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Ambala News: गलत एस्टीमेट से गड़बड़ाया एनसीडीसी निर्माण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2025 12:15 AM IST
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NCDC construction messed up due to wrong estimate
अंबाला। अंबाला में बनने वाला उत्तर भारत का पहला राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) का निर्माण गलत एस्टीमेट के कारण लटक गया। नग्गल में जिस स्थान पर केंद्र बनना था वहां पर बाढ़ के दौरान पानी आने से जलभराव हो गया था। इस जलभराव को मिट्टी से ठीक करने के लिए सबसे पहले पीडब्ल्यूडी से एस्टीमेट बनाया था।
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उन्होंने इस कार्य को अढ़ाई करोड़ में करने का एस्टीमेट दिया था। इसके बाद यह कार्य नगर परिषद को दे दिया। विभागीय जानकारों की मानें तो नगर परिषद ने इस कार्य को 40 लाख रुपये में करने का एस्टीमेट दे दिया। ऐसे में जब मौके पर कार्य किया गया तो पता चला कि यह कार्य तो वास्तव में दो से अढ़ाई करोड़ रुपये में ही होगा। ऐसे में इसी गतिरोध में परियोजना पर कार्य सिरे ही नहीं चढ़ सका।
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पुराने भवन को गिराकर हो सकता है काम

एनसीडीसी नग्गल में जिस स्थान पर बनाना है वहां पर एक खंडहर भवन भी है। इसका जीर्णोद्धार किया जाना है। मिट्टी डालने का कार्य और भवन के जीर्णोद्धार का कार्य दोनों अलग-अलग हैं। इस केंद्र का निर्माण सेंट्रल पीडब्ल्यूडी को करना है। ऐसे में सीपीडब्ल्यूडी जीर्णोद्धार के काम को कर सकता है, जिससे कि जल्द से जल्द केंद्र को शुरू किया जा सके। मौजूदा समय में केंद्र का स्टाफ चंडीगढ़ से काम कर रहा है। केंद्र के बनने के बाद स्टॉफ यहां शिफ्ट होगा। संभवत: नई भर्तियां भी की जाएंगी।
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25 लाख रुपये की मिट्टी भी पड़ी कम

एनसीडीसी पर मिट्टी डालने के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को कहा जा चुका है। पहले तो ठेकेदार ने भी काम में काफी ढिलाई बरती। इसके बाद काम धीमा पड़ गया। धीमी गति से यहां मिट्टी डालने के चल रहे काम में 25 लाख रुपये की मिट्टी डाली जा चुकी है। वहीं अन्य कार्य के लिए निविदा लगाने की तैयारी की जा रही है।


वायरस जनित बीमारियों पर होगा शोध

एनसीडीसी केंद्र में बीमारियों से संबंधित वह जांचें भी हो सकेंगी जो अन्य किसी अस्पताल या फिर स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं हो पाती हैं। केंद्र के बनने से लोगों को दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही यहां पर अलग- अलग प्रकार के वायरस पर भी शोध किया जाएगा। हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर से आने वाले सैंपल भी यहां पर जांचे जाएंगे।
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