{"_id":"61799ce0ef5f8a4de94e8848","slug":"mohe-on-meet-ghan-shyam-many-days-have-passed-but-the-devotees-of-shri-krishna-swing-ambala-news-knl879042153","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहे आन मिलो घन श्याम, बहुत दिन बीत गए... पर झूमे श्रीकृष्ण भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहे आन मिलो घन श्याम, बहुत दिन बीत गए... पर झूमे श्रीकृष्ण भक्त
विज्ञापन
डिफैंस कालोनी में आयोजित श्रीमद भागवत कथा से पहले क्लश यात्रा निकालते श्रद्धालु।
- फोटो : Ambala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला छावनी में डिफेंस कॉलोनी में श्री राधा-माधव संकीर्तन पथ की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा से पूर्व एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें 21 महिलाओं ने कलश धारण कर शोभायात्रा की अगुवाई की। शिव मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ कर समस्त नगर से होते हुए कथा पंडाल तक पहुंची। इस दौरान भक्त भगवान श्रीकृष्ण के भजनों पर झूमते दिखाई दिए। भगवान श्रीकृष्ण के भजन मोहे आन मिलो घन श्याम, बहुत दिन बीत गए, राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी आदि भजनों ने वातावरण भक्तिमय कर दिया।
पहले दिन कथा वाचक पंडित रोहित शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समस्त प्राणियों का कल्याण करने वाली है। भगवान को सच्चिदानंद के नाम से भी जाना जाता है। सच्चिदानंद का अर्थ सत चित आनंद यानी सत्य केवल परमात्मा है। भक्ति में मन को निर्मल बनाना परम आवश्यक है। श्रीराम चरित्र मानस में भी तुलसीदास जी ने यही वर्णन किया है कि निर्मल मन, जन सो मोहि पावा, मोहि कपट छल छिद्र ना भावा, अर्थात भगवान कहते हैं मुझे कपटी जीव नहीं भाते।
पंडित रोहित शास्त्री द्वारा कलयुग का संपूर्ण वर्णन किया गया। श्रीमद्भागवत पुराण की पूजा पंडित प्रवीण शर्मा, पंडित रिन्कू शर्मा, कुलदीप शर्मा, विक्रम शर्मा, रजत शर्मा, हन्नी शर्मा व समस्त शाक्य प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की ओर से की गई। कथा के समापन पर सभी श्रीकृष्ण भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले दिन कथा वाचक पंडित रोहित शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समस्त प्राणियों का कल्याण करने वाली है। भगवान को सच्चिदानंद के नाम से भी जाना जाता है। सच्चिदानंद का अर्थ सत चित आनंद यानी सत्य केवल परमात्मा है। भक्ति में मन को निर्मल बनाना परम आवश्यक है। श्रीराम चरित्र मानस में भी तुलसीदास जी ने यही वर्णन किया है कि निर्मल मन, जन सो मोहि पावा, मोहि कपट छल छिद्र ना भावा, अर्थात भगवान कहते हैं मुझे कपटी जीव नहीं भाते।
विज्ञापन
पंडित रोहित शास्त्री द्वारा कलयुग का संपूर्ण वर्णन किया गया। श्रीमद्भागवत पुराण की पूजा पंडित प्रवीण शर्मा, पंडित रिन्कू शर्मा, कुलदीप शर्मा, विक्रम शर्मा, रजत शर्मा, हन्नी शर्मा व समस्त शाक्य प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की ओर से की गई। कथा के समापन पर सभी श्रीकृष्ण भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

डिफैंस कालोनी में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में प्रवचन करते कथावाचक।- फोटो : Ambala
विज्ञापन