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Ambala News: किशोरियां के डूबने के बाद महावीर पार्क बंद
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अंबाला सिटी। आठ साल से निर्माणाधीन महावीर पार्क के तालाब में मंगलवार डूबी किशोरियों के हादसे ने जिम्मेवार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है।
पार्क में अभी काम चल रहा है बावजूद लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए है। यहां पर न तो कोई सिक्योरिटी गार्ड है न ही पार्क के छोटे गेट पर कोई ताला। हादसे की भनक लगते हुए संबंधित अधिकारियों ने आनन-फानन में पार्क के गेट को बंद करवा दिया। यह कार्य पहले किया जाना चाहिए था।
पार्क के तालाब में जिस जगह पर यह हादसा हुआ है, वहां पर तालाब की तरफ की ढलान है और जो रेलिंग लगी है वो महज दो फीट तक ही नहीं है। कोई भी अगर इस जगह पर आता है और अनियंत्रित हो जाता है तो सीधा तालाब में ही गिरने का खतरा रहता है। जबकि पार्क की चारदीवारी पर लगी जालियां भी टूटी होने के कारण कई रास्ते बन चुके हैं। लोग इनमें से भी दाखिल हो जाते हैं। निर्माणाधीन महावीर पार्क में हुए हादसे के बाद नगर निगम मेयर सैलजा सचदेवा ने अधूरे पार्क को खोलने वाले अधिकारियों पर लापरवाही बरतने व मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पार्क तैयार नहीं है तो खोला नहीं जाना चाहिए था। पार्क के जालियां जगह-जगह से टूटी है व सिक्योरिटी गार्ड तक नहीं है। खुले पार्क के कारण ही ये हादसा हो गया। अधूरे पार्क के तालाब में किश्तियां भी नहीं रखवानी चाहिए थीं।
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बिना तैयारियों के तालाब में रखवाई किश्तियां, लोग देखने पहुंच रहे : हादसे क बाद पार्क के तालाब में पड़ी किश्तियां पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब पार्क पूरी तरह से तैयार ही नहीं हुआ है तो तालाब में किश्तियां नहीं होनी चाहिए। ऐसे में अग्रसेन चौक से गुजरने वाले लोगों की नजर इन पर पड़ती है। यहीं कारण है कि अधिकतर लोग को इसे देखकर भीतर दाखिल हो जाते हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि यह अभी चालू नहीं हुई है।
सातवीं कक्षा से एक साथ पढ़ती थी अंजलि व जैसमीन : अंजलि व जैसमीन दोनों सातवीं कक्षा से एक साथ ही पढ़ती थी। एक साथ ही दोनों ने अग्रसेन चौक के पास हारट्रोन से टेली का कोर्स करना शुरू किया था। मृतका अंजलि के भाई सतनाम ने बताया कि पिता कारपेंटर है और घर में दादी, मां, पिता व बहन अंजलि रहती थी। अंजलि ने गवर्नमेंट कॉलेज में बीसीए के लिए आवेदन किया था। पहली कटआउट लिस्ट में नाम नहीं आया था। बुधवार को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज जाना था। मंगलवार की सुबह वह मां व दादी को लेकर मुलाना अपने रिश्तेदार का हालचाल जानने के लिए गए थे। संवाद
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पार्क में अभी काम चल रहा है बावजूद लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए है। यहां पर न तो कोई सिक्योरिटी गार्ड है न ही पार्क के छोटे गेट पर कोई ताला। हादसे की भनक लगते हुए संबंधित अधिकारियों ने आनन-फानन में पार्क के गेट को बंद करवा दिया। यह कार्य पहले किया जाना चाहिए था।
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पार्क के तालाब में जिस जगह पर यह हादसा हुआ है, वहां पर तालाब की तरफ की ढलान है और जो रेलिंग लगी है वो महज दो फीट तक ही नहीं है। कोई भी अगर इस जगह पर आता है और अनियंत्रित हो जाता है तो सीधा तालाब में ही गिरने का खतरा रहता है। जबकि पार्क की चारदीवारी पर लगी जालियां भी टूटी होने के कारण कई रास्ते बन चुके हैं। लोग इनमें से भी दाखिल हो जाते हैं। निर्माणाधीन महावीर पार्क में हुए हादसे के बाद नगर निगम मेयर सैलजा सचदेवा ने अधूरे पार्क को खोलने वाले अधिकारियों पर लापरवाही बरतने व मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पार्क तैयार नहीं है तो खोला नहीं जाना चाहिए था। पार्क के जालियां जगह-जगह से टूटी है व सिक्योरिटी गार्ड तक नहीं है। खुले पार्क के कारण ही ये हादसा हो गया। अधूरे पार्क के तालाब में किश्तियां भी नहीं रखवानी चाहिए थीं।
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बिना तैयारियों के तालाब में रखवाई किश्तियां, लोग देखने पहुंच रहे : हादसे क बाद पार्क के तालाब में पड़ी किश्तियां पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब पार्क पूरी तरह से तैयार ही नहीं हुआ है तो तालाब में किश्तियां नहीं होनी चाहिए। ऐसे में अग्रसेन चौक से गुजरने वाले लोगों की नजर इन पर पड़ती है। यहीं कारण है कि अधिकतर लोग को इसे देखकर भीतर दाखिल हो जाते हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि यह अभी चालू नहीं हुई है।
सातवीं कक्षा से एक साथ पढ़ती थी अंजलि व जैसमीन : अंजलि व जैसमीन दोनों सातवीं कक्षा से एक साथ ही पढ़ती थी। एक साथ ही दोनों ने अग्रसेन चौक के पास हारट्रोन से टेली का कोर्स करना शुरू किया था। मृतका अंजलि के भाई सतनाम ने बताया कि पिता कारपेंटर है और घर में दादी, मां, पिता व बहन अंजलि रहती थी। अंजलि ने गवर्नमेंट कॉलेज में बीसीए के लिए आवेदन किया था। पहली कटआउट लिस्ट में नाम नहीं आया था। बुधवार को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज जाना था। मंगलवार की सुबह वह मां व दादी को लेकर मुलाना अपने रिश्तेदार का हालचाल जानने के लिए गए थे। संवाद