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Ambala News: अनाज मंडियों में अधूरे इंतजाम, किसानों का भीगा धान
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अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में बरसात में भीगा धान। संवाद
किसी ने अपने खरीदे तिरपालों से फसल ढकने का किया प्रयास तो कुछ ने शेड के नीचे रखी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी की मोहड़ा, अंबाला सिटी, बराड़ा, शहजादपुर और नारायणगढ़ अनाज मंडी में रविवार को अचानक हुई बारिश से धान भीग गया। अधूरे इंतजामों के कारण मंडी प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही किसानों को अपनी महीनों की मेहनत बचाने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी।
आसमान में बादल छाने और बारिश शुरू होने से मंडी में किसानों की भागदौड़ मच गई। कई किसानों ने अपने खरीदे तिरपालों से फसल ढकने का प्रयास किया। कुछ किसानों ने शेड के नीचे बची जगह में बोरियों को बचाने की कोशिश की। इसके बावजूद, अधिकांश किसानों का धान खुले में पड़ा रहा। बोरियों के मुंह खुले होने के कारण बारिश का पानी सीधे धान के ढेरों में घुस गया।
तिरपाल से ढका फिर भी भीगा धान
गांव राय माजारा निवासी बलविंदर सिंह ने बताया कि चार दिन से मंडी में धान लेकर आए हुए हैं, लेकिन अभी तक धान का उठान नहीं किया गया है। मंडी अधिकारी नमी ज्यादा होने का बहाना बना रहे हैं और अब खराब मौसम के कारण उनका धान भीग गया है।
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ट्रैक्टर की सहायता से इक्टठा किया धान फिर भी भीगा
सहदपुर गांव निवासी सुल्तान सिंह ने कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आसमान में बादल छाए होने और बारिश की आशंका के कारण उन्होंने अपने पास से श्रमिकों को लगाया और ट्रैक्टर तथा झाड़ू की सहायता से धान को इकट्ठा किया। वह तीन दिन से मंडी में हैं, लेकिन प्रशासन की सुस्ती के कारण उनका धान भीग गया।
शेड में जगह मिलने पर बचा 52 बोरी धान
गांव रोलो निवासी प्रिंस ने बताया कि उनका 52 बोरी धान था, जिसे उन्होंने समय रहते बचा लिया। उसे शेड के नीचे थोड़ी सी जगह मिल गई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत श्रमिकों की मदद से धान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
अधिकतर किसानों ने तिरपाल या फिर शेड के नीचे धान रखकर भीगने से बचा लिया। कुछ किसानों की फसल भीग गई।
- नीरज भारद्वाज, सचिव, नई अनाज मंडी मोहड़ा, छावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी की मोहड़ा, अंबाला सिटी, बराड़ा, शहजादपुर और नारायणगढ़ अनाज मंडी में रविवार को अचानक हुई बारिश से धान भीग गया। अधूरे इंतजामों के कारण मंडी प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही किसानों को अपनी महीनों की मेहनत बचाने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी।
आसमान में बादल छाने और बारिश शुरू होने से मंडी में किसानों की भागदौड़ मच गई। कई किसानों ने अपने खरीदे तिरपालों से फसल ढकने का प्रयास किया। कुछ किसानों ने शेड के नीचे बची जगह में बोरियों को बचाने की कोशिश की। इसके बावजूद, अधिकांश किसानों का धान खुले में पड़ा रहा। बोरियों के मुंह खुले होने के कारण बारिश का पानी सीधे धान के ढेरों में घुस गया।
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तिरपाल से ढका फिर भी भीगा धान
गांव राय माजारा निवासी बलविंदर सिंह ने बताया कि चार दिन से मंडी में धान लेकर आए हुए हैं, लेकिन अभी तक धान का उठान नहीं किया गया है। मंडी अधिकारी नमी ज्यादा होने का बहाना बना रहे हैं और अब खराब मौसम के कारण उनका धान भीग गया है।
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ट्रैक्टर की सहायता से इक्टठा किया धान फिर भी भीगा
सहदपुर गांव निवासी सुल्तान सिंह ने कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आसमान में बादल छाए होने और बारिश की आशंका के कारण उन्होंने अपने पास से श्रमिकों को लगाया और ट्रैक्टर तथा झाड़ू की सहायता से धान को इकट्ठा किया। वह तीन दिन से मंडी में हैं, लेकिन प्रशासन की सुस्ती के कारण उनका धान भीग गया।
शेड में जगह मिलने पर बचा 52 बोरी धान
गांव रोलो निवासी प्रिंस ने बताया कि उनका 52 बोरी धान था, जिसे उन्होंने समय रहते बचा लिया। उसे शेड के नीचे थोड़ी सी जगह मिल गई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत श्रमिकों की मदद से धान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
अधिकतर किसानों ने तिरपाल या फिर शेड के नीचे धान रखकर भीगने से बचा लिया। कुछ किसानों की फसल भीग गई।
- नीरज भारद्वाज, सचिव, नई अनाज मंडी मोहड़ा, छावनी

अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में बरसात में भीगा धान। संवाद

अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में बरसात में भीगा धान। संवाद

अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में बरसात में भीगा धान। संवाद

अंबाला छावनी की मोहडा अनाज मंडी में बरसात में भीगा धान। संवाद