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गला घोटकर हत्या के बाद टाटा डोकोमों कर्मी को लटका दिया था फंदे पर, दो को उम्रकैद
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अंबाला सिटी। कबूलपुर के 25 वर्षीय परविंदर सिंह की गला घोटकर हत्या करने वाले मुजरिम हरजिंद्र सिंह व मीना देवी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मुजरिमों ने परविंद्र की हत्या के बाद पुलिस व परिवार को गुमराह करने के लिए उसका शव अधोया के खेतों में स्थित एक ट्यूबवेल की सीढ़ियों पर बने बीम से लटका दिया था। पोस्टमार्टम के बाद हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था। तब मार्च 2016 में बराड़ा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दोषियों पर अदालत ने 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है। जुर्माने की अदायगी न होने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शारदा की कोर्ट ने सोमवार को ये फैसला सुनाया है।
हत्या के बाद लटकाया था शव
यमुनानगर के कबूलपुर निवासी परविंद्र उर्फ गोलू की गला घोटकर हत्या की गई थी। मामले को आत्महत्या साबित करने के लिए शव बीम पर लटकाया गया था। पहले परिजन व पुलिस भी इसे आत्महत्या ही मानकर चल रही थी। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा होने के बाद हत्या का केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक दर्जन लोगों के बयान दर्ज करवाए थे। इनमें परिजनों के अलावा पुलिस, डॉक्टर व अन्य लोग शामिल थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चार दिन पूर्व दोनों को दोषी करार दिया था। घटना के बाद से ही ये दोनों जेल में बंद हैं।
टावर ठीक करने के लिए कहकर निकला था घर से
खेतीबाड़ी करने वाले पिता रणजीत सिंह की शिकायत पर दर्ज केस के अनुसार उसका सबसे छोटा बेटा परविंदर था। वह एक मोबाइल कंपनी में टावर ठीक करने की नौकरी करता था।
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24 मार्च 2016 की रात नौ बजे फोन आने के बाद परविंदर ने उन्हें बताया कि उसे टावर ठीक करने जाना है। वह बाइक लेकर चला गया। अगली सुबह दोषी हरविंदर ने अपने पिता को फोन कर बताया कि परविंदर का शव अधोया के ट्यूबवेल की सीढ़ियों पर बने बीम से लटका है। उसने परने से आत्महत्या कर ली है। शव का एमएम कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। उसके बाद उसे फंदे पर लटकाया गया। जांच में सामने आया कि हत्या में हरविंदर व मीना का हाथ है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया गया था। दोषियों ने जमानत के लिए याचिका लगाई जोकि अपराध संगीन होने के कारण रद्द की गई।
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हत्या के बाद लटकाया था शव
यमुनानगर के कबूलपुर निवासी परविंद्र उर्फ गोलू की गला घोटकर हत्या की गई थी। मामले को आत्महत्या साबित करने के लिए शव बीम पर लटकाया गया था। पहले परिजन व पुलिस भी इसे आत्महत्या ही मानकर चल रही थी। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा होने के बाद हत्या का केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक दर्जन लोगों के बयान दर्ज करवाए थे। इनमें परिजनों के अलावा पुलिस, डॉक्टर व अन्य लोग शामिल थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चार दिन पूर्व दोनों को दोषी करार दिया था। घटना के बाद से ही ये दोनों जेल में बंद हैं।
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टावर ठीक करने के लिए कहकर निकला था घर से
खेतीबाड़ी करने वाले पिता रणजीत सिंह की शिकायत पर दर्ज केस के अनुसार उसका सबसे छोटा बेटा परविंदर था। वह एक मोबाइल कंपनी में टावर ठीक करने की नौकरी करता था।
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24 मार्च 2016 की रात नौ बजे फोन आने के बाद परविंदर ने उन्हें बताया कि उसे टावर ठीक करने जाना है। वह बाइक लेकर चला गया। अगली सुबह दोषी हरविंदर ने अपने पिता को फोन कर बताया कि परविंदर का शव अधोया के ट्यूबवेल की सीढ़ियों पर बने बीम से लटका है। उसने परने से आत्महत्या कर ली है। शव का एमएम कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। उसके बाद उसे फंदे पर लटकाया गया। जांच में सामने आया कि हत्या में हरविंदर व मीना का हाथ है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया गया था। दोषियों ने जमानत के लिए याचिका लगाई जोकि अपराध संगीन होने के कारण रद्द की गई।