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Ambala News: राजस्व को चोट पहुंचा रहा अंतरराज्यीय लोकेशन माफिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Nov 2023 01:20 AM IST
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Interstate location mafia hurting revenue
वैभव शर्मा
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अंबाला। अभी तक आपने खनन माफिया, ओवरलोड माफिया या अन्य प्रकार के माफियाओं के बारे में सुना होगा मगर अब एक लोकेशन माफिया भी तैयार हो गया है। यह माफिया सिर्फ हरियाणा ही नहीं, बल्कि हरियाणा की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान तक में अपने पांव पसार चुका है।
अधिकारियों और चेकिंग टीमों की निगरानी सीसीटीवी की तरह करते हैं। इनकी दी रिपोर्ट का असर इतना होता है कि ये करोड़ों का राजस्व एक दिन में उड़ा देते हैं। ये खेल अधिकारियों की नाक के नीचे चलता है। अंबाला ऐसा ही एक वाट्सएप ग्रुप मिला है, जिसकी शिकायत आरटीए सचिव की ओर से कुछ समय पहले कर दी थी, मगर पुलिस ने जब जांच की ताे छह आरोपियों को नामजद किया। इस मामले में संलिप्त आरोपी ट्रांसपोर्टरों के लिए काम कर रहे थे। मगर इस माफिया के तार सिर्फ ट्रांसपोर्टर ही नहीं, बल्कि खनन करने वाले, टैक्स चाेरी करने वाले और शराब कारोबारियों से जुड़े हैं।
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मोबाइल और बाइक होना पात्रता

लोकेशन शेयर के इस खेल को चलाने के लिए लोकेशन माफिया कुछ लोगों को ग्रुप एडमिन बनाकर काम शुरू करता है। यह लोग अलग-अलग रूट पर लड़कों को 1500 से 2500 रुपये तक में नियुक्त करते हैं। इसमें मोटरसाइकिल और मोबाइल होना पात्रता होती है। इसके बाद अधिकारी या जांच टीम के दफ्तर से निकलने से लेकर घर लौटने तक हर रूट पर बाइक सवार पीछा करते हैं। वह तेजी से सूचना देने के लिए ग्रुप पर वॉयस नोट डालते हैं।
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कानून को ही बना लिया है ढाल

इन लोकेशन शेयर करने वालों को कानून का डर नहीं है, क्योंकि यह वाट्सएप ग्रुप चलाने वाले अक्सर पकड़े जाते हैं तो इनके खिलाफ अधिकतर आईटी एक्ट में केस दर्ज होता है। इसमें आसान जमानत पर आरोपी रिहा हो जाते हैं। इसलिए यह मामला जमकर फलफूल रहा है। अंबाला में एक दिन पहले आए मामले धोखाधड़ी और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने पर केस दर्ज हुआ है। इसमें जमानत भी हो जाती है।

पहला मामला

टैक्स चोरी कर करोड़ाें का नुकसान

वस्तु और सेवा कर आने के बाद से कई वस्तुओं पर 18 फीसद जीएसटी लगाया जाता है। इसमें कबाड़, पान मसाला, बीडी और सिगरेट उत्पाद हरियाणा के आसपास के राज्याें से खूब प्रदेश में आते हैं और यहां से अन्य राज्याें को भी सप्लाई होते हैं। यदि ऐसे एक ट्रक को वाट्सएप ग्रुप वाले बिना टैक्स लगाए निकलवा दिया तो उनकी लाखों में कमीशन बन जाती है। कबाड़ी की बात करें तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से रोजाना कई ट्रक अंबाला को भी पार कर पंजाब में आते-जाते हैं।
दूसरा मामला

खनन माफिया के लिए भी कर रहे काम

अंबाला, यमुनानगर और अन्य कई जिलों में खनन का अच्छा काम है। खासकर अंबाला के नारायणगढ़ क्षेत्र में हंडेसरा कालाआंब की तरफ से रोजाना सैकड़ों डंफर को खनन के कार्य में लगा देखा जा सकता है। मगर यहां भी देखने को मिलता है कि खनन माफिया के पास पहले ही आरटीए चेकिंग की जानकारी पहुंच जाती है। ऐसे में यह चालक इतने प्रशिक्षित हैं कि अपने डंफर जब तक चेकिंग चल रही है तब तक या तो पंजाब की सीमा में या हिमाचल प्रदेश की सीमा में खड़ा कर देंगे।
तीसरा मामला

शराब माफिया के लिए भी उपयोगी लोकेशन

दूसरे राज्य से शराब तस्करी होने पर ट्रक के ट्रक सड़क मार्ग से ही भेजे जाते हैं। जब तक पुलिस और आबकारी विभाग जांच पर है तब तक ट्रक नहीं गुजरते हैं और रोड साइड चेकिंग बंद तो वैसे ही ट्रकों को पार कर दिया जाता है।





वर्जन



वाट्सएप पर अधिकारियों की लोकेशन करने के पहले भी मामले सामने आए हैं। इस मामले को भी हमने कुछ समय पहले पुलिस को दिया था। अब उन्होंने एफआईआर दर्ज की है। मामलों पर पुलिस जैसे-जैसे जांच करेगी तभी इन ग्रुपों के नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
-सुशील कुमार, सचिव, आरटीए, अंबाला
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