी नोटिस के बारे में जानकारी नहीं है। 2004 में हमसे यह काम लेकर आशा को सौंप दिया था।
सुखबीर चौकीदार, ब्लॉक प्रधान
सरकार हमें इस काम के 150 रुपये दे रही थी। चौकीदारों का वेतन सरकार ने पहले ही बढ़ा दिया था। हम इसका स्वागत करते हैं। हमें उनसे दिक्कत नहीं है। अब मृत्यु पंजीकरण का काम भी चौकीदार को दे दिया गया है इस बारे में जानकारी नहीं है।
आशा वर्कर, जिला प्रधान।
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220 वीएलई को दी गई ट्रेनिंग
मृत्यु पंजीकरण आनलाइन करवाने के लिए शनिवार को पंचायत भवन अंबाला शहर में 220 वीएलई ( विलेज लेवल इंटरप्रयोर ) को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। ट्रेनिंग में स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर प्रभोत सिंह और डीपीएम भी मौजूद रहे।
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पहले यह थी प्रक्रिया
दरअसल 2004 से पहले चौकीदार ही जन्म-मृत्यु का रिकार्ड रखते थे। चौकीदार को हर 15 दिन बाद संबंधित थाने से इस रजिस्टर को सत्यापित करवाना होता था। 2004 में चौकीदारों से यह काम लेकर एएनएम को दे दिया था। 2009 में यह कार्य एएनएम से आशा को सौंपा था। अभी तक आशा ही मृत्यु का फार्म भरती थी इसके बाद एएनएम उसे सत्यापित करती फिर वह संबंधित अधिकारियों से होते हुए दोबारा आशा के पास आता था और आशा ही उसे पीएचसी स्तर पर मौजूद डाटा एंट्री आपरेटर के जरिए आनलाइन करवाती थी।
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ये होगा फायदा
नई योजना से अब मृत्यु का रिकार्ड बहुत जल्दी आनलाइन दर्ज हो जाएगा। इससे मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने में लगने वाले समय में कमी आएगी। क्योंकि अब सीधे चौकीदार सरपंच से सत्यापित करवाकर उसे कॉमन सर्विस सेंटर से आनलाइन करवाएगा।
जिले में 800 सीएससी
जिले की बात करें तो जिले में 800 सीएससी हैं। लेकिन इनमें से 500 एक्टिव हैं। इन्हीं सीएचसी पर 100 से 500 तक की नागरिक सुविधाएं दी जा रही हैं। बैंकिंग, इंश्योरेंस, रेलवे टिकट, एजुकेशन तक की सुविधा सरकार इन्हीं के माध्यम से दे रही है। हर गांव स्तर पर एक सीएचसी कार्यरत हैं। जहां तक चौकीदारों की बात करें तो जिले में 7 हजार चौकीदार हैं और 408 ग्राम पंचायतें जबकि अन्य अभी तक ट्विन सिटी में 20 वार्ड। इसी तरह बराड़ा और नारायणगढ़ में नगरपालिका के वार्ड हैं।
सभी सीएससी संचालक को रेट लिस्टचस्पा करने के निर्देश
सीएससी पर मिल रही नागरिक सुविधाओं की एवज में सरकार ने निर्धारित रेट तय किए हैं लेकिन ज्यादातर सीएससी संचालक इस रेट लिस्ट की अनुपालना नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब इन पर लगाम कसने के लिए सरकार ने सभी सीएचसी संचालकों को अपने सेंटर के बाहर रेट लिस्ट लगाने के आदेश जारी किए हैं। उन्हें अपने यहां होने वाले हर काम की लिस्ट लगानी होगी। इतना ही नहीं सीएससी संचालक अपने निर्धारित लोकेशन पर ही सीएससी खोलेंगे। यदि दूसरी लोकेशन पर खुली पाई गई तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
चौकीदार अब सीधे सीएससी में सूचना देंगे। सीएससी पर मौजूद वीएलई उसे आनलाइन अपलोड करेगा। इसके बदले में प्रति मृत्यु पंजीकरण चौकीदार को 300, वीएलई को 50 और ग्राम पंचायत को 150 रुपये दिए जाएंगे। हां सभी सीएससी संचालकों को रेट लिस्ट सीएससी के बाहर चस्पा करनी होगी। निर्धारित रेट से ज्यादा कोई भी लेता हुआ पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। 18 नवंबर से यह योजना शुरू कर दी गई है।
विवेक शर्मा, जिला प्रबंधक कॉमन सर्विस सेंटर
सरकार के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। हमें इस बारे में बताया गया था। लेकिन अभी नोटिस के बारे में जानकारी नहीं है। 2004 में हमसे यह काम लेकर आशा को सौंप दिया था।
सुखबीर चौकीदार, ब्लॉक प्रधान
सरकार हमें इस काम के 150 रुपये दे रही थी। चौकीदारों का वेतन सरकार ने पहले ही बढ़ा दिया था। हम इसका स्वागत करते हैं। हमें उनसे दिक्कत नहीं है। अब मृत्यु पंजीकरण का काम भी चौकीदार को दे दिया गया है इस बारे में जानकारी नहीं है।
आशा वर्कर, जिला प्रधान।