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Ambala News: आधुनिक तकनीक से जलेंगी प्लेटफार्म की एलईडी लाइटें
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगी एलईडी लाइट्स। रेलवे
हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। रेलवे ने बिजली की बचत के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अंबाला मंडल ने इसकी शुरुआत अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से कर दी है और इस सुविधा से रेलवे को प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार और प्रत्येक वर्ष 3 से 3.50 लाख रुपये की बचत होगी।
बिजली की बचत के लिए सभी प्लेटफार्मों पर खास सिस्टम लगाया है। इसके तहत ट्रेन नहीं होने पर स्टेशन की 70 फीसदी लाइट अपने आप बंद हो जाएंगी यानी सिर्फ 30 फीसदी लाइट ही चालू रहेगी। अगर ट्रेन आती है तो प्लेटफार्म की सभी लाइटें अपने आप ही जल जाएंगी। गौरतलब है कि अंबाला कैंट और रेलवे क्वार्टरों का बिजली बिल एक साथ लगभग 16 से 17 लाख के बीच आता है।
तीन वर्ष पहले लगे थे सोलर पैनल
छावनी रेलवे स्टेशन को सौर ऊर्जा से रोशन करने व बिजली बिल कम करने की अंबाला मंडल ने महत्वाकांक्षी परियोजना शुरु की थी। इसके तहत डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से अंबाला कैंट स्टेशन पर सोलर पैनल लगाए गए थे। इसमें सातों प्लेटफार्म के शैड, टिकट काउंटर व कार्यालय की छतों पर पैनल लगे हुए हैं। इससे तैयार होने वाली बिजली न केवल प्लेटफार्म, पार्सल घर, प्रतीक्षालय, टिकट घर और स्टेशन पर कार्यालयों में सप्लाई हो रही है, बल्कि इसका इस्तेमाल रेलवे कॉलोनी में बने क्वार्टरों को रोशन करने के लिए भी किया जा रहा है।
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रोजाना 50 हजार यात्री, 300 ट्रेनें
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 50 हजार यात्री आते हैं और स्टेशन से रोजाना 300 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। सात प्लेटफार्माें पर लगभग एक हजार एलईडी लाइटें लगी हुई हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार माइक्रो प्रोसेसर आधारित इस नियंत्रण प्रणाली को वेब या स्मार्ट फोन के जरिये भी संचालित किया जा सकता है।
अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी मिलेगी सुविधा
अंबाला मंडल के अधीन चंडीगढ़, कालका, शिमला, राजपुरा, पटियाला, धूरी, बठिंडा, श्रीगंगानगर, यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर में भी जल्द ही आधुनिक सिस्टम को लगाया जाएगा, जिससे कि बिजली की बचत हो सके। इसी कड़ी में रेलवे ने मंडल के अधीन आने वाले 227 छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों को पहले ही एलईडी लाइटों से लेस कर दिया है।
वर्जन
बिजली की बचत के लिए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जोकि काफी कारगर साबित हो रही है। इस सुविधा से प्रतिवर्ष 3 से 3.50 लाख रुपये की बचत होगी। इस सुविधा का विस्तार अंबाला मंडल के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी जल्द ही किया जाएगा।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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अंबाला। रेलवे ने बिजली की बचत के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अंबाला मंडल ने इसकी शुरुआत अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से कर दी है और इस सुविधा से रेलवे को प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार और प्रत्येक वर्ष 3 से 3.50 लाख रुपये की बचत होगी।
बिजली की बचत के लिए सभी प्लेटफार्मों पर खास सिस्टम लगाया है। इसके तहत ट्रेन नहीं होने पर स्टेशन की 70 फीसदी लाइट अपने आप बंद हो जाएंगी यानी सिर्फ 30 फीसदी लाइट ही चालू रहेगी। अगर ट्रेन आती है तो प्लेटफार्म की सभी लाइटें अपने आप ही जल जाएंगी। गौरतलब है कि अंबाला कैंट और रेलवे क्वार्टरों का बिजली बिल एक साथ लगभग 16 से 17 लाख के बीच आता है।
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तीन वर्ष पहले लगे थे सोलर पैनल
छावनी रेलवे स्टेशन को सौर ऊर्जा से रोशन करने व बिजली बिल कम करने की अंबाला मंडल ने महत्वाकांक्षी परियोजना शुरु की थी। इसके तहत डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से अंबाला कैंट स्टेशन पर सोलर पैनल लगाए गए थे। इसमें सातों प्लेटफार्म के शैड, टिकट काउंटर व कार्यालय की छतों पर पैनल लगे हुए हैं। इससे तैयार होने वाली बिजली न केवल प्लेटफार्म, पार्सल घर, प्रतीक्षालय, टिकट घर और स्टेशन पर कार्यालयों में सप्लाई हो रही है, बल्कि इसका इस्तेमाल रेलवे कॉलोनी में बने क्वार्टरों को रोशन करने के लिए भी किया जा रहा है।
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रोजाना 50 हजार यात्री, 300 ट्रेनें
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 50 हजार यात्री आते हैं और स्टेशन से रोजाना 300 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। सात प्लेटफार्माें पर लगभग एक हजार एलईडी लाइटें लगी हुई हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार माइक्रो प्रोसेसर आधारित इस नियंत्रण प्रणाली को वेब या स्मार्ट फोन के जरिये भी संचालित किया जा सकता है।
अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी मिलेगी सुविधा
अंबाला मंडल के अधीन चंडीगढ़, कालका, शिमला, राजपुरा, पटियाला, धूरी, बठिंडा, श्रीगंगानगर, यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर में भी जल्द ही आधुनिक सिस्टम को लगाया जाएगा, जिससे कि बिजली की बचत हो सके। इसी कड़ी में रेलवे ने मंडल के अधीन आने वाले 227 छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों को पहले ही एलईडी लाइटों से लेस कर दिया है।
वर्जन
बिजली की बचत के लिए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जोकि काफी कारगर साबित हो रही है। इस सुविधा से प्रतिवर्ष 3 से 3.50 लाख रुपये की बचत होगी। इस सुविधा का विस्तार अंबाला मंडल के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी जल्द ही किया जाएगा।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।