फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Lack of EMT staff for patients becomes a problem

Ambala News: मरीजों के लिए ईएमटी स्टाफ की कमी बनी मर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Apr 2025 01:08 AM IST
विज्ञापन
Lack of EMT staff for patients becomes a problem
अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा तो पहले से ही खस्ता हाल से गुजर रही है। अब एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन स्टाफ की कमी भी मरीजों पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन

हालात ऐसे हैं कि जिला में ईएमटी की कुल 68 स्वीकृत पोस्ट हैं, मगर 34 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं। बाकी 34 पद रिक्त हैं। कर्मचारियों की यह कमी मरीजों को मुसीबत में डाल रही है। कई बार देखने में आता है कि रात के समय मरीजों को ईएमटी समय पर नहीं मिल पाते। ईएमटी का मुख्य कार्य एंबुलेंस में लाए गए मरीजों को सफर के दौरान सहयोग करना और मेडिकल उपकरणों को संचालित करना होता है।
विज्ञापन

पहला मामला
28 मार्च को रात करीब 12 बजे हादसे में घायल 22 वर्षीय युवक आया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे चिकित्सक ने पीजीआई के लिए रेफर कर दिया था। जिसके बाद एंबुलेंस बुलाई गई तो ईएमटी के अभाव में मरीज को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद कर्मचारी पहुंचा और मरीज को ले जाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरा मामला
28 मार्च को ही पंजाब निवासी महिला हादसे में घायल हो गई थी। इसे सिटी के नागरिक अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को भी रेफर करना पड़ा। एंबुलेंस बुलाने पर ईएमटी कर्मी की फिर से कमी खली तो दूसरे मामले से लौटी एंबुलेंस के कर्मचारी को एक घंटे बाद भेजा गया।
तीसरा मामला
बीते सप्ताह ही एक सड़क हादसे में घायल एक युवक साढ़े 10 बजे आया था। जिसे भी कर्मचारी के अभाव में काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। दूसरे मरीज को छोड़ने गई एंबुलेंस आने के बाद कर्मचारी को मरीज के साथ भेजा गया।
व्यवस्था एक महिला ईएमटी के सहारे
गर्भवतियों को एंबुलेंस में ले जाने के लिए महिला ईएमटी स्टाफ की जरूरत होती है। जिले में सिर्फ एक ही महिला ईएमटी कर्मचारी है। ऐसे में गर्भवतियों को ले जाने के लिए भी पुरुष कर्मचारियों को भेजना पड़ रहा है। कई बार गर्भवती रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे देती है। ऐसे में पुरुष ईएमटी को ही प्रसव करवाना पड़ता है। जिले में आठ से 10 महिला ईएमटी की जरूरत है।
एनएचएम ने नहीं की भर्ती
एंबुलेंस कर्मचारी एनएचएम के तहत आते हैं। विभाग की ओर से मांग भेजने के बाद भी अभी तक निदेशालय की ओर से भर्ती नहीं की गई है। बीते वर्ष टीएडीए के मामले को लेकर भर्ती पर रोक लगाई हुई है। जिसका खामियाजा अब मरीज भुगत रहे हैं।

वर्जन
हमारी ओर से बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जाता है। कर्मचारियों के लिए मांग पत्र भेजा हुआ है। इसमें ईएमटी कर्मी भी शामिल हैं। फिलहाल व्यवस्था को बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. हितार्थ, नोडल अधिकारी एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग, अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed