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लॉक डाउन की आड: 47 शिक्षकों के साथ 22 चुतर्थ श्रेणी कर्मी वेतन को तरसे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 12:15 AM IST
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lockdown on teachers
जिले की सबसे नामी संस्थाओं में शामिल श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अधीन आने वाले एसए जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 47 शिक्षकों के सामाने लॉक डाउन में परिवार चलाने के साथ अपने घर के खर्चे निकालना मुश्किल हो गया है। बात यहीं खत्म नहीं होती हालात यह हैं कि स्कूल में कार्यरत 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और उनके परिवार वालों के आगे तो भूखा मरने की नौबत ही आ चुकी है। क्योंकि इन 69 कर्मचारियों में से अभी तक किसी भी कर्मचारी को मार्च महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला। ऐसा नहीं है कि लॉकडाउन के कारण बिल न बने हों। सैलेरी के बिल भी बन चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक न तो प्रिंसिपल ने स्टाफ के वेतन के बारे में कोई प्लान बनाया न ही मैनेजमेंट ने इस पर कोई ध्यान देना लाजमी समझा। बता दें कि गत वर्ष यह स्कूल अपनी इसी तरह की अनियमितताओं के चलते सुर्खियों में रहा था और यहां पर शिक्षा विभाग को एडमिनिस्ट्रेट लगाना पड़ा था। बता दें कि सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों, फैक्ट्रियों, दुकानदारों व संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं कि लॉक डाउन की अवधि में किसी भी कर्मचारी का वेतन न काटा जाए। इतना ही नहीं नगर निगम और परिषदों ने अपने एरिया में रहने वाले प्रवासी लोगों का तो किराया भी माफ करने के आदेश पारित किए हुए हैं लेकिन स्कूल प्रबंधन अपने स्टाफ का वेतन देने को तैयार नहीं है। श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अधीन शहर में 4 स्कूल चल रहे हैं। एसए जैन स्कूल में इस समय करीब 1200 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं।
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बता दें कि लंबे समय से विवादों में चल रहे इस स्कूल में कुलदीप भुटानी मैडम को कार्यवाहक प्रिंसिपल बनाया गया था। लेकिन इसी लॉक डाउन की अवधि में पहले से ही प्रिंसिपल रह चुके नीरज बाली ने दोबारा से पूर्ण रूप से प्रिंसिपल का पदभार संभाल लिया। अलबत्ता अब प्रबंधन यह भी नहीं कह सकता कि प्रिंसिपल नहीं हैं। वेतन दिलाने की सारी जिम्मेदार प्रिंसिपल की होने के बावजूद खुद प्रिंसिपल ही इस पूरे मामले से अब पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। कहा मेरे संज्ञान में नहीं है मामला मैं तो 29 को बिल बना आया था। यदि बिल बनाते तो वह पास क्यों नहीं हुए? इसका जवाब खुद उनके पास भी नहीं था।
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