{"_id":"654156e49bf4bfe48d0d8a77","slug":"location-of-enforcement-team-and-rta-is-being-shared-in-whatsapp-group-ambala-news-c-36-1-sknl1017-13100-2023-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: एन्फोर्समेंट टीम और आरटीए की लोकेशन हो रही व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: एन्फोर्समेंट टीम और आरटीए की लोकेशन हो रही व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर
विज्ञापन
अंबाला। एन्फोर्समेंट टीम व आरटीए की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर होने का मामला सामने आया है। शातिर ओवरलोड वाहन चालकों का बाकायदा एक ग्रुप बना हुआ था। इसमें 59 सदस्य शामिल थे। जैसे ही किसी को रास्ते में चेकिंग मिलती तो उस मार्ग पर ओवर लोडिंग वाहन गुजरने बंद हो जाते थे। इसका खुलासा कैंट थाने में आरटीए अंबाला सुशील कुमार द्वारा दी शिकायत से हुआ।
उन्होंने बताया कि एक टिप्पर चालक को पकड़ा था और उसे व्हाट्सएप ग्रुप से इस पूरे ग्रुप का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने आरटीए की शिकायत पर सल्लामुददीन, अमरीक मुंशी, जगपाल मुंशी, काला मुंशी, मनजीत, शकील मुंशी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता आरटीए सुशील कुमार ने बताया कि 27 सितंबर को एनफोर्समेंट ब्यूरो टीम द्वारा इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार के नेतृत्व में अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर मोहड़ा के नजदीक ओवर लोडिंग वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान एक ओवरलोड टिप्पर को चैकिंग के लिए रोका गया। चालक की पहचान सल्लामुद्दीन के रूप में हुई। जब गाड़ी रोककर उसके दस्तावेज व मोबाइल जांचे तो उसके व्हाट्सएप में यूवी लोकेशन के नाम से ग्रुप बना हुआ था।
विज्ञापन
इस ग्रुप में करीब 59 सदस्य थे, जिनमें से आधे से अधिक लोगों के नंबर ही उसके मोबाइल में सेव नहीं थे। इस ग्रुप में अमरीक मुंशी, जगपाल मुंशी, काला मुंशी, मनजीत, शकील मुंशी एडमिन थे। इन लोगों द्वारा इस ग्रुप में ओवरलोड वाहनों की चेकिंग करने वाली एन्फोर्समेंट टीम और आरटीए की लोकेशन शेयर की जाती थी।
एक माह की मामले की जांच, टिप्पर में लोड था रेट
रेत से भरे टिप्पर को पकड़ने के बाद आरटीए ने अपने स्तर पर करीब एक माह तक जांच की। जब पूरी तरह से पुख्ता हो गया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है और उनकी हर छोटी-बड़ी चेकिंग की सूचना का जिलेभर में आदान प्रदान करता है। हालांकि इसमें यह भी देखा जाता है कि कहीं आरटीए कार्यालय या फिर पुलिस के जवान तो इस ग्रुप में शामिल नहीं। गौरतबल है कि इससे पहले भी ऐसा मामला उजागर हुआ है। आरटीए टीम की तरफ से कार्रवाई की गई थी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एक टिप्पर चालक को पकड़ा था और उसे व्हाट्सएप ग्रुप से इस पूरे ग्रुप का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने आरटीए की शिकायत पर सल्लामुददीन, अमरीक मुंशी, जगपाल मुंशी, काला मुंशी, मनजीत, शकील मुंशी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता आरटीए सुशील कुमार ने बताया कि 27 सितंबर को एनफोर्समेंट ब्यूरो टीम द्वारा इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार के नेतृत्व में अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे पर मोहड़ा के नजदीक ओवर लोडिंग वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान एक ओवरलोड टिप्पर को चैकिंग के लिए रोका गया। चालक की पहचान सल्लामुद्दीन के रूप में हुई। जब गाड़ी रोककर उसके दस्तावेज व मोबाइल जांचे तो उसके व्हाट्सएप में यूवी लोकेशन के नाम से ग्रुप बना हुआ था।
विज्ञापन
इस ग्रुप में करीब 59 सदस्य थे, जिनमें से आधे से अधिक लोगों के नंबर ही उसके मोबाइल में सेव नहीं थे। इस ग्रुप में अमरीक मुंशी, जगपाल मुंशी, काला मुंशी, मनजीत, शकील मुंशी एडमिन थे। इन लोगों द्वारा इस ग्रुप में ओवरलोड वाहनों की चेकिंग करने वाली एन्फोर्समेंट टीम और आरटीए की लोकेशन शेयर की जाती थी।
एक माह की मामले की जांच, टिप्पर में लोड था रेट
रेत से भरे टिप्पर को पकड़ने के बाद आरटीए ने अपने स्तर पर करीब एक माह तक जांच की। जब पूरी तरह से पुख्ता हो गया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है और उनकी हर छोटी-बड़ी चेकिंग की सूचना का जिलेभर में आदान प्रदान करता है। हालांकि इसमें यह भी देखा जाता है कि कहीं आरटीए कार्यालय या फिर पुलिस के जवान तो इस ग्रुप में शामिल नहीं। गौरतबल है कि इससे पहले भी ऐसा मामला उजागर हुआ है। आरटीए टीम की तरफ से कार्रवाई की गई थी।