{"_id":"225a425f147b70d9541e74ccde996093","slug":"juvenile-will-labour-in-civil-hospital-everyday-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोज तीन घंटे सिविल अस्पताल में करेंगे श्रमदान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोज तीन घंटे सिविल अस्पताल में करेंगे श्रमदान
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Thu, 04 Feb 2016 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा नेता के बेटे पर हमला करने और वीडियो बनाने के तीन नाबालिग आरोपी अब रोजाना तीन घंटे सिविल अस्पताल अंबाला सिटी में तीन घंटे के लिए काम करेंगे। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इन तीनों के भविष्य को देखते हुए यह फैसला सुनाया है। यह तीनों एक मार्च तक श्रमदान करेंगे।
यह है मामला
अप्रैल 2015 में एक भाजपा नेता के बेटे पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था, जिसमें नाबालिग भी शामिल थे। इतना ही नहीं हमले के दौरान भाजपा नेता के बेटे की पिटाई का वीडियो भी बनाया गया था और यह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया था। इस मामले की जांच करते हुए सदर थाना पुलिस ने तीन नाबालिगों सहित कुछ अन्य पर मामला दर्ज किया था। नाबालिगों का यह मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास पहुंचा।
यह सुनाया फैसला
बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट जज रेखा, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड मैंबर डा. कुलदीप सिंह, मेंबर नीलम ने फैसला सुनाया कि तीनों नाबालिग चार फरवरी से एक मार्च तक सिविल अस्पताल अंबाला सिटी में काम करेंगे। इस दौरान इन पर निगरानी भी रखी जाएगी, इनका जिम्मा अब सिविल अस्पताल प्रशासन को सौंपा गया है।
विज्ञापन
---------
नाबालिगों के भविष्य को लेकर लिया फैसला
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड मेंबर डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि बोर्ड ने नाबालिगों के भविष्य को लेकर यह फैसला लिया है कि चार फरवरी से एक मार्च तक रोजाना अस्पताल में मरीजों की तीन घंटे सेवा करेंगे। इस सजा का मकसद इन नाबालिगों को उनकी भूल का अहसास करना है, जबकि उनकी पढ़ाई पर कोई प्रभाव न पड़े।
विज्ञापन
यह है मामला
अप्रैल 2015 में एक भाजपा नेता के बेटे पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था, जिसमें नाबालिग भी शामिल थे। इतना ही नहीं हमले के दौरान भाजपा नेता के बेटे की पिटाई का वीडियो भी बनाया गया था और यह सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया था। इस मामले की जांच करते हुए सदर थाना पुलिस ने तीन नाबालिगों सहित कुछ अन्य पर मामला दर्ज किया था। नाबालिगों का यह मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास पहुंचा।
विज्ञापन
यह सुनाया फैसला
बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट जज रेखा, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड मैंबर डा. कुलदीप सिंह, मेंबर नीलम ने फैसला सुनाया कि तीनों नाबालिग चार फरवरी से एक मार्च तक सिविल अस्पताल अंबाला सिटी में काम करेंगे। इस दौरान इन पर निगरानी भी रखी जाएगी, इनका जिम्मा अब सिविल अस्पताल प्रशासन को सौंपा गया है।
विज्ञापन
---------
नाबालिगों के भविष्य को लेकर लिया फैसला
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड मेंबर डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि बोर्ड ने नाबालिगों के भविष्य को लेकर यह फैसला लिया है कि चार फरवरी से एक मार्च तक रोजाना अस्पताल में मरीजों की तीन घंटे सेवा करेंगे। इस सजा का मकसद इन नाबालिगों को उनकी भूल का अहसास करना है, जबकि उनकी पढ़ाई पर कोई प्रभाव न पड़े।