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Ambala News: सफाई के नाम पर बजट ''''साफ'''', गंदगी बरकरार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2025 01:10 AM IST
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In the name of cleanliness, the budget is "clean", but the dirt remains
अंबाला सिटी। सफाई के नाम पर नगर निगम क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन गंदगी है कि साफ होने का नाम नहीं ले रही। आलम ये है कि सफाई होते ही गंदगी फिर फैल जाती है।
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निगम के डंपिंग प्वाइंट पर गोवंश मुंह मारते हैं। फिलहाल निगम सफाई पर हर महीने डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। फिर भी शहर में गंदगी नजर आती है। यदि बात करें पूरे जिले कि यह खर्च आठ करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। इनमें सफाई कर्मचारियों का वेतन, नालों की सफाई, ट्राॅलियों का किराया और मशीनरी भी शामिल हैं।
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निगम आयुक्त सचिन गुप्ता भी सफाई देखने के लिए निरीक्षण कर चुके हैं। वहीं, निगम ने सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए हर सप्ताह सफाई अभियान भी शुरू किया है। पिछले पांच वर्ष में निगम लगभग 80 करोड़ से ज्यादा का बजट सफाई के लिए खर्च कर चुका है।
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एजेंसी को हर महीने एक करोड़ का भुगतान
निगम ने एक एजेंसी को घर-घर से कूड़ा उठाने का टेंडर दिया है। यह एजेंसी कूड़े को पटवी प्लांट तक पहुंचाती है। यह टेंडर दो वर्ष के लिए है। निगम सफाई के लिए एजेंसी को करीब एक करोड़ रुपये प्रतिमाह दे रहा है। दो वर्ष में 24 करोड़ रुपये सफाई पर खर्च होंगे। इसी तरह निगम ने 10 ट्राॅली भी किराये पर ली हैं। उनका भी करीब तीन लाख महीना खर्च है। सफाई कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य मशीनरी खर्च मिलाकर यह बजट ज्यादा बढ़ जाता है। अभी नालों की सफाई का टेंडर भी होना है। यह भी लाखों रुपयों का होगा।

ये है पिछले पांच वर्षों की रैंकिंग
-2020 में एक से 10 लाख की जनसंख्या तक की आबादी वाले शहरों में अंबाला 120वें स्थान पर था।
- 2021 में शहर हरियाणा के छह सबसे साफ शहरों में था। स्वच्छता सर्वे में निगम 90वें पायदान पर पहुंचा था। छावनी नगर परिषद की 132वीं रैंकिंग थी। शहर निगम को प्रदेश के सात शहरों के बीच कांस्य पदक मिला था।
-2022 में शहर एक पायदान नीचे खिसककर 91वें स्थान पर पहुंच गया। निगम ने एक लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में 91वीं रैंक हासिल की थी।
-2023 में शहर के नगर निगम को 8वां और नगर परिषद अंबाला सदर को 10वां स्थान मिला था। नारायणगढ़ नगर पालिका सातवें स्थान पर रही थी।
-2024 में स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम शहर को प्रदेश में आठवीं और नगर परिषद अंबाला सदर को 10वीं रैंक मिली। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर नगर निगम शहर को 205वीं और नगर परिषद सदर को 245वीं रैंकिंग मिली।

निगम की बैठक में उठ चुके सवाल
शहर से रोजाना करीब 200 टन कूड़ा उठ रहा है। यह कूड़ा घर-घर से उठने के बाद डंपिंग प्वाइंट पर जाता है और उसके बाद पटवी प्लांट में ले जाते हैं। इससे पूर्व नगर निगम की बैठक में भी सवाल उठ चुके हैं। बीते वर्ष सीएम फ्लाइंग की टीम को शहर में निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर गंदगी मिली थी।
वर्ष 2024 रिपोर्ट कार्ड

नगर निगम अंबाला शहर

देशभर में रैंकिंग 205, राज्य में आठवां रैंक

डोर टू डोर कलेक्शन और वेस्ट---90 प्रतिशत

सोर्स सेग्रीगेशन---26 प्रतिशत

वेस्ट जेनरेशन और प्रोसेसिंग---2 प्रतिशत

कूड़ेदानों का निवारण---100 प्रतिशत

आवासीय क्षेत्रों की साफ-सफाई-----83 प्रतिशत

बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई----83 प्रतिशत

जल निकायों की सफाई----92 प्रतिशत

सार्वजनिक शौचालय---83 प्रतिशत

नगर परिषद अंबाला सदर

देशभर में रैंकिंग 245, राज्य में 10वीं रैंक

डोर टू डोर क्लेक्शन और वेस्ट---93 प्रतिशत

सोर्स सेग्रीगेशन---22 प्रतिशत

वेस्ट जनरेशन और प्रोसेसिंग---07 प्रतिशत

कूड़ेदानों का निवारण---0 प्रतिशत

आवासीय क्षेत्रों की साफ-सफाई-----91 प्रतिशत

बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई---91 प्रतिशत

जल निकायों की सफाई----100 प्रतिशत

सार्वजनिक शौचालय---100 प्रतिशत

बराड़ा

देशभर में रैंकिंग 2850, राज्य में 44वीं रैंक

डोर टू डोर कलेक्शन व वेस्ट---04 प्रतिशत

सोर्स सेग्रीगेशन--- 02 प्रतिशत

वेस्ट जनरेशन और प्रोसेसिंग---00 प्रतिशत

कूड़ेदानों का निवारण---00 प्रतिशत

आवासीय क्षेत्रों की साफ-सफाई-----07 प्रतिशत

बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई---06 प्रतिशत

जल निकायों की सफाई----33 प्रतिशत

सार्वजनिक शौचालय---00 प्रतिशत

नारायणगढ़

देशभर में रैंकिंग 1399, राज्य में 07वीं रैंक

डोर टू डोर क्लेक्शन और वेस्ट---90 प्रतिशत

सोर्स सेग्रीगेशन---18 प्रतिशत

वेस्ट जनरेशन और प्रोसेसिंग---35 प्रतिशत

कूड़ेदानों का निवारण---00 प्रतिशत

आवासीय क्षेत्रों की साफ-सफाई---69 प्रतिशत

बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई---69 प्रतिशत

जल निकायों की सफाई---47 प्रतिशत

सार्वजनिक शौचालय---50 प्रतिशत
वर्जन
शहर में सफाई व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। हर सप्ताह शुक्रवार को सफाई अभियान भी शुरू किया है और कई डंपिंग प्वाइंट भी खत्म किए गए हैं।
सुशील कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
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