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Ambala News: रुपये ऐंठने का आरोपी नेता गिरफ्तार
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रजत कुमार, शिकायतकर्ता।
बराड़ा। पुलिस के नाम पर रुपये ऐंठने के आरोप में बराड़ा पुलिस ने कथित रूप से आप नेता रहे संजीव को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में उगाला निवासी रजत ने शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की।
बताया जाता है कि संजीव जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुका है। शिकायत में रजत ने बताया कि नाै सितंबर को उसके चाचा के बेटों ने उससे मारपीट की थी। इसकी शिकायत देने के लिए वह मां शशि बाला और चाचा रमेश चंद के साथ बराड़ा थाने गया। यहां थाने के मुख्य गेट पर एक युवक मिला और उसने अपना परिचय दिया कि वो मिल्क शेखां गांव में रहता है और उसका नाम संजीव कुमार है। उसका थाने में रोजाना आना-जाना है और पुलिस वालों से उसकी अच्छी पहचान है।
उसने कहा कि वह उसे 20 हजार रुपये दे, जिससे कि फैसला उसके पक्ष में करा सके। इसके बाद संजीव कुमार अपने जानकार योगेश धीमान नामक व्यक्ति के पास ले गया और उसके पास 10 हजार गूगल पे किए। योगेश धीमान ने उसे 10 हजार रुपये नगद दे दिए। यह पैसे संजीव मिल्क ने पुलिस को रिश्वत देने के लिए लिए।
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आरोप है कि रुपये लेकर संजीव थाने के अंदर गया तो थाना प्रभारी ने उसे धमकाते हुए रुपये लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद वो रुनसे नीचे गिर गए तो यह पैसे लेकर संजीव मौके से भाग गया। कुछ देर बाद संजीव ने आकर रुपये वापस कर दिए। रजत ने बताया कि इसके बाद वह अपने चाचा के बेटों की शिकायत देकर घर आ गए। रात को 11 बजे संजीव मिल्क उनके घर उगाला में आया और कहा कि उसकी पुलिस से बात हो चुकी है और वह उसे 10 हजार रुपए दे दे। रजत ने बताया कि उसने संजीव को 10 हजार रुपये दे दिए। बाद में उसे पता लगा कि संजीव का काम लोगों को बेवकूफ बनाकर ऐसे मामलों में दखलअंदाजी करना है और पुलिस को रिश्वत देने के नाम पर पैसे लेता है जबकि वो खुद रख लेता है। पुलिस ने रजत की शिकायत पर मामला दर्ज करके संजीव को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्जन
संजीव कुमार अपने किसी मामले को लेकर थाने में आया था। उसने रजत से पुलिस के नाम पर पैसे वापस मांगे लेकिन हमने रजत को पैसे वापस करा दिए थे। बाद में संजीव उसके घर जाकर फिर पैसे ले आया। संजीव के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के नाम पर पैसे लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुलशन कुमार, थाना प्रभारी बराड़ा।
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बताया जाता है कि संजीव जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुका है। शिकायत में रजत ने बताया कि नाै सितंबर को उसके चाचा के बेटों ने उससे मारपीट की थी। इसकी शिकायत देने के लिए वह मां शशि बाला और चाचा रमेश चंद के साथ बराड़ा थाने गया। यहां थाने के मुख्य गेट पर एक युवक मिला और उसने अपना परिचय दिया कि वो मिल्क शेखां गांव में रहता है और उसका नाम संजीव कुमार है। उसका थाने में रोजाना आना-जाना है और पुलिस वालों से उसकी अच्छी पहचान है।
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उसने कहा कि वह उसे 20 हजार रुपये दे, जिससे कि फैसला उसके पक्ष में करा सके। इसके बाद संजीव कुमार अपने जानकार योगेश धीमान नामक व्यक्ति के पास ले गया और उसके पास 10 हजार गूगल पे किए। योगेश धीमान ने उसे 10 हजार रुपये नगद दे दिए। यह पैसे संजीव मिल्क ने पुलिस को रिश्वत देने के लिए लिए।
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आरोप है कि रुपये लेकर संजीव थाने के अंदर गया तो थाना प्रभारी ने उसे धमकाते हुए रुपये लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद वो रुनसे नीचे गिर गए तो यह पैसे लेकर संजीव मौके से भाग गया। कुछ देर बाद संजीव ने आकर रुपये वापस कर दिए। रजत ने बताया कि इसके बाद वह अपने चाचा के बेटों की शिकायत देकर घर आ गए। रात को 11 बजे संजीव मिल्क उनके घर उगाला में आया और कहा कि उसकी पुलिस से बात हो चुकी है और वह उसे 10 हजार रुपए दे दे। रजत ने बताया कि उसने संजीव को 10 हजार रुपये दे दिए। बाद में उसे पता लगा कि संजीव का काम लोगों को बेवकूफ बनाकर ऐसे मामलों में दखलअंदाजी करना है और पुलिस को रिश्वत देने के नाम पर पैसे लेता है जबकि वो खुद रख लेता है। पुलिस ने रजत की शिकायत पर मामला दर्ज करके संजीव को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्जन
संजीव कुमार अपने किसी मामले को लेकर थाने में आया था। उसने रजत से पुलिस के नाम पर पैसे वापस मांगे लेकिन हमने रजत को पैसे वापस करा दिए थे। बाद में संजीव उसके घर जाकर फिर पैसे ले आया। संजीव के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के नाम पर पैसे लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुलशन कुमार, थाना प्रभारी बराड़ा।

रजत कुमार, शिकायतकर्ता।