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Ambala News: चावल मिलों की जांच हुई शुरू 211 सैलरों का हो रहा सत्यापन
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अंबाला। जीटी बेल्ट के जिलों में राइस मिलों में मिल रही कमियाें की जांच अंबाला तक भी पहुंच गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसके लिए जिला में मौजूद सभी राइस मिलों पर दस्तावेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है। इसमें अभी तक एक ही राइस मिल पकड़ में आई है, जिनके यहां गड़बड़ी पाई गई।
इस पर एफआईआर भी हैफेड करा चुका है। ऐसे में और भी राइस मिलर हो सकते हैं जिनके यहां स्टॉक में गड़बड़ी हो। इसी के चलते जिला में खाद्य आपूर्ति विभाग दर्जनभर टीमों के साथ अलग-अलग राइस मिलों में सत्यापन कार्य के लिए जा रहा है।
अंबाला में 211 सेलर हैं। जिसमें से अभी 20 प्रतिशत ही सेलरों के यहां सत्यापन का कार्य हो सका है। यह टीम लगातार इस कार्य को कर रही है।
सत्यापन में देखा जा रहा है चावल का स्टाक : खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस राइस मिलरों को धान देते हैं। राइस मिलरों को एक क्विंटल धान का 67 प्रतिशत सरकार को वापस देते हैं। मिलिंग के कार्य के लिए सेलरों को 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन मिलता है। यह रेट 25 साल से ऐसा ही चल रहा है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऐसे में अभी इस मामले में ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलरों के यहां पहुंचकर टीमें स्टॉक का मिलाकर रही हैं। इसी में एक राइस मिल की गड़बड़ी पकड़ी गई थी।
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इस पर एफआईआर भी हैफेड करा चुका है। ऐसे में और भी राइस मिलर हो सकते हैं जिनके यहां स्टॉक में गड़बड़ी हो। इसी के चलते जिला में खाद्य आपूर्ति विभाग दर्जनभर टीमों के साथ अलग-अलग राइस मिलों में सत्यापन कार्य के लिए जा रहा है।
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अंबाला में 211 सेलर हैं। जिसमें से अभी 20 प्रतिशत ही सेलरों के यहां सत्यापन का कार्य हो सका है। यह टीम लगातार इस कार्य को कर रही है।
सत्यापन में देखा जा रहा है चावल का स्टाक : खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस राइस मिलरों को धान देते हैं। राइस मिलरों को एक क्विंटल धान का 67 प्रतिशत सरकार को वापस देते हैं। मिलिंग के कार्य के लिए सेलरों को 10 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन मिलता है। यह रेट 25 साल से ऐसा ही चल रहा है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऐसे में अभी इस मामले में ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलरों के यहां पहुंचकर टीमें स्टॉक का मिलाकर रही हैं। इसी में एक राइस मिल की गड़बड़ी पकड़ी गई थी।
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